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PM मोदी बोले: भारत के उर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश का अवसर, देश बनेगा दुनिया का रिफाइनिंग हब

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का लक्ष्य 2030 तक 10 लाख वर्ग किलोमीटर में खोज क्षमता विस्तार के साथ  तेल एवं गैस क्षेत्र में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करना है

Last Updated- January 27, 2026 | 11:03 PM IST
Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश के ऊर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर निवेश के अवसर हैं। गोवा में शुरू हुए ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मजबूत ऊर्जा तंत्र विकसित करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इससे न केवल घरेलू मांग पूरी होगी बल्कि निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र की वृद्धि और इसमें अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए नीतियों में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का लक्ष्य 2030 तक 10 लाख वर्ग किलोमीटर में खोज क्षमता विस्तार के साथ  तेल एवं गैस क्षेत्र में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करना है। उन्होंने कहा कि देश जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा शोधन केंद्र बन जाएगा और तेल शोधन क्षमता को 26 करोड़ टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 30 करोड़ टन प्रति वर्ष किया जाएगा। मोदी ने कहा, ‘ऊर्जा क्षेत्र हमारी आकांक्षाओं का केंद्र है। इसमें 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के अवसर मौजूद हैं। इसलिए निवेशक आएं और यहां ऊर्जा क्षेत्र में निर्माण से लेकर नवाचार और विस्तार तक हर स्तर पर निवेश करें।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार बेसिन भी देश की अगली हाइड्रोकार्बन उम्मीद के रूप में उभर रहा है। मोदी ने अन्वेषण क्षेत्र में किए गए कई सुधारों पर भी चर्चा की और बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा, ‘भारत ऊर्जा सप्ताह के पिछले संस्करण में जो भी सुझाव दिए गए थे, उनके अनुरूप हमने अपने नियमों में बदलाव किए हैं। यदि आप अन्वेषण क्षेत्र में निवेश करते हैं, तो आपकी कंपनी की लाभप्रदता में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।’

मोदी ने कहा कि भारत की एक और विशेषता ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को अत्यधिक लाभदायक बनाती है। इसकी शोधन क्षमता बहुत अधिक है। इस मामले में भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है और जल्द ही यह पहले स्थान पर होगा। 

उन्होंने बताया कि भारत में एलएनजी की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत ने अपनी कुल ऊर्जा मांग का 15 प्रतिशत एलएनजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए हमें संपूर्ण एलएनजी मूल्य श्रृंखला पर काम करने की आवश्यकता है। भारत परिवहन पर भी बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। हम एलएनजी परिवहन के लिए आवश्यक जहाजों का विनिर्माण यहीं कर रहे हैं।’

मोदी ने बताया कि हाल ही में भारत में जहाज निर्माण के लिए 70,000 करोड़ रुपये का कार्यक्रम शुरू किया गया है। भारत अब ऊर्जा सुरक्षा से आगे बढ़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है। 

ऊर्जा का भरोसेमंद स्रोत बना रहेगा यूएई

भारत ऊर्जा सप्ताह को संबोधित करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उद्योग एवं उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री तथा एडीएनओसी के प्रबंध निदेशक और समूह सीईओ सुल्तान अल जाबेर ने कहा कि उनका देश भारत के लिए ऊर्जा का विश्वसनीय स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा, ‘जैसे-जैसे भारत की शोधन मांग बढ़ेगी, उनकी कंपनी एडीएनओसी विश्वसनीय क्रूड आपूर्तिकर्ता बनी रहेगी।

भारत, एडीएनओसी का नंबर एक एलएनजी बाजार है। एडीएनओसी भारत का सबसे बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता है। यह फीडस्टॉक और रसायनों की आपूर्ति जारी रखेगा।’ यूएई के मंत्री ने कहा कि वर्तमान में ऊर्जा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा जोखिम अति आपूर्ति नहीं, बल्कि कम निवेश है। 

ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए कई सुधार

कार्यक्रम में तेल मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि सरकार क्षमता निर्माण, बाजार की स्थितियों में सुधार और पूर्ण ऊर्जा मिश्रण की मदद से इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा, ‘तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) संशोधन अधिनियम, 2025, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियम, 2025 के साथ सरकार ने तेल और गैस उत्पादन के प्रारंभिक स्तर के ढांचे को मजबूत किया है। इन सुधारों से सिंगल पेट्रोलियम लीज शुरू हुई है। साथ ही समयबद्ध अनुमोदन सुनिश्चित किया गया है और दीर्घकालिक लीज स्थिरता प्रदान करने में मदद मिली है।’

पुरी ने यह भी कहा कि भारत में जहाज निर्माण एक और मजबूत क्षेत्र के रूप में उभरा है। जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का 8 अरब डॉलर का पैकेज देश में क्षमता विस्तार, औद्योगिक क्षमता विकास एवं समुद्री आपूर्ति श्रृंखला में नई निवेश साझेदारी के लिए मजबूत नींव रखता है। यहां तेल और गैस व्यापार में लगभग 60 जहाजों की तत्काल आवश्यकता है, जिसके लिए लगभग 5 अरब डॉलर के निवेश के अवसर मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, ‘मात्रा के हिसाब से भारत के कुल व्यापार में तेल और गैस क्षेत्र की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत है। यह हमारे बंदरगाहों पर संभाला जाने वाला सबसे बड़ा कमोडिटी समूह है।’

दुनिया भर से उद्योग दिग्गज शामिल

इस वर्ष भारत ऊर्जा सप्ताह में चार दिनों में दुनियाभर के 500 ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी 13 वैश्विक सीईओ, भारत के 5 निजी क्षेत्र के दिग्गज, 9 पीएसयू के प्रमुखों के साथ-साथ टोटालएनर्जीज, बीपी, विटोल, एचडी ह्युंडै, एचडी केएसओई, एकर, लांजाटेक, वेदांत, आईईएफ, एक्सेलरेट, वुड मैकिंजी, ट्राफिगुरा, प्रज, रीन्यू और मित्सुई ओएसके लाइन्स आदि कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे।

(साथ में एजेंसियां)

First Published - January 27, 2026 | 11:03 PM IST

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