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तीसरी तिमाही में कंपनियों की कमाई उम्मीद से बेहतर, NSE 200 में घटा डाउनग्रेड दबाव

इसकी वजह तेल एवं गैस, खनन एवं धातु, सरकारी बैंक और वाहन क्षेत्र के मुनाफे में उछाल थी। इससे डाउनग्रेड और अपग्रेड का अनुपात कुछ कम हुआ

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कृष्ण कांत   
राम प्रसाद साहू   
Last Updated- March 03, 2026 | 11:39 PM IST

वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनियों की मुख्य आय बाजार अनुमानों से बेहतर रही। इसकी वजह तेल एवं गैस, खनन एवं धातु, सरकारी बैंक और वाहन क्षेत्र के मुनाफे में उछाल थी। इससे डाउनग्रेड और अपग्रेड का अनुपात कुछ कम हुआ।

यस सिक्योरिटीज के अनुसार एनएसई-200 की 39 प्रतिशत कंपनियों के वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद वित्त वर्ष 2027 के लिए उनकी आगामी प्रति शेयर आय में 2 प्रतिशत या इससे ज्यादा की कटौती हुई या डाउनग्रेड हुआ। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद लगभग 28 प्रतिशत इंडेक्स कंपनियों में अर्निंग डाउनग्रेड हुआ था।

दूसरी तरफ, इंडेक्स में शामिल 23 फीसदी कंपनियों की कमाई वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद बढ़ी। दूसरी तिमाही के नतीजों के अंत में ऐसी कंपनियों में यह 20.6 फीसदी बढ़ोतरी थी। तुलना करें तो 38 प्रतिशत कंपनियों की वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित ईपीएस में वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद ऐसी कंपनियों में 51.5 प्रतिशत की कमी आई थी।

इससे छह तिमाहियों में एक अंक की वृद्धि के बाद संपूर्ण कॉरपोरेट आय में बदलाव की उम्मीद फिर से जगी है। यहां बीएसई-200 की पांच-पांच कंपनियां शामिल की गई हैं जिनके तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद उनकी आगामी ईपीएस में सबसे बड़ा अपग्रेड और डाउनग्रेड हुआ है। यह निवेशकों के लिए इक्विटी पोर्टफोलियो को उसी हिसाब से बदलने का मौका है क्योंकि कंपनियों के ईपीएस में बदलाव का असर उनके शेयर भाव पर पड़ने की संभावना रहती है।

First Published : March 3, 2026 | 11:39 PM IST