महाराष्ट्र

ई-चालान के विरोध में महाराष्ट्र में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल, 5 -6 मार्च को आजाद मैदान में प्रदर्शन

महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी ने 5 मार्च की मध्यरात्रि से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।

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सुशील मिश्र   
Last Updated- March 05, 2026 | 11:24 AM IST

Transporters’ strike in Maharashtra :महाराष्ट्र में परिवहन विभाग की ई-चालान प्रणाली के खिलाफ राज्यभर के ट्रांसपोर्टर्स ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी के नेतृत्व में आगामी 5 और 6 मार्च को मुंबई के आजाद मैदान में एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इस आंदोलन में ट्रक, टेंपो, बस, ऑटो और ट्रॉली सहित लगभग 2 लाख से अधिक वाहन मालिकों के शामिल होने की संभावना है, जिससे राज्य की रसद और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।

महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी ने 5 मार्च की मध्यरात्रि से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। कमेटी के वरिष्ठ सदस्य मलकीत बाल सिंह ने दावा किया कि 17 दिसंबर 2025 को सौंपी गई सिफारिशों पर सरकार ने अब तक कोई अमल नहीं किया है। ट्रांसपोर्टर्स का आरोप है कि एक ही दिन में एक ही उल्लंघन पर कई ई-चालान, पार्किंग व्यवस्था के अभाव में नो पार्किंग जुर्माना और 50 फीसदी राशि जमा किए बिना कोर्ट में सुनवाई न होना जैसे नियम आर्थिक उत्पीड़न के समान हैं। यह कानूनी रूप से अव्यवहारिक और आम वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई है।

ई-चालान से नाराज ट्रांसपोर्टर्स

ट्रांसपोर्टर्स का मुख्य आरोप है कि ई-चालान प्रणाली पूरी तरह दोषपूर्ण और मनमानी है। ई-चालान प्रणाली में भारी जुर्माने और कथित उत्पीड़न के खिलाफ तमाम ट्रांसपोर्टर हड़ताल के साथ मुंबई के आजाद मैदान पर राज्यव्यापी प्रदर्शन करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से महाराष्ट्र में हो रहा है, जिसमें बसों, ट्रकों, ऑटो और ट्रॉलियों सहित विभिन्न परिवहन एसोसिएशन शामिल हैं।

महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित इस मोर्चे में मनमाने ई-चालान रद्द करने और सिस्टम में सुधार की मांग की जा रही है। एमएमआर में बस मालक संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र पाटिल ने कहा कि ई-चालान मनमाने ढंग से जारी किए जा रहे हैं, जिसका असर सभी पर पड़ रहा है।

सप्लाई चेन और परीक्षाओं पर खतरा

दो दिवसीय इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे औद्योगिक शहरों में माल की आवाजाही पर पड़ेगा। दूध, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने का डर है। इसके अलावा, राज्य में वर्तमान में स्कूली परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में बसों और ऑटो की हड़ताल छात्रों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।

सरकार ने की हड़ताप पर न जाने के अपील

इधर राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक न ट्रांसपोर्टरों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल पर न जाएं। इस समय स्कूली बच्चों की परीक्षाओं पर भी हड़ताल का असर पड़ सकता है। परिवहन मंत्री ने आश्वासन दिया है कि गलत ई-चालान रद्द करने पर सकारात्मक विचार किया जा रहा है। इसके लिए 5 मार्च को पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई है।

First Published : March 5, 2026 | 11:24 AM IST