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NFO: कैसे अलग है जियोब्लैकरॉक का सेक्टर रोटेशन फंड? किसे करना चाहिए निवेश 

जियोब्लैकरॉक के सेक्टर रोटेशन फंड में ₹500 से निवेश शुरू है। यह फंड 9 फरवरी 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा

Last Updated- January 28, 2026 | 3:50 PM IST
JioBlackRock Sector Rotation Fund

NFO Alert: जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट), ने आज अपने नए इक्विटी फंड जियोब्लैकरॉक सेक्टर रोटेशन फंड (JioBlackRock Sector Rotation Fund) को लॉन्च करने की घोषणा की। यह फंड ब्लैकरॉक के सिस्टमैटिक एक्टिव इक्विटीज (SAE) तरीके पर काम करेगा। इस स्कीम का मकसद सेक्टर रोटेशन थीम के तहत इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट में निवेश करके लॉन्ग टर्म में पूंजी बढ़ाना है। यह न्यू फंड ऑफर (NFO) मंगलवार, 27 जनवरी 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है और सोमवार, 9 फरवरी 2026 को बंद होगा।

JioBlackRock Sector Rotation Fund की डिटेल

फंड का नाम – जियोब्लैकरॉक सेक्टर रोटेशन फंड

फंड टाइप – ओपन-एंडेड इक्विटी फंड

NFO ओपन डेट – 27 जनवरी, 2026

NFO क्लोजिंग डेट – 9 फरवरी, 2026

मिनिमम निवेश – ₹500

एग्जिट लोड – शून्य (0)

बेंचमार्क – NIFTY 500 TRI

रिस्क लेवल – बहुत ज्यादा जोखिम (Very High)

फंड मैनेजर – साहिल चौधरी और तन्वी कचेरिया

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क्या है इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी?

जियोब्लैकरॉक सेक्टर रोटेशन फंड को इस तरह बनाया गया है कि यह फ्लेक्सी कैप जैसे कोर इक्विटी निवेश को सपोर्ट करे। यह फंड शेयर चुनने की बजाय अलग-अलग सेक्टरों से बेहतर रिटर्न हासिल करने पर ध्यान देता है। इससे निवेशकों को बदलते हुए बाजार के दौर में निवेश को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलती है।

जहां फ्लेक्सी कैप फंड नीचे से ऊपर (बॉटम अप) तरीके से काम करते हैं और अलग-अलग कंपनियों के शेयर चुनते हैं, वहीं जियोब्लैकरॉक सेक्टर रोटेशन फंड ऊपर से नीचे (टॉप डाउन) तरीके से काम करता है। यह आर्थिक और बाजार की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग सेक्टरों में निवेश को समय-समय पर बदलता रहता है।

अगर दोनों फंड को साथ में इस्तेमाल किया जाए, तो निवेश में विविधता बढ़ती है, जोखिम को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है और समय के साथ रिटर्न को ज्यादा स्थिर बनाया जा सकता है। इसलिए यह फंड मौजूदा इक्विटी निवेश को मजबूत करने के लिए है, न कि उन्हें बदलने के लिए।

जियोब्लैकरॉक सेक्टर रोटेशन फंड कैसे अलग है?

जोखिम को कंट्रोल में रखते हुए और बेंचमार्क को ध्यान में रखकर निवेश: ट्रेडिशनल सेक्टर फंड आमतौर पर कुछ ही सेक्टरों पर ज्यादा दांव लगाते हैं। इसके बजाय यह फंड एक व्यवस्थित और जोखिम-नियंत्रित तरीका अपनाता है। यह निफ्टी 500 इंडेक्स से बेहतर रिटर्न देने के लिए अलग-अलग सेक्टरों में संतुलित तरीके से कम-ज्यादा निवेश करता है और सेक्टर से मिलने वाले रिटर्न पर फोकस करता है।

सिस्टमैटिक और डेटा पर आधारित फैसले: यह फंड क्वांटिटेटिव डेटा और एआई पर आधारित एनालिसिस का इस्तेमाल करके भारतीय शेयर बाजार में अलग-अलग सेक्टर के निवेश अवसरों को परखता है। इस तरीके से व्यक्तिगत राय पर निर्भरता कम होती है और बाजार, अर्थव्यवस्था और कमाई से जुड़े संकेतों के आधार पर बार-बार सही निवेश फैसले लिए जा सकते हैं।

अलग-अलग सेक्टर और मार्केट कैप में पहले से ही विविधता: इस फंड का पोर्टफोलियो इस तरह बनाया गया है कि निवेश अलग-अलग सेक्टरों और कंपनियों के आकार (मार्केट कैप) में फैला रहे। इससे किसी एक थीम या मार्केट साइकिल पर ज्यादा निर्भरता नहीं रहती। यह डायवर्सिफिकेशन पोर्टफोलियो को मजबूत बनाती है और समय के साथ बदलते हुए सेक्टरों में निवेश का फायदा लेने में मदद करती है।

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सिस्टमैटिक एक्टिव इक्विटीज (SAE) पर चलेगा फंड

जियोब्लैकरॉक सेक्टर रोटेशन फंड, ब्लैकरॉक के SAE तरीके पर काम करेगा, जिसमें बड़े डेटा, एडवांस एनालिटिक्स और एक्सपर्ट्स के अनुभव का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद निवेशकों को अलग और बेहतर निवेश नतीजे देना है। AI और नई तकनीक की मदद से यह फंड पारंपरिक और वैकल्पिक डेटा- जैसे सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाएं और नौकरियों से जुड़े डेटा, को निवेश से जुड़ी अहम जानकारी में बदलेगा, जिससे भारतीय निवेशकों को फायदा हो सके।

सेक्टर रोटेशन फंड पर क्यों लगाए दांव?

जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, ऋषि कोहली ने कहा कि, “पिछले 10 सालों में सेक्टर की लीडरशिप बार-बार बदली है, और कई बार इसका अंदाजा लगाना मुश्किल रहा है। उपभोग में बदलाव, नई तकनीक, जियो-पॉलिटिकल और ग्लोबल सप्लाई चेन में लगातार हो रहे बदलावों को देखते हुए, जियोब्लैकरॉक सेक्टर रोटेशन फंड निवेशकों को इन बदलावों में हिस्सा लेने का मौका देगा। यह फंड पोर्टफोलियो में सेक्टरों का वजन समय-समय पर बदलता रहेगा, जैसे-जैसे एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में लीडरशिप बदलती है।”


(डिस्क्लेमर: यहां NFO की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published - January 28, 2026 | 3:50 PM IST

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