Editorial: फेड चीफ के सख्त रुख और ब्याज दर बढ़ने के डर से सहमा ग्लोबल मार्केट
इस सप्ताह केविन वॉर्श के नेतृत्व में हुई पहली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक ने दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण केंद्रीय बैंक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कामकाज में महत्त्वपूर्ण बदलावों की नींव रखी। एफओएमसी ने फेडरल फंड दरों का लक्ष्य दायरा 3.5 से 3.75 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा, लेकिन लगभग 130 शब्दों का उसका […]
Editorial: G-7 शिखर सम्मेलन में भारत की कूटनीतिक बढ़त, विवाद पर सामंजस्य भारी
जब दुनिया की सबसे धनी अर्थव्यवस्थाओं के नेता फ्रांस के शहर एवियां-ले-बैन में एकत्रित हुए तो राजनयिकों ने राहत की सांस ली कि यह तीन दिवसीय आयोजन बिना किसी बड़े विवाद के और कुछ सफलताओं के साथ संपन्न हुआ। कनाडा में हुई पिछली बैठक जहां अमेरिका के नेतृत्व वाले व्यापार युद्ध के तनाव और रूस […]
Editorial: टेलीग्राम पर रोक नहीं, NTA में सुधार की जरूरत
सरकार ने टेलीग्राम मेसेजिंग ऐप को 22 जून तक प्रतिबंधित कर दिया है। इस तारीख के एक दिन पहले ही चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह गलत दिशा में उठाया गया कदम है। संकट मेसेजिंग ऐप के माध्यम से लीक हुए प्रश्नपत्रों के प्रसार […]
Editorial: अमेरिका-ईरान समझौते से भारत को राहत, पर चुनौतियां बरकरार
यह सही है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के अंतिम परिणाम को लेकर अभी काफी अनिश्चितता बनी हुई है लेकिन रविवार को इसकी घोषणा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव को स्पष्ट रूप से कम कर दिया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट में यातायात धीरे-धीरे बढ़ेगा। कच्चे तेल और गैस […]
Editorial: उम्मीद बनाम अनुभव, बाजारों और वैश्विक राजनीति के बीच संतुलन की जद्दोजहद
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के लिए सहमति की खबर सामने आते ही तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई और शेयर बाजारों में उछाल देखने को मिली। यह समझौता 108 दिनों से जारी शत्रुता को समाप्त कर सकता है जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर कठिनाइयों में डाल दिया था। पाकिस्तान की मध्यस्थता से […]
Editorial: एंथ्रोपिक विवाद ने दिखाया आइना, एआई नीति पर हो पुनर्विचार
अमेरिकी सरकार द्वारा एंथ्रोपिक के नवीनतम आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडलों की पहुंच सीमित करने के निर्देश के कई नीतिगत प्रभाव हो सकते हैं। यह एआई के विकास को लेकर भूराजनीति में बदलाव लाने वाला है और इसके चलते निवेशक एआई से जुड़े कारोबारों में निवेश के मूल्यांकन की समीक्षा भी कर सकते हैं। गत शुक्रवार […]
Editorial: ‘फीफा’ के आत्मघाती गोल, खेल से ज्यादा कारोबार
फीफा द्वारा आयोजित 23वें फुटबॉल विश्व कप की शुरुआत हो गई है। इस बार 39 दिन चलने वाले इस टूर्नामेंट की सबसे गौर करने वाली बात यही है कि यह अपने सर्जक जूल्स रिमेट द्वारा प्रतिपादित मूल मूल्यों से कितना भटक गया है। पहला विश्व कप 1930 में उरुग्वे में खेला गया था। उस समय […]
Editorial: फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और एथनॉल अर्थव्यवस्था पर फोकस
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में ई 85 ईंधन प्रस्तुत किया है। यह 85 फीसदी एथनॉल और 15 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण है। उसका यह कदम भारत के तेल आयात को कम करने और घरेलू जैव-ईंधन अर्थव्यवस्था के निर्माण के प्रयासों का हिस्सा है। यह पहल देश भर में ई 20 पेट्रोल […]
Editorial: प्राथमिकता ऋण ढांचे की हो समीक्षा
प्राथमिकता क्षेत्र का ऋण (पीएसएल) लंबे समय तक भारत के वित्तीय समावेशन के प्रमुख उपायों में से एक था। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) द्वारा जारी एक कार्यपत्र ने इस बात का मूल्यांकन किया कि क्या निर्देशित ऋण अब भी सार्थक विकासात्मक परिणाम देता है। साल 2020 से 2025 के बीच […]
Editorial: हादसों के पीछे छिपे भ्रष्टाचार और लापरवाह शहरी शासन की कहानी
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) 22 (14 विदेशी नागरिकों सहित) लोगों की मौत के बाद सक्रिय हो गया है। ये मौतें दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में बेड ऐंड ब्रेकफास्ट (बीऐंडबी) होटल में आग लगने से हुई थीं। इससे जुड़ी सार्वजनिक स्मृति और आधिकारिक उत्साह जल्द ही कम हो जाएगा। लेकिन इस तरह की सिलसिलेवार त्रासदियों […]









