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CNG गाड़ियों की बाढ़, फिर भी गैस कंपनियों के शेयरों पर ब्रोकरेज का ठंडा रुख, कहा- होल्ड करें

CNG वाहनों की मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन बढ़ती लागत और गैस सप्लाई में बदलाव से गैस कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ने की आशंका

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- March 05, 2026 | 10:45 AM IST

Gas Stocks: त्योहारों का सीजन खत्म होने के बाद भी CNG वाहनों की रफ्तार थमती नहीं दिख रही। फरवरी 2026 में वाहन रजिस्ट्रेशन जनवरी के मुकाबले भले थोड़ा सामान्य हुआ हो, लेकिन सालाना आधार पर मांग मजबूत बनी रही। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक CNG वाहनों को अपनाने का रुझान अभी भी तेजी से बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) में रजिस्ट्रेशन 32.1%, महाराष्ट्र गैस लिमिटेड (MGL) में 37.6% और गुजरात गैस में 43.3% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। यही नहीं, कंपनियों के नेटवर्क में CNG की हिस्सेदारी भी बढ़ी है, जिससे यह साफ है कि लोग अब तेजी से पेट्रोल-डीजल छोड़कर CNG की ओर बढ़ रहे हैं।

IGL में सबसे तेज रफ्तार

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में IGL का दबदबा सबसे ज्यादा दिख रहा है। फरवरी में करीब 17,550 CNG वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 32% ज्यादा है।

दिलचस्प बात यह है कि टैक्सी सेगमेंट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। फरवरी में टैक्सी रजिस्ट्रेशन 78% बढ़कर 4,047 यूनिट तक पहुंच गया। गुरुग्राम में टैक्सी रजिस्ट्रेशन में अचानक आई तेजी इसका बड़ा कारण रही।

Gas Stocks: MGL और गुजरात गैस भी दौड़ में आगे

मुंबई क्षेत्र में MGL ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। फरवरी में कंपनी के नेटवर्क में 8,961 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो सालाना आधार पर करीब 37.6% ज्यादा है। तीन पहिया वाहनों और टैक्सियों में CNG की मांग लगातार बढ़ रही है।

वहीं गुजरात गैस भी पीछे नहीं रही। कंपनी के नेटवर्क में फरवरी के दौरान 16,479 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 43.3% ज्यादा है। खासतौर पर टैक्सी सेगमेंट में तेज उछाल देखा गया, जहां रजिस्ट्रेशन 100% से ज्यादा बढ़कर 1,822 यूनिट तक पहुंच गया।

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पेट्रोल-डीजल से अब भी सस्ती CNG

रिपोर्ट के मुताबिक CNG आज भी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले काफी सस्ती है, जो इसकी मांग बढ़ने की बड़ी वजह है। मुंबई में CNG पेट्रोल से करीब 21.7% और डीजल से 10% सस्ती है। वहीं दिल्ली में CNG पेट्रोल से 18.7% और डीजल से 12.1% सस्ती है।

हालांकि कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 में CNG की कीमतों में बढ़ोतरी भी की है। IGL ने दो बार और MGL ने चार बार कीमतें बढ़ाई हैं, फिर भी CNG का फायदा अभी भी बना हुआ है।

बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव

जहां एक तरफ मांग मजबूत है, वहीं दूसरी तरफ कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, एलएनजी की महंगी सप्लाई और एपीएम गैस की लागत बढ़ने से मार्जिन पर असर पड़ सकता है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के मुताबिक फरवरी में IGL और MGL के ईबीआईटीडीए प्रति एससीएम में 0.25 से 0.30 रुपये की गिरावट हो सकती है। वहीं गुजरात गैस में गिरावट करीब 1.2 रुपये प्रति एससीएम तक हो सकती है।

Gas Stocks: आगे क्या रहेगा हाल?

रिपोर्ट के अनुसार आने वाले समय में एपीएम गैस की सप्लाई धीरे-धीरे कम होने और एलएनजी पर निर्भरता बढ़ने से कंपनियों के मार्जिन पर और दबाव आ सकता है। साथ ही महानगरों में CNG वाहनों की हिस्सेदारी पहले से काफी बढ़ चुकी है, जिससे आगे वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है। इन्हीं कारणों से एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने IGL, MGL और गुजरात गैस तीनों शेयरों पर फिलहाल ‘होल्ड’ की सलाह दी है। यानी फिलहाल इन शेयरों में बड़ा उछाल दिखने की संभावना कम मानी जा रही है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : March 5, 2026 | 10:36 AM IST