भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अगर ईरान संकट लंबे समय तक चलता है तो भारत की वृद्धि दर, महंगाई और चालू खाते के घाटे पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि वृहद आर्थिक स्थिरता को देखते हुए उम्मीद है कि भारत का प्रदर्शन कई देशों से बेहतर रहेगा।
गुरुवार को जारी केयरएज रेटिंग के साथ हुए साक्षात्कार में सीईए ने कहा, ‘भले ही हम अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हों और महंगाई और वृद्धि पर कुछ बुरा असर पड़ रहा हो, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि यह टकराव कितने समय तक चलता है। मुझे लगता है कि तुलनात्मक रूप से हम कई देशों से बेहतर स्थिति में होंगे। इसका श्रेय उस कड़ी मेहनत को जाता है जो हमने कोविड से पहले और बाद में की है।’
उन्होंने कहा कि यह जानना भी उतना ही जरूरी सवाल है कि यह संकट कैसे खत्म होगा। क्या दोनों पक्ष अपनी मर्जी से टकराव खत्म करेंगे या कोई एक पक्ष थकान या कमजोरी के कारण पीछे हटेगा। उन्होंने कहा कि बाद वाले मामले में दूसरा पक्ष खुद प्रभावशाली महसूस करेगा और इसलिए अपनी शर्तें थोपता रहेगा।
आर्थिक समीक्षा 2025-26 में नागेश्वरन ने चेतावनी दी थी कि वैश्विक माहौल भू-राजनीतिक बदलावों के कारण नया आकार ले रहा है, जो आने वाले वर्षों तक निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और वृद्धि की संभावनाओं को प्रभावित करेगा।