Editorial: कार्य प्रगति पर
मोरक्को के मराकेश में आयोजित जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की बैठक एक साझा घोषणापत्र के साथ संपन्न हुई। यह अपने आप में राहत की बात है क्योंकि नई दिल्ली में आयोजित जी20 देशों के नेताओं की शिखर बैठक से पहले के महीनों में यह संगठन एक खास किस्म की […]
Editorial: अस्थिरता का दौर
आने वाले वर्ष यानी 2024 के मध्य तक या उससे आगे भी राजनीतिक और भूराजनीतिक अनिश्चितताएं निवेशकों के सामान्य आर्थिक विचारों पर हावी रहेंगी। वैश्विक वित्तीय बाजार भी इजरायल और हमास के बीच छिड़े संघर्ष के कारण अप्रत्याशित अस्थिरता के दौर के लिए तैयार हैं। इसके चलते ईंधन आपूर्ति को लेकर नए सिरे से आशंकाएं […]
Editorial: अनुमानों का प्रबंधन
महामारी के कारण हुई उथलपुथल के बाद जब सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई तब से वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) भी निरंतर मुद्रास्फीति संबंधी दबावों का सामना कर रही है। इसके परिणामस्वरूप बड़े केंद्रीय बैंकों ने दशकों में सबसे तेज गति से मौद्रिक नीति को सख्त किया है। इससे मुद्रास्फीति संबंधी दबाव कम करने में मदद […]
Editorial: रोजगार निर्माण
सोमवार को जारी सालाना सावधिक श्रम शक्ति सर्वे (पीएलएफएस) के जुलाई-जून 2022-23 के आंकड़े दिखाते हैं कि समग्र बेरोजगारी की दर 3.2 फीसदी के साथ छह वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गई है। अन्य चीजों के समान रहते बेरोजगारी दर में गिरावट और श्रम शक्ति भागीदारी दर में इजाफा यह बताता है कि अर्थव्यवस्था […]
Editorial: इजरायल में अत्याचार
गाजा पट्टी से संचालित फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह हमास ने दक्षिणी इजरायल में असाधारण स्तर पर हमला किया जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया। अभी भी यह पता नहीं है कि हमले में कितने इजरायली (तथा अन्य देशों के नागरिक) मारे गए और कितने बंधक बनाए गए हैं। मरने वालों की तादाद सैकड़ों में है। एक […]
BS Editorial: सतर्कता जरूरी
दुनिया के केंद्रीय बैंक वर्तमान समय में असहज स्थिति का सामना कर रहे हैं। विशेषकर, कोविड महामारी से उत्पन्न चुनौतीपूर्ण स्थिति और इसके पश्चात सुधार का सिलसिला शुरू होने के बाद केंद्रीय बैंकों के लिए परिस्थितियां गंभीर हो गई हैं। अधिकांश विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति पिछले कुछ दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। […]
बेहतरीन स्थिति में कैसे पहुंचा चीन?
चीन में मंदी और ‘चाइना प्लस वन’ (निवेश के लिए चीन के अलावा एक अन्य केंद्र) की रणनीति को लेकर बहस के बीच एक खतरा इस बात को भुला बैठने का भी है कि किस तरह चीन ने अगले कई दशकों के सबसे अहम कारोबारों के लिहाज से स्वयं को सर्वाधिक अनुकूल स्थिति में पहुंचा […]
Editorial: गैरवाजिब प्रतिक्रिया
न्यूजक्लिक से जुड़े लोगों के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम (यूएपीए) का इस्तेमाल और जिस प्रकार दिन भर छापेमारी की गई, वह हाल ही में पारित डिजिटल डेटा संरक्षण अधिनियम और संसदीय समिति की जांच के अधीन आपराधिक प्रक्रियाओं से जुड़े कानूनों में सुधार की योजनाओं को लेकर सार्वजनिक गलतफहमियों का प्रतीक है। न्यूजक्लिक से […]
Editorial: मुद्रास्फीति के जोखिम
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति इस समय नीति की समीक्षा कर रही है और शुक्रवार को अपने निर्णय की घोषणा करेगी। संभव है कि उसे पता चला होगा कि मुद्रास्फीति के कुछ कारकों में परिवर्तन आ रहा है। सब्जियों की कीमतें, खासकर टमाटर की कीमतों में गिरावट आई है जबकि […]
Editorial: नए जातीय समीकरण
विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार द्वारा अगस्त 1990 में मंडल आयोग की रिपोर्ट को लागू करने (जिसकी वजह से अन्य पिछड़ा वर्ग की जातियों को आरक्षण में हिस्सेदारी मिली) की घोषणा के 11 महीने बाद पी वी नरसिंह राव सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था के उदारीकरण की दिशा में शुरुआती कदम बढ़ाए। निजी क्षेत्र में रोजगार […]









