रिपोर्ट के अनुसार मोजतबा खामेनेई अपने पिता के दफ्तर के कामकाज में लंबे समय से अहम भूमिका निभाते रहे थे Image: Wikimedia Commons
ईरान की सत्ता में बड़ा बदलाव होने की खबर सामने आई है। इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का अगला सुप्रीम लीडर बनाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स जल्द ही मोजतबा के नाम का औपचारिक ऐलान कर सकती है। हालांकि अभी तक ईरान के सरकारी मीडिया ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है।
इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि 56 साल के मोजतबा खामेनेई इस पद के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। मोजतबा, अली खामेनेई के दूसरे सबसे बड़े बेटे हैं और लंबे समय से सत्ता के बेहद करीब माने जाते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने कथित तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के भारी दबाव में मोजतबा को नया प्रमुख चुन लिया है।
बताया जाता है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता के दफ्तर के कामकाज में लंबे समय से अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उनके आईआरजीसी और उसकी ताकतवर कुद्स फोर्स के शीर्ष अधिकारियों से बेहद करीबी संबंध बताए जाते हैं।
इजराइली मीडिया का दावा है कि मोजतबा का रुख अपने पिता से भी ज्यादा सख्त माना जाता है। उन पर ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने में बड़ी भूमिका निभाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
नवंबर 2019 में अमेरिका ने मोजतबा खामेनेई पर प्रतिबंध लगा दिए थे। अमेरिकी वित्त विभाग का कहना था कि उन्होंने बिना किसी आधिकारिक सरकारी पद के अपने पिता की ओर से कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। अमेरिका का आरोप है कि अली खामेनेई ने अपनी कुछ शक्तियां मोजतबा को सौंप दी थीं। मोजतबा ने आईआरजीसी की कुद्स फोर्स और बसीज फोर्स के साथ मिलकर अपने पिता की नीतियों को आगे बढ़ाया।
इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई अभी रुकेगी नहीं और तय सैन्य लक्ष्य हासिल किए जाएंगे। पश्चिम एशिया में संघर्ष अब चौथे दिन में पहुंच गया है। अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और कई अन्य बड़े नेताओं की मौत हो चुकी है। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइली ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या मोजतबा खामेनेई ईरान की सबसे ताकतवर कुर्सी संभालेंगे। (ANI के इनपुट के साथ)