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भारत समेत 16 देशों पर शुल्क जांच का जो​खिम, अतिरिक्त उत्पादन अमेरिकी उद्योग को प्रभावित कर रहा!भारत-ईरान से बातचीत में व्यस्त: होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय पोतों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिशRBI और ESMA के एमओयू पर भारत को नए सिरे से बातचीत की जरूरत: सीसीआईएल मान्यता पर विवादLPG की कमी से QSR शेयर संकट में, एक्सपर्ट्स ने पैनिक सेलिंग से बेचने की दी सलाहSIF की तेजी से बढ़ रही लोकप्रियता, AUM 10,000 करोड़ रुपये के करीबदेश की पहली पैसिव हाइब्रिड म्युचुअल फंड योजना के लिए रास्ता साफ, एडलवाइस ने किया ऐलानडॉलर के मुकाबले 92.37 के नए निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, RBI के हस्तक्षेप से कुछ हद तक सुधारईरान के हमले बढ़ाने से टूटे बाजार, सेंसेक्स 829 अंक टूटा; निवेशकों के ₹1.8 लाख करोड़ स्वाहाEditorial: हर घर जल की दिशा में नया चरण और डिजिटल निगरानीविकसित भारत के लिए बैंकिंग समिति का सुझाव कितना अहम

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: भारत–अमेरिका ट्रेड डील से मिली बड़ी राहत, जारी रहें सुधार

धैर्य का फल मीठा होता है। यह कहावत तब सही होती दिखी जब सोमवार को भारतीय समयानुसार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक घोषणा में कहा कि दोनों पक्ष तत्काल प्रभाव से एक व्यापार समझौते के लिए तैयार हो गए हैं। इसके अंतर्गत अमेरिका अपने […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: संघीय संतुलन, राज्यों की हिस्सेदारी और राजकोषीय अनुशासन की कठिन कसौटी

सोलहवें वित्त आयोग को अपना काम उल्लेखनीय निगरानी के बीच करना पड़ा। बीते दशक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच के रिश्तों में गिरावट आई है और इसकी वजह केवल दलगत राजनीति नहीं रही है। इसके लिए व्यापक मुद्दे जिम्मेदार रहे हैं। राज्यपालों की भूमिका से लेकर संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन तक के […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: चुनौतीपूर्ण समय का बजट — संतुलित घाटा और सर्विस सेक्टर से विकास की उम्मीद

Union Budget 2026: वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट असाधारण भूराजनीतिक उथल-पुथल के बीच प्रस्तुत किया गया। भारत की वृद्धि दर 7.4 फीसदी के साथ मजबूत बनी रही लेकिन आगे इसे बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। बीते कई सालों से सरकार का रुख सार्वजनिक निवेश को वृद्धि को बढ़ावा देने में प्रयोग करने का रहा है। इस […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

अमेरिका की नई रक्षा रणनीति पर बढ़ी चिंता, सहयोगियों से दूरी के मायने

अमेरिका की संघीय सरकार ने गत सप्ताह राष्ट्रीय रक्षा रणनीति (एनडीएस) जारी की। यह एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें बल प्रयोग की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया जाता है और जिसे आमतौर पर हर चार साल या उसके आसपास जारी किया जाता है। यह दस्तावेज काफी हद तक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति या एनएसएस के आसपास ही […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: विकास के मजबूत संकेत, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुधारों पर जोर

वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा गुरुवार को संसद में पेश की गई। इस समीक्षा को वित्त मंत्रालय के अर्थशास्त्रियों ने मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार किया है और यह हाल की अन्य समीक्षाओं की तुलना में नए सिरे से व्यवस्थित की गई है। जैसा कि समीक्षा में कहा गया है, […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: ट्रंप की धमकियों से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, सुरक्षित निवेश बने सोना-चांदी

जनवरी 2026 में अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड से संबंधित मांगों के कारण भू-राजनीतिक तनाव में इजाफा देखने को मिला। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक व्यापार में भी अनिश्चितता बढ़ी। इन धमकियों और अनिश्चितताओं का वैश्विक परिसंपत्तियों पर सीधा प्रभाव देखने को मिला। सोने और चांदी दोनों में बहुत अधिक तेजी देखने को मिली। वर्ष […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

India-EU FTA पर मुहर: वैश्विक व्यापार में नई शुरुआत, अब असली परीक्षा सुधारों की

भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर मंगलवार को हस्ताक्षर हुए। हाल के दिनों का यह दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा समझौता है जो दो अरब लोगों का बाजार तैयार करता है। बहरहाल, 16वीं भारत-यूरोपीय संघ शिखर बैठक और दोनों पक्षों के नेताओं का संवाद केवल व्यापार तक […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, संपादकीय

Editorial: बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत का गणराज्य और तेज आर्थिक सुधारों की राह

वर्ष 2025 में भारत ने अपने संविधान को अपनाने के 75 साल का जश्न मनाया। इसने राष्ट्र को एक साथ आने का अवसर प्रदान किया ताकि अब तक की यात्रा का आकलन किया जा सके और आगे आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की जा सके। भारत जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनकी प्रकृति […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: बिजली अधिशेष के बावजूद संकट में वितरण क्षेत्र

देश का बिजली क्षेत्र जिसकी पहचान एक समय बिजली की कमी, उसके बार-बार गुल होने और अत्यधिक घाटे से थी, अब उसके पास 500 गीगावॉट से अधिक की स्थापित क्षमता है और बिजली की कमी लगभग बीते कल की बात हो चुकी है। हर घर बिजली पहुंचाने में कामयाबी मिली है, नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

ग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?

वैश्विक बाजारों ने उस समय राहत की सांस ली जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर आक्रमण करने और इसका विरोध करने वाले यूरोपीय सहयोगियों पर दंडात्मक शुल्क लगाने की धमकियों से पीछे हट गए। परंतु दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान उनका 70 मिनट लंबा भाषण जिसमें तनाव कम करने का संकेत था, […]

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