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Stock Split: IT सेक्टर से जुड़ी यह मशहूर कंपनी अपने शेयरों का करेगी स्प्लिट, छोटे निवेशकों को होगा फायदा

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IT और सॉफ्टवेयर सेक्टर की कंपनी स्पेस इनक्यूबेट्रिक्स टेक्नोलॉजीज ने अपने शेयरों को 10 रुपये से 1 रुपये के फेस वैल्यू में बांटने का फैसला लिया है

Last Updated- December 13, 2025 | 2:00 PM IST
Stock Split
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अगले हफ्ते शेयर बाजार में निवेश करने वालों की नजर एक स्टॉक स्प्लिट पर टिकी रहने वाली है। BSE पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, स्पेस इनक्यूबेट्रिक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड अपने शेयर का स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है। स्टॉक स्प्लिट को आम तौर पर बाजार में एक अहम कॉरपोरेट एक्शन माना जाता है, क्योंकि इससे शेयर की फेस वैल्यू घटती है और शेयरों की संख्या बढ़ जाती है। हालांकि, इससे कंपनी की कुल वैल्यू में कोई बदलाव नहीं होता, लेकिन छोटे निवेशकों के लिए शेयर ज्यादा किफायती हो जाते हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और सॉफ्टवेयर सेक्टर की कंपनी स्पेस इनक्यूबेट्रिक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने 19 दिसंबर 2025 को अपने स्टॉक स्प्लिट के लिए एक्स-डेट तय की है। यही तारीख कंपनी की रिकॉर्ड डेट भी होगी। कंपनी ने अपने शेयर की फेस वैल्यू को 10 रुपये से घटाकर 1 रुपये करने का फैसला किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें स्प्लिट के बाद पहले की तुलना में ज्यादा संख्या में शेयर मिलेंगे, जबकि कुल निवेश मूल्य पहले जैसा ही रहेगा।

कंपनी का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब शेयर बाजार में स्टॉक स्प्लिट को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी रहती है। स्टॉक स्प्लिट का मुख्य उद्देश्य शेयर की ट्रेडिंग को आसान बनाना होता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेशक इसमें भाग ले सकें। जब किसी शेयर की फेस वैल्यू और बाजार कीमत ज्यादा होती है, तो कई छोटे निवेशक उससे दूरी बना लेते हैं। ऐसे में स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर की कीमत अपेक्षाकृत कम हो जाती है, जिससे निवेशकों की पहुंच बढ़ती है।

Also Read: 2026 में बेहतर रहेगा भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन, घरेलू निवेश बनेगा सबसे बड़ा सहारा : जेफरीज

निवेशकों के लिए स्टॉक स्प्लिट क्यों है अहम

स्टॉक स्प्लिट को अक्सर निवेशकों के नजरिए से पॉजिटिव माना जाता है। इससे शेयर की लिक्विडिटी बढ़ सकती है और बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के बिजनेस, मुनाफे या फंडामेंटल्स में कोई सीधा बदलाव नहीं होता। यह सिर्फ शेयर की संख्या और फेस वैल्यू से जुड़ा तकनीकी बदलाव होता है।

स्पेस इनक्यूबेट्रिक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के मामले में, निवेशकों को 19 दिसंबर 2025 की रिकॉर्ड डेट पर खास ध्यान देना होगा। केवल वही निवेशक स्टॉक स्प्लिट का लाभ पाने के हकदार होंगे, जिनके नाम इस तारीख तक कंपनी के शेयरधारक रजिस्टर में दर्ज होंगे। एक्स-डेट से पहले शेयर खरीदने वाले निवेशकों को ही स्प्लिट के बाद अतिरिक्त शेयर मिलेंगे।

एक्सपर्ट के मुताबिक, निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे किसी भी कॉरपोरेट एक्शन से पहले उससे जुड़ी पूरी जानकारी को समझें। स्टॉक स्प्लिट देखने में आकर्षक लग सकता है, लेकिन निवेश का फैसला हमेशा कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए। अगले हफ्ते होने वाला यह स्टॉक स्प्लिट बाजार पर क्या असर डालेगा, इस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

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First Published - December 13, 2025 | 2:00 PM IST

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