उत्तर प्रदेश के एक कपल का सपना था कि उनकी प्री वेडिंग फोटोशूट दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा के सामने हो। लेकिन यह सपना अब मुश्किल में बदल गया है। यह कपल अपने पांच रिश्तेदारों के साथ 27 फरवरी को दुबई पहुंचा था और उन्हें 2 मार्च को भारत लौटना था। लेकिन ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण अब वे दुबई में ही फंसे हुए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई उनकी कहानी बता रही है कि हालात अचानक बदल गए और वे कब तक घर लौटेंगे तय नहीं है।
यह मामला अकेला नहीं है। पिछले कुछ सालों में गल्फ देशों में भारतीय डेस्टिनेशन वेडिंग तेजी से पॉपुलर हुई हैं। मार्च और अप्रैल के महीनों में यहां शादियों और प्री-वेडिंग शूट की बड़ी संख्या में बुकिंग होती है। लेकिन मौजूदा तनाव के कारण अब इन योजनाओं पर अनिश्चितता छा गई है।
मुंबई की वेडिंग फोटोग्राफी कंपनी नॉटिंगबेल्स के फाउंडर राजेश सतांकर बताते हैं कि अप्रैल में दुबई में होने वाली उनकी दो शादियों की योजना अब खतरे में है। इनमें से एक शादी 19 से 21 अप्रैल के बीच एमिरेट्स पैलेस में होनी थी। यह शादी कोलकाता के एक परिवार की थी, लेकिन फिलहाल उन्होंने अपनी योजना टाल दी है।
दुबई की इवेंट कंपनी एमजीएम इवेंट्स के लिए भी स्थिति चिंता की है। कंपनी के मालिक पवन मिर्चंदानी बताते हैं कि कई मेहमान पहले ही दुबई पहुंच चुके थे। वे 27 फरवरी के आसपास छुट्टी मनाने के इरादे से पहले आए थे और बाद में शादी में शामिल होने वाले थे।
दूल्हा और दुल्हन 3 मार्च को मुंबई से आने वाले थे, लेकिन अब पूरी शादी रद्द कर दी गई है और जो मेहमान पहले से दुबई में थे, वे वहीं फंसे हुए हैं।
दुबई की इवेंट डिजाइन कंपनी इवेंटचिक डिजाइन्स के सीईओ जार्डेल सिल्वा कहते हैं कि हालात साफ नहीं होने के कारण कई तय कार्यक्रम रुक गए हैं। उनके अनुसार आने वाले सभी इवेंट या तो रद्द कर दिए गए हैं या अनिश्चित समय के लिए टाल दिए गए हैं। सुरक्षा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय यात्रा सलाह पर ही आगे के फैसले निर्भर करेंगे।
दुबई और अबू धाबी के अलावा बहरीन, दोहा, मस्कट और फुजैरा जैसे शहर भी भारतीय डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे। लेकिन मौजूदा तनाव ने इन सभी जगहों पर असर डाला है।
एक अध्ययन के अनुसार गल्फ देशों में डेस्टिनेशन वेडिंग का बाजार 2036 तक लगभग 9.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। 2026 में इसका आकार करीब 4 अरब डॉलर बताया गया था। इस तेजी की वजह पांच सितारा होटलों की बढ़ती संख्या और इटली, ग्रीस तथा वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले कम खर्च होना था। लेकिन फिलहाल यह पूरा अनुमान ठहर सा गया है क्योंकि कई परिवार अपनी योजनाएं रोक रहे हैं।
कई परिवार अब अपनी शादी भारत में करने का फैसला ले रहे हैं। लुधियाना के एक जोड़े की शादी मार्च के दूसरे सप्ताह में दुबई में होने वाली थी, लेकिन अब इसे चंडीगढ़ में आयोजित करने का फैसला किया गया है। मेहमानों के टिकट पहले ही बुक हो चुके थे और दुबई में दो दिन के ठहरने की व्यवस्था भी कर दी गई थी।
इस संकट का आर्थिक असर भी काफी बड़ा है। पवन मिर्चंदानी बताते हैं कि होटल कुछ पैसे वापस कर रहे हैं, लेकिन कई कलाकारों को दूसरे देशों से बुलाया गया था और उनके भुगतान पहले ही किए जा चुके थे। राजेश सतांकर के अनुसार मार्च और अप्रैल में होने वाली शादियों के लिए लगभग 80 प्रतिशत भुगतान पहले ही किया जा चुका था। अब कुछ मामलों में मेहमान भी अपनी यात्रा रद्द कर रहे हैं, जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई है।
हालांकि वेडिंग प्लानर उम्मीद छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना है कि मार्च और अप्रैल के सीजन पर असर जरूर पड़ेगा, लेकिन नवंबर के अगले बड़े वेडिंग सीजन तक हालात सामान्य हो सकते हैं। दुबई की एक अन्य इवेंट कंपनी के संस्थापक वालिद बाज का कहना है कि यह झटका अस्थायी है और यात्रा सामान्य होते ही ज्यादातर समस्याएं हल हो जाएंगी।