केंद्र सरकार ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए बनाए गए नए यूजीसी नियमों का ‘दुरुपयोग’ नहीं होने दिया जाएगा। इन नियमों से किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। वहीं, विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि ये नियम परिसरों में अराजकता पैदा कर सकते हैं। इस बीच, सरकारी नीतियों, विशेष रूप से नए यूजीसी नियमों के विरोध में सेवा से इस्तीफा देने के बाद अनुशासनहीनता के आरोपों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निलंबित बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने खिलाफ सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया और कलेक्ट्रेट में धरना दिया।
भेदभाव संबंधी शिकायतों की जांच करने और समानता को बढ़ावा देने के मकसद से सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए ‘समानता समितियां’ गठित करने को अनिवार्य बनाने वाले नए नियम 13 जनवरी को अधिसूचित किए गए थे।
इन नियमों के विरोध में कई राज्यों में छात्रों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया कि मैं विनम्रतापूर्वक सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी को भी किसी प्रकार के उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा।