facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

पश्चिम एशिया संघर्ष का असर, भारत में सिटी गैस की बिक्री 10% तक घटने की आशंका

Advertisement

पश्चिम एशिया संघर्ष और कतर से एलएनजी सप्लाई प्रभावित होने के कारण भारत में सिटी गैस सेक्टर की दैनिक बिक्री 8 से 10 प्रतिशत तक घट सकती है।

Last Updated- March 14, 2026 | 10:02 AM IST
City Gas
Representative Image

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने आज कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में कमी आने से भारत में शहरी गैस वितरण (सीजीडी) उद्योग की दैनिक बिक्री मात्रा में 8-10 प्रतिशत की गिरावट भी आ सकती है, जब तक कि निकट भविष्य में स्थिति स्थिर नहीं हो जाती।

सीजीडी कंपनियां बढ़े हुए दामों का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। इससे उनकी लाभप्रदता व नकदी में सुधार होगा और मजबूत प्रायोजकों का समर्थन सीजीडी कंपनियों की साख को भी बनाए रखेगा। हालांकि पश्चिम एशिया में लंबे समय तक बनी रहने वाली अनिश्चितता पर नजर रखनी ही होगी। सीजीडी उद्योग अपनी 60 प्रतिशत आवश्यकता के लिए घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस पर निर्भर है जबकि शेष 40 प्रतिशत आयात पर आश्रित है।

क्रिसिल ने बयान में कहा, ‘संघर्ष के कारण आयात में भारी कमी आई है। भारत में आयात होने वाली 45 प्रतिशत तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) कतर से आती है। कतर ने क्षेत्र में संकटों के कारण अपने रास लाफान संयंत्र में उत्पादन बंद कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति पर अप्रत्याशित संकट घोषित कर दिया है। इससे भारतीय गैस मूल्य श्रृंखला पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। कई प्रमुख गैस व्यापारियों ने निर्धारित कार्गो प्राप्त करने में असमर्थता के कारण अप्रत्याशित संकट का हवाला दिया है।’

सीजीडी उद्योग में तीन खंड हैं : कम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी), घरेलू पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (पीएनजी डी) और औद्योगिक व वाणिज्यिक पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (पीएनजी आई ऐंड सी)। सीएनजी और पीएनजी-डी मिलकर उद्योग की कुल बिक्री का 70 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं और इन खंडों पर सबसे कम प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि प्राकृतिक गैस की आपूर्ति मुख्य रूप से घरेलू स्रोतों से होती है।

Advertisement
First Published - March 14, 2026 | 10:02 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement