Editorial: उपभोक्ता और राजनीतिक संकेत
आमतौर पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा दिए गए कामों में कोई भी राजनीतिक संकेत नहीं तलाश करता है लेकिन कई बार अनजाने ही वे नजर आते हैं। शहरी इलाकों में उपभोक्ता धारणाओं का सावधिक सर्वेक्षण भी ऐसा ही एक मामला है जिसे रिजर्व बैंक आयोजित और जारी करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि […]
सही दृष्टिकोण: नीतिगत रीपो दर 6.5 फीसदी पर स्थिर
वित्तीय बाजारों के प्रतिभागियों के अनुमान के अनुरूप ही केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने गुरुवार को नीतिगत रीपो दर को 6.5 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा। परिणामस्वरूप स्थायी जमा सुविधा दर और सीमांत स्थायी सुविधा दर भी अपरिवर्तित रही। एमपीसी ने मौजूदा चक्र में नीतिगत दरों में 2.5 फीसदी अंक का इजाफा किया […]
क्षमता वृद्धि: सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण क्षमता तैयार करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कार्यक्रम को मंजूरी दी है, उसका प्रभाव खाद्य सुरक्षा के लिए अनाज को सुरक्षित रूप से भंडारित करने से कहीं परे तक है। इस परियोजना के तहत ब्लॉक स्तर पर जो गोदाम […]
पेट्रोल और डीजल के दाम: पारदर्शी कीमतों की जरूरत
भारत में पंपों पर पेट्रोल तथा डीजल की कीमतें निर्धारित करने की प्रणाली जटिल है। भारतीय वाहन चालक जून 2022 में एक लीटर डीजल के लिए 100 रुपये से अधिक कीमत दे रहे थे जबकि अंतरराष्ट्रीय कीमत 170 डॉलर प्रति बैरल थी। इस समय वैश्विक कीमतें पहले से आधी रह गई हैं जबकि वाहन चालकों […]
भारतीय सेना: क्षमता विकसित करने में तेजी की दरकार
दिल्ली में पिछले पखवाड़े भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सालाना आयोजन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रक्षा उद्योग के शीर्ष लोगों से यह विनती करते नजर आए कि वे भविष्य की तकनीकों पर काम करें ताकि भारत को एक ‘अनुयायी से नेतृत्वकर्ता’ में बदला जा सके। यह पहला अवसर नहीं था जब उन्होंने ऐसा किया। […]
Odisha train accident: खतरे के संकेत
ओडिशा में हुए दशक के सबसे बड़े रेल हादसे ने भारतीय रेलवे की गलत प्राथमिकताओं की समस्या को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है। वह समस्या है सुरक्षा और रखरखाव के बजाय वंदे भारत ट्रेन और बुलेट ट्रेन परियोजनाओं में निवेश को तरजीह देना। यद्यपि अभी विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है लेकिन रेल मंत्री […]
हरित अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव लाने वाली पहल
जिस सप्ताह नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ उसी समय भारत की शीर्ष तेल निर्यातक कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) की तरफ से ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी घोषणा हुई। ओएनजीसी ने कहा कि वह वर्ष 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में 1 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना को कार्य […]
आर्थिक वृद्धि के आंकड़े: बेहतर प्रदर्शन पर कुछ सवाल
जनवरी-मार्च तिमाही तथा 2022-23 के पूरे वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि के आंकड़े सुखद आश्चर्य लेकर आए हैं। ये आंकड़े मुझ समेत सभी विश्लेषकों के पूर्वानुमानों से बेहतर हैं। ध्यान रहे कि गत दिसंबर में अपनी बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने अनुमान जताया था कि जनवरी-मार्च तिमाही […]
सेबी के इस बड़े कदम से अब बढ़ेगी पारदर्शिता
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक मशविरा पत्र जारी किया है। यह पत्र न्यूनतम सार्वजनिक अंशधारिता (MPS) को संभावित रूप से निष्फल बनाने तथा प्रेस नोट 3 (पीएन3) को विफल बनाने के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) मार्ग का दुरुपयोग रोकने के मकसद से एफपीआई द्वारा अतिरिक्त खुलासे जरूरी बनाने के विषय पर […]
2022-23 में भारत के प्रदर्शन में सुधार, चुनौती बरकरार
वर्ष 2022-23 में भारत के आर्थिक प्रदर्शन ने बाजार को चौंका दिया। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़े बताते हैं कि 2022-23 में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 7.2 फीसदी बढ़ा। पहले इसमें 7 फीसदी वृद्धि के अनुमान लगाए गए थे। वृद्धि के अनुमान से बेहतर आंकड़े मोटे तौर पर वित्त वर्ष […]









