Budget 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं को याद किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि मतभेद चाहे जितने भी हों, लेकिन राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर सभी को एकजुट रहना चाहिए।
बजट सत्र की शुरुआत में दिए गए अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का अलग-अलग होना स्वाभाविक है, लेकिन कुछ विषय ऐसे होते हैं जो मतभेदों से ऊपर होते हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी, नेहरू जी, बाबा साहेब आंबेडकर, सरदार पटेल, जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी सभी इस बात में विश्वास रखते थे कि राष्ट्र सर्वोपरि है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प, देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी, राष्ट्रीय एकता और स्वच्छता जैसे विषयों पर संसद को एक स्वर में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यही हमारे संविधान की भावना भी है।
उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे राष्ट्रहित के मुद्दों पर मिलकर चर्चा करें और देश की प्रगति में नई ऊर्जा भरें। राष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत अपने भविष्य के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और आज लिए जा रहे फैसलों का असर आने वाले वर्षों में दिखाई देगा।
राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य किसी एक सरकार या एक पीढ़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली यात्रा है, जिसमें सभी के सामूहिक प्रयास और अनुशासन की जरूरत है।
अपने संबोधन में उन्होंने हाल के वर्षों में मनाए गए ऐतिहासिक अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार पटेल की 150वीं जयंती और भारत रत्न भूपेन हज़ारिका की जन्म शताब्दी समारोहों को याद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देश की एकता और नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का काम करते हैं।
अंत में राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि संसद, सरकार और नागरिक मिलकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे। उन्होंने सभी सांसदों को एक सफल और सार्थक सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं।