facebookmetapixel
Advertisement
Stock Market Today: वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत, गिफ्ट निफ्टी में गिरावट; आज चढ़ेगा या गिरेगा बाजार?Stocks to Watch Today: IREDA से लेकर RIL और Infosys तक, शुक्रवार को इन 10 स्टॉक्स में रखें नजरअगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार

भारतीय बैंकिंग में AI अपनाने की रफ्तार अभी धीमी: इकोनॉमिक सर्वे

Advertisement

RBI ने क्यों बनाए AI के 7 नियम? इकोनॉमिक सर्वे ने बताया कारण

Last Updated- January 29, 2026 | 3:09 PM IST
artificial intelligence

इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने भारतीय बैंकिंग सिस्टम की एक ऐसी तस्वीर दिखाई है, जो चौंकाने वाली है। सर्वे के मुताबिक, देश में सिर्फ 21 प्रतिशत बैंक और वित्तीय संस्थान ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को अपना पाए हैं या उस पर काम कर रहे हैं। इकोनॉमिक सर्वे बताता है कि AI को अपनाने की रफ्तार अभी बहुत धीमी है। बड़े बैंक जरूर आगे बढ़े हैं, लेकिन छोटे शहरी सहकारी बैंक और कई NBFC अभी जूझ रहे हैं। इनके सामने सबसे बड़ी परेशानी है सही डेटा की कमी, प्रशिक्षित लोगों की कमी और सीमित IT बजट।

AI है, लेकिन सिर्फ नाम का

सर्वे का कहना है कि जहां AI का इस्तेमाल हो भी रहा है, वहां वह बहुत सीमित है। ज्यादातर बैंक AI का इस्तेमाल सिर्फ काम आसान करने, साधारण चैटबॉट चलाने, ग्राहकों से बातचीत और अंदरूनी फैसलों में मदद के लिए कर रहे हैं। अभी AI से अपने आप बड़े फैसले लेने की हिम्मत भारतीय बैंक नहीं जुटा पाए हैं।

Also Read: Economic Survey 2026: वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की स्थिति बेहतर, टैरिफ के बावजूद ग्रोथ में तेजी – सीईए नागेश्वरन

इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, RBI जानता है कि बिना भरोसे AI आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए उसने AI के लिए सात सूत्र तय किए हैं, जिनमें भरोसा, लोगों को प्राथमिकता, निष्पक्षता, जवाबदेही, समझने में आसान सिस्टम और सुरक्षा जैसे अहम सिद्धांत शामिल हैं।

दुनिया आगे निकल रही है

इकोनॉमिक सर्वे बताता है कि दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक AI को तेजी से अपना रहे हैं। यूरोपियन सेंट्रल बैंक महंगाई और जोखिम पहचानने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक भी AI की मदद से फैसले ले रहे हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का अनुमान है कि 2027 तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में AI पर निवेश 97 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।

इकोनॉमिक सर्वे का संकेत साफ है। अगर भारतीय बैंकिंग सिस्टम ने अब रफ्तार नहीं बढ़ाई, तो आने वाले समय में तकनीक की इस दौड़ में भारत पीछे छूट सकता है।

Advertisement
First Published - January 29, 2026 | 3:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement