facebookmetapixel
Advertisement
Stocks To Watch Today: आज इन शेयरों में होगी तगड़ी हलचल! LIC OFS, Paytm, HFCL और DLF समेत 8 बड़े ट्रिगर्स पर रखें नजरडिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरूREIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत, नई टैक्स व्यवस्था में भी डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्रीडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का दिया निर्देशFuel Prices: पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार रखेगी नजर, जरूरत पड़ने पर उठाएगी कदमTax Amendment Bill 2026: विदेशी निवेशकों के लिए आसान होंगे टैक्स नियम, लोकसभा में विधेयक पेशNSE क्लोजिंग प्राइस विवाद से बदला म्युचुअल फंड NAV, निवेशकों पर दिखा अलग-अलग असर

Economic Survey 2026: वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की स्थिति बेहतर, टैरिफ के बावजूद ग्रोथ में तेजी – सीईए नागेश्वरन

Advertisement

Economic Survey 2026: सीईए नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार सर्वे में कहा गया कि भारत की वृद्धि गति स्वस्थ बनी हुई है और ओवरऑल तस्वीर सकारात्मक है।

Last Updated- January 29, 2026 | 2:20 PM IST
It is necessary to reduce business costs: Nageshwaran

Economic Survey 2026: मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2025–26 के लिए इकोनॉमिक सर्वे जारी किया। उन्होंने कहा कि संभावित वृद्धि दर बढ़कर 7 प्रतिशत हो गई है, जो तीन साल पहले 6.5 प्रतिशत थी।

सीईए नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार सर्वे में कहा गया कि भारत की वृद्धि गति स्वस्थ बनी हुई है और ओवरऑल तस्वीर सकारात्मक है। महंगाई काफी हद तक नियंत्रण में है। बारिश और कृषि की संभावनाएं अनुकूल हैं, बाहरी देनदारियां कम हैं और बैंक अच्छी स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि लिक्विडिटी की स्थिति सहज है, कर्ज वृद्धि ठीक है, कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत हैं और कमर्शियल क्षेत्र में धन का फ्लो मजबूत बना हुआ है।

रुपये को लेकर चिंता

मजबूत आर्थिक बुनियाद के बावजूद सरकार ने करेंसी की स्थिरता को लेकर चिंता जताई है। सर्वे में कहा गया कि 2025 का विरोधाभास यह है कि भारत का दशकों का सबसे मजबूत आर्थिक प्रदर्शन एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था से टकरा गया है, जो अब आर्थिक सफलता के बदले करेंसी स्थिरता, पूंजी प्रवाह या रणनीतिक सुरक्षा नहीं देती।

उन्होंने कहा कि 2025 में भारतीय रुपये का प्रदर्शन ढांचागत कारणों से कमजोर रहा। भारत का वस्तुओं के व्यापार में घाटा है और सेवाओं के निर्यात व रेमिटेंस से सरप्लस मिलता है। लेकिन यह अंतर पूरी तरह भरने के लिए पर्याप्त नहीं है।

अमेरिकी टैरिफ के बावजूद ग्रोथ में तेजी

नागेश्वरन ने कहा कि पिछले साल अगस्त से अमेरिका के कुछ भारतीय आयातों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए जाने के बाद ग्रोथ के अनुमान घटाए गए थे। हालांकि बाद में स्ट्रक्चरल सुधारों और नीतिगत कदमों के चलते ग्रोथ में तेजी आई।

इनमें पिछले बजट में घोषित आयकर कटौती, जीएसटी टैक्स में बड़े बदलाव और लेबर कोड में बदलाव जैसे कदम शामिल है, जिनसे घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों को सहारा मिला।

आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने 2026 के लिए तीन संभावित वैश्विक परिदृश्यों का उल्लेख किया। पहला, 2025 की नाजुक निरंतरता, जिसमें ग्रोथ जारी रहता है लेकिन अनिश्चितता ऊंची रहती है और छोटे झटके भी अस्थिरता ला सकते हैं। इससे सरकार को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।

दूसरा परिदृश्य दुनिया में उथलपुथल का है। इसमें भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज होती है, दबाव वाली व्यापार नीतियां, टूटी सप्लाई चेन और सीमा-पार वित्तीय तनाव बढ़ता है।

तीसरा, कम संभावना वाला परिदृश्य सिस्टेमेटिक झटके का है। इस स्थिति में वित्तीय, तकनीकी और भू-राजनीतिक दबाव मिलकर वैश्विक पूंजी फ्लो और आर्थिक स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

भारत बेहतर स्थिति में, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं

नागेश्वरन ने कहा कि मजबूत व्यापक आर्थिक आधारों के चलते भारत तीनों परिदृश्यों में कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि देश वैश्विक झटकों से पूरी तरह सुरक्षित है।

उन्होंने कहा कि सभी परिदृश्यों में एक समान जोखिम पूंजी प्रवाह में बाधा और उसका रुपये पर असर है। उन्होंने कहा कि भारत को निवेशकों की पर्याप्त रुचि और विदेशी मुद्रा में निर्यात आय पैदा करनी होगी ताकि बढ़ते आयात खर्च को पूरा किया जा सके। बढ़ती आय के साथ आयात बढ़ना एक वैश्विक अनुभव रहा है।

Advertisement
First Published - January 29, 2026 | 1:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement