बेंचमार्क निफ्टी 50 में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। तकनीकी संकेतकों ने भी बाजार के तंत्र में कमजोरी बढ़ जाने के संकेत दिए। 50 शेयरों वाला ब्लूचिप सूचकांक करीब 500 अंक गिरकर 23,151 पर बंद हुआ। यह अपने हालिया उच्चतम स्तर 25,885 से अब तक 10 फीसदी से अधिक गिर चुका है। इस तरह यह सूचकांक गिरावट वाले जोन में आ गया है और समर्थन के अहम स्तरों को तोड़ रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में आई तेज़ गिरावट, कमजोर होते मोमेंटम इंडिकेटर्स और बैंकिंग शेयरों में लगातार बिकवाली से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता रह सकती है। थिंकरेडब्लू सिक्योरिटीज के संस्थापक गौरव उडानी ने कहा कि व्यापक बाजार का परिदृश्य अभी भी नाजुक बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि अगर कमजोरी बनी रही तो आने वाले सत्रों में सूचकांक 22,800-22,700 की ओर बढ़ सकता है जबकि 23,600-23,700 प्रतिरोध के तात्कालिक स्तर के रूप में काम कर सकता है। उडानी ने कहा, बाजार में सतर्क माहौल है। प्रतिभागी नया निवेश करने के बजाय निवेश घटा रहे हैं। ट्रेडरों को गिरते बाजार में तुरंत खरीदारी करने से बचना चाहिए और लंबी अवधि के निवेश की शुरुआत से पहले तेजी के स्पष्ट संकेतों का इंतजार करना चाहिए।
एसबीआई सिक्योरिटीज में तकनीकी और डेरिवेटिव अनुसंधान प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, हालिया गिरावट ने निफ्टी को जून 2022 के बाद पहली बार अपने 100-सप्ताह के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) से नीचे और फरवरी 2025 के बाद पहली बार 20 महीने के ईएमए से नीचे धकेल दिया है।
उन्होंने कहा कि समर्थन का तात्कालिक स्तर 23,000-22,950 है। इससे नीचे लगातार गिरावट आने पर अल्पावधि में गिरावट 22,750 और 22,500 तक बढ़ सकती है। ऊपरी स्तर पर 23,450-23,500 का स्तर प्रतिरोध के मजबूत दायरे के रूप में काम कर सकता है। 22,500 के स्तर तक गिरने का मतलब यह है कि मौजूदा स्तरों से 3 फीसदी की और गिरावट हो सकती है।
कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (तकनीकी अनुसंधान) अमोल आठवले ने कहा, चार्ट से संकेत मिलता है कि बाजार में गिरावट का रुझान बना हुआ है। उन्होंने कहा, रोजाना के चार्ट पर बाजार में निचले उच्च और निचले निम्न स्तरों का पैटर्न बना है जबकि साप्ताहिक चार्ट पर मंदी वाली लंबी कैंडल बनी है, जो काफी हद तक नकारात्मक है।
उन्होंने कहा कि जब तक सूचकांक 23,400 से नीचे कारोबार करता है, तब तक कमजोरी का पैटर्न रहने की संभावना है। इसके तहत गिरावट का लक्ष्य 22,800 और संभवतः 22,600 हो सकता है। 23,400 से ऊपर जाने पर सूचकांक 23,600-23,800 की ओर वापस आ सकता है।
सीएलएसए ने बाजार में और अधिक गिरावट के जोखिम को लेकर चेतावनी दी है। एक नोट में वैश्विक ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि हालिया गिरावट ने बाजार को और ज्यादा कमजोरी के प्रति संवेदनशील बना दिया है। चार्ट पर अगला समर्थन स्तर 21,777-21,800 के आसपास दिख रहा है।
बैंकिंग शेयरों का बेंचमार्क इंडेक्स में काफी भारांक है और ये शेयर बाजार पर भारी दबाव डाल रहे हैं। निफ्टी बैंक इंडेक्स 53,758 पर बंद हुआ। इसमें 2.44 फीसदी की गिरावट आई और यह पिछले तीन हफ्तों में करीब 13 फीसदी गिर चुका है।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के. कहते हैं कि 53,500 समर्थन का तात्कालिक स्तर है, जो पिछले निचले स्तर और प्रमुख मांग क्षेत्र के साथ मेल खाता है। अगर बिकवाली जारी रही तो सूचकांक 53,000 के स्तर तक गिर सकता है।
एसबीआई सिक्यो. के सुदीप शाह ने बताया कि सूचकांक अपने पिछले न्यूनतम समर्थन स्तर 54,227 से नीचे बंद हुआ है, जिसने पिछले वर्ष के चार महीनों में करीब 14 फीसदी की तेजी को रफ्तार दी थी। इसलिए किसी भी सार्थक सुधार के लिए 54,200-54,300 के स्तर को पुनः हासिल करना अहम होगा। आठवले ने कहा कि निकट भविष्य में निफ्टी बैंक इंडेक्स के लिए 54,500 का स्तर अहम होगा। इससे नीचे जाने पर इंडेक्स 53,000-52,500 की ओर फिसल सकता है जबकि 54,500 से ऊपर जाने पर 55,500-55,800 की ओर बढ़ सकता है।