आजकल मोबाइल पर लोन के ऑफर आना कोई नई बात नहीं है। बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां अपने पुराने ग्राहकों को उनके अच्छे क्रेडिट स्कोर देखकर प्री-अप्रूव्ड लोन का मैसेज या फिर उन्हें कॉल करती रहती हैं। लेकिन इसी बात का फायदा उठाकर ठग भी साइबर ठग भी लोगों को आसानी से चूना लगा देते हैं।
कई बार लोगों के पास फोन आता है या मैसेज आता है कि आपको तुरंत लोन मिलने वाला है। कहते हैं कि बस थोड़े से कागजात और पैसे जल्दी अकाउंट में आ जाएंगे। मैसेज में एक लिंक भी डाल देते हैं, जिस पर क्लिक कर ऐप डाउनलोड करने या फॉर्म भरने को कहते हैं। ये लिंक असली बैंक की साइट जैसी दिखती है, लेकिन असल में फर्जी होती है।
HDB फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ रिस्क ऑफिसर हरिश वेणुगोपाल का कहना है कि डिजिटल लोन की बढ़ती लोकप्रियता का गलत फायदा उठाकर ठग फर्जी कॉल, मैसेज और फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को किसी भी लोन ऑफर को बैंक के ऑफिशियल चैनल से ही वेरिफाई करना चाहिए। अनजान नंबर या सोर्स को अपनी बैंक डिटेल्स, आधार या कोई भी पर्सनल जानकारी कभी नहीं देनी चाहिए। सिर्फ भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा करें।
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हरिश वेणुगोपाल बताते हैं कि इन फर्जी लिंक्स पर क्लिक करने से ऐसी वेबसाइट खुलती है जहां लोग आधार नंबर, बैंक अकाउंट की जानकारी या OTP मांगते हैं। कभी-कभी छोटी सी प्रोसेसिंग फीस के नाम पर कुछ सौ या हजार रुपये ट्रांसफर करवाते हैं और फिर लोन के नाम पर गायब हो जाते हैं।
वेणुगोपाल की सलाह है कि अनचाहे लोन ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। ऑफर सच है या नहीं, ये जानने के लिए बैंक की असली वेबसाइट, उनका मोबाइल ऐप या कस्टमर केयर नंबर से संपर्क करें। असली बैंक कभी भी फोन या मैसेज से OTP नहीं मांगते और न ही अनजान लिंक पर क्लिक करने को कहते हैं।
वेणुगोपाल कहते हैं कि अनजान ऐप या लिंक से कुछ डाउनलोड न करें। अपनी संवेदनशील जानकारी किसी को भी आसानी से न दें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर और ऑफर की जांच करके ऐसे धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।