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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख

बहुपक्षीय विकास बैंक पर सबकी नजर

बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबी) टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रहे हैं, ऐसे में उन्हें चार स्पष्ट उपायों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बता रहे हैं अशोक लवासा भारत अपनी अध्यक्षता में जी20 शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित करने और दिल्ली घोषणापत्र में सभी सदस्य देशों के बीच सहमति […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: धुंधला भविष्य

पिछली तिमाही कच्चे तेल की कीमतों के लिए अपेक्षाकृत मजबूती भरी रही। रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के शुरुआती दौर में लगे झटकों के बाद जिंस कीमतों में भी बीते तीन महीनों के दौरान इजाफा देखने को मिला। जून के अंत में जब पश्चिमी टैक्सस इंटरमीडिएट क्रूड की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

संभावनाओं के बीच सतर्कता

वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही में शेयर बाजार के प्रदर्शन से निवेशक संतुष्ट नजर आ रहे हैं। इसके लिए उनके पास पर्याप्त कारण भी मौजूद हैं। परंतु, चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में सतर्क दृष्टिकोण रखने के भी पर्याप्त कारण हैं। इस वर्ष अप्रैल के बाद से वृहद बाजार सूचकांक 12-13 प्रतिशत तक […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: अस्वास्थ्यकर संकेत

संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बमुश्किल एक सप्ताह बाद शोध पत्रिका द लांसेट ने एक अध्ययन प्रकाशित किया है जो कैंसर के इलाज में महिला-पुरुष भेदभाव को रेखांकित करता है। ‘महिलाएं, सत्ता और कैंसर’ शीर्षक वाले इस अध्ययन में दुनिया के 185 देशों में महिलाओं और कैंसर को लेकर अध्ययन किया गया […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: नए नियमों की कमी

सरकार ने गत 25 सितंबर से प्रभावी होने वाले जो नए ऐंजल टैक्स नियम (New Angel Tax Rules) अधिूसूचित किए हैं, ऐसा लगता नहीं है कि उनके लागू होने से गैर सूचीबद्ध कंपनियों (मुख्यत: स्टार्टअप) में विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए मूल्यांकन के तरीकों को लेकर उत्पन्न होने वाले संभावित विवाद हल हो सकेंगे। […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: कूटनीतिक गतिरोध

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस आरोप ने भारत और कनाडा के रिश्तों को और खराब कर दिया है कि इस वर्ष जून में वैंकूवर के सरी में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका थी। दोनों देशों के अपेक्षाकृत कमतर आर्थिक रिश्तों को देखते हुए शुरुआत में लगा कि […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: नीतिगत बेतरतीबी

सरकार ने लैपटॉप तथा सूचना प्रौद्योगिकी हार्डवेयर से जुड़ी अन्य सामग्री पर प्रतिबंध लगाने का जो निर्णय लिया था उससे वह पूरी तरह तो नहीं लेकिन आंशिक रूप से पीछे हटी है। प्रभारी केंद्रीय मंत्री के मुताबिक अब एक ‘आयात प्रबंधन प्रणाली’ लागू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य है लैपटॉप आपूर्ति […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: विदेशी पूंजी पर निर्भरता

जेपी मॉर्गन ने गत सप्ताह यह घोषणा की कि भारत सरकार के बॉन्डों को उसके उभरते बाजारों के सरकारी बॉन्ड सूचकांक में शामिल किया जाएगा। इस खबर से वित्तीय बाजारों और सरकार दोनों में काफी उत्साह देखने को मिला। इस सूचकांक में 236 अरब डॉलर की प्रबंधन योग्य परिसंपत्ति है और चूंकि इसमें भारत की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: क्षेत्रवार अंतर

सन 1981 में दक्षिण भारत के चार राज्य (आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु) राष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों में पांचवें हिस्से से कुछ अ​धिक के बराबर योगदान करते थे। अब इनकी संख्या पांच हो गई है क्योंकि तेलंगाना आंध्र प्रदेश से अलग हो गया है। आर्थिक गतिविधियों में उनकी हिस्सेदारी भी बढ़कर लगभग तिगुनी यानी 30 […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: रोजगार रहित वृद्धि!

भारत के लिए सबसे बड़ी नीतिगत चुनौतियों में से एक रही है युवाओं और बढ़ती श्रम योग्य आबादी के लिए रोजगार की व्यवस्था करना। सन 1980 के दशक के मध्य से ही हमारी आर्थिक वृद्धि में तेजी आ रही है लेकिन रोजगार की स्थिति में कोई वांछित बदलाव नहीं आ रहा है। हालांकि कुछ पहलुओं […]

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