अर्थव्यवस्था

India-US Trade Deal: भारत को 6 महीने के अंदर तय करना होगा कोई एक मानक

यूएसटीआर रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत अमेरिकी खाद्य पदार्थों और कृषि उत्पादों के आयात में लंबे समय से चली आ रही गैर-शुल्क बाधाओं का भी दूर करेगा

Published by
श्रेया नंदी   
Last Updated- March 03, 2026 | 11:33 PM IST

अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता लागू होने के छह महीने के अंदर भारत को यह तय करना होगा कि वह कुछ खास क्षेत्र में व्यापार के लिए परीक्षण मानदंडों सहित अमेरिकी मानकों को स्वीकार करेगा या अंतरराष्ट्रीय मानकों को। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) द्वारा जारी 2026 व्यापार नीति एजेंडा और वार्षिक रिपोर्ट 2025 में इसका उल्लेख किया गया है। इस कदम से भारत में अमेरिकी माल की बाजार पहुंच आसान होने की उम्मीद है। यूएसटीआर रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत अमेरिकी खाद्य पदार्थों और कृषि उत्पादों के आयात में लंबे समय से चली आ रही गैर-शुल्क बाधाओं का भी दूर करेगा।

रिपोर्ट के अनुसार अंतरिम व्यापार करार के तहत भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही रुकावटों को दूर करेगा और साथ ही सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सामान के लिए बाजार पहुंच में देरी करने वाले या मात्रात्मक रोक लगाने वाले आयात लाइसेंस की प्रक्रिया को खत्म करेगा। इसके साथ ही समझौते के लागू होने के 6 महीने के अंदर यह तय करेगा कि चिह्नित किए गए क्षेत्रों में उत्पाद के परीक्षण सहित अमेरिकी मानक या अंतरराष्ट्रीय मानदंड भारतीय बाजार के अनुकूल है या नहीं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देश पारस्परिक लाभ वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को पूरा करने के लिए अंतरिम करार को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। संवेदनशील मुद्दों पर गतिरोध के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत का मकसद बाजार पहुंच बढ़ाना, शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करना और व्यापार के नए नियम बनाना है। साथ ही भारत के साथ व्यापार अधिशेष के मुद्दे को भी सुलझाना है।

अमेरिका अक्सर कहता रहा है कि भारत में किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था के मुकाबले सबसे ज्यादा शुल्क लगता है और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गैर-शुल्क बाधाओं के उपयोग से अमेरिकी उत्पादों के लिए भारत की बाजार पहुंच सीमित हुई है। द्विपक्षीय व्यापार करार पर बातचीत के जरिये यूएसटीआर भारत के साथ मिलकर अमेरिकी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को खोलने पर काम कर रहा है।

2025 में भारत के साथ व्यापार में अमेरिका का व्यापार घाटा 58.2 अरब डॉलर था जिसे कम करने पर भी काम चल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2025 में अमेरिका और भारत ने व्यापार करार पर बातचीत का दायरा तय किया था जिसमें शुल्क घटाने, गैर-शुल्क बाधाओं को खत्म करने तथा कई क्षेत्रों में नियम-आधारित प्रतिबद्धता हासिल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार करार की रूपरेखा का खुलासा किया। दोनों पक्षों ने मार्च के अंत तक इस करार पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रखा है। रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क को अमेरिका ने हटा लिया और 25 फीसदी के जवाबी शुल्क को घटाकर 18 फीसदी करने पर सहमति जताई।

हालांकि अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने देश विशिष्ट के हिसाब से लगाए गए ट्रंप प्रशासन के शुल्क आदेशों को रद्द कर दिया। इसके बाद ट्रंप प्रशासन व्यापार कानून की धारा 122 के तहत सभी देशों पर 150 दिनों के लिए 10 फीसदी अधिभार लगा दिया। ट्रंप ने विभिन्न देशों को चेतावनी दी है कि वे बातचीत से हुए ट्रेड डील के तहत किए गए वादों से पीछे न हटें।

First Published : March 3, 2026 | 11:33 PM IST