facebookmetapixel
Advertisement
ईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेत

Budget 2026: वरिष्ठ नागरिकों को वित्त मंत्री से बड़ी आस; क्या ब्याज, आय और हेल्थ प्रीमियम पर मिलेगी टैक्स छूट?

Advertisement

बजट 2026 में सीनियर सिटीजन की टैक्स राहत, FD ब्याज पर छूट और हेल्थ इंश्योरेंस कटौती बढ़ाने की मांग को एक्सपर्ट द्वारा अहम बताया जा रहा है

Last Updated- January 31, 2026 | 2:07 PM IST
senior citizen
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

बजट 2026 की आहट के साथ ही देश के वरिष्ठ नागरिकों की उम्मीदें एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं। यह एक ऐसा वर्ग है जिसकी कमाई का मुख्य जरिया सैलरी नहीं, बल्कि जीवन भर की जमा पूंजी से मिलने वाला ब्याज होता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई और चिकित्सा खर्चों के बीच बुजुर्गों की इस बजट से कुछ खास रियायतों की मांग की है।

NPV एंड एसोसिएट्स के पार्टनर और चार्टर्ड अकाउंटेंट विनीत द्विवेदी का कहना है कि इस बजट में सरकार को बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा और उनकी सेहत से जुड़ी जरूरतों को खास तौर पर ध्यान में रखना चाहिए।

ब्याज आय पर छूट और TDS का झंझट खत्म करने की मांग

रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग अपनी जरूरतों के लिए बैंक एफडी और पोस्ट ऑफिस की योजनाओं पर ही निर्भर रहते हैं। अभी इनकम टैक्स की धारा 80TTB के तहत ब्याज से होने वाली आमदनी पर 50,000 रुपये तक की छूट मिलती है। विनीत का कहना है कि इस सीमा को बढ़ाकर 75,000 रुपये या 1 लाख रुपये किया जाना चाहिए, ताकि ब्याज पर जीने वाले बुजुर्गों को कुछ ज्यादा राहत मिल सके।

Also Read: विदेशों में पढ़ रहे 18 लाख भारतीय छात्र, प्रतिभा पलायन रोकने के लिए बड़े सुधारों की जरूरत: Economic Survey

इसके साथ ही, TDS (Tax Deducted at Source) की प्रक्रिया वरिष्ठ नागरिकों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। अक्सर बैंक ब्याज पर टैक्स काट लेते हैं, जबकि अंत में बुजुर्ग की कुल टैक्स देनदारी जीरो होती है। इससे उनके पास नकदी (Cash Flow) की कमी हो जाती है। एक्सपर्ट का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर लगने वाले TDS को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए ताकि उन्हें अपना ही पैसा वापस पाने के लिए रिफंड का इंतजार न करना पड़े।

स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता बोझ और सेक्शन 80D

बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी आर्थिक चिंता इलाज का खर्च होता है। मेडिकल खर्च आम महंगाई से कहीं तेज़ी से बढ़ रहा है, खासकर पुरानी बीमारियों के इलाज में। फिलहाल इनकम टैक्स के सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 50 हजार रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।

मेडिकल महंगाई को देखते हुए मांग है कि इस छूट की सीमा कम से कम दोगुनी करके 1 लाख रुपये कर दी जाए। अगर सरकार हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर मिलने वाली यह राहत बढ़ाती है, तो बुजुर्गों को बेहतर इलाज और बीमा कवर लेने में आसानी होगी और उन पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव भी काफी कम हो जाएगा।

कुल मिलाकर सीनियर सिटीजन की यह विश लिस्ट उनकी रोजमर्रा की परेशानियों को कम करने और उन्हें सम्मान के साथ रिटायरमेंट की जिंदगी जीने में मदद करने वाला कदम मानी जा रही है।

Advertisement
First Published - January 31, 2026 | 2:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement