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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

गैर जरूरी प्रतिबंध

व्यापार घाटे में इजाफे ने सरकार को प्रेरित किया कि वह आयात पर सक्रियता से प्रतिबंध लगाए। वै​श्विक आ​र्थिक मंदी के कारण भारत का वा​णि​ज्यिक वस्तु निर्यात फरवरी में पिछले वर्ष की समान अव​धि की तुलना में 8.8 फीसदी कम होकर 33.88 अरब डॉलर रह गया। चालू वित्त वर्ष में अब तक यानी अप्रैल से […]

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आयात पर निर्भरता

द स्टॉकहोम इंटरनैशनल ​पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) के मुताबिक बीते पांच वर्षों (2018-22) के दौरान भारत दुनिया का सबसे बड़ा ह​थियार आयातक बना रहा। वै​श्विक ह​थियार आयात में 11 फीसदी हिस्सेदारी के साथ भारत सऊदी अरब (9.6 फीसदी), कतर (6.4 फीसदी), ऑस्ट्रेलिया (4.7 फीसदी) और चीन (4.6 फीसदी) से आगे रहा। इस बीच रक्षा मंत्रालय […]

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नीतिगत दुविधा

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा तय दायरे के ऊपरी स्तर से भी अधिक बनी रही। इसके लिए अन्य बातों के अलावा अनाज तथा दूध की कीमतों में इजाफा भी एक वजह है। फरवरी में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 6.44 फीसदी रही जो जनवरी के […]

आज का अखबार, लेख

‘मैं नहीं, केसीआर निशाने पर हैं’

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के संस्थापक कलवकुंतला चंद्रशेखर राव (केसीआर) की पुत्री और विधान परिषद सदस्य कलवकुंतला कविता अपनी पार्टी का विस्तार राष्ट्रीय स्तर पर करने को लेकर काम कर रही हैं। नितिन कुमार के साथ बातचीत में कविता ने बीआरएस की विस्तार योजनाओं और भारत के विकास के लिए तेलंगाना […]

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बैंकिंग बचाव के फौरी उपाय

सिलिकन वैली बैंक (एसवीबी) के पतन का असर दुनिया भर में पड़ना लाजिमी है। ब्रिटेन में उसके संबद्ध बैंक का एचएसबीसी ने अ​धिग्रहण कर लिया, जापान का सॉफ्टबैंक विजन फंड पहले ही दबाव में है और उसका निवेश भी ज्यादा प्रभावित होगा, स्वीडन के पेंशन फंड को एक अरब डॉलर से अ​धिक का नुकसान हो […]

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ऊर्जावान हो साझेदारी

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गत सप्ताह अमेरिका की वाणिज्य मंत्री जीना रायमोंडो से मुलाकात की। यह बातचीत दोबारा शुरू हुए भारत-अमेरिका वाणिज्यिक संवाद के एक हिस्से के रूप में आयोजित की गई। इस बैठक से जहां कुछ ठोस निकलकर नहीं आया, वहीं इस बात को एक सकारात्मक संकेत माना जाना चाहिए कि कम […]

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परिवर्तन की अपेक्षा

मुद्रास्फीति के खिलाफ छिड़ी लड़ाई अधिकांश केंद्रीय बैंकों के अनुमान से कहीं अधिक लंबी चलने की संभावना है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने इस सप्ताह सीनेट की बैंकिंग समिति के सामने सुझाव दिया कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक शायद नीतिगत दरों में 50 आधार अंक का और इजाफा करने की तैयारी कर सकता है। […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

बरकरार रहे निष्पक्षता

सर्वोच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों के संविधान पीठ ने गत सप्ताह सर्वसम्मति से उस विषय पर फैसला सुनाया जिसे ‘संवैधानिक निर्वात’ माना जाता रहा है। परंतु न्यायालय ने इसे दूर करने के लिए जो तरीका अपनाया वह बुनियादी समस्या को हल नहीं कर सकता और इसे केवल अंतरिम हल के रूप में ही देखा जा […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

न्यूनतम हो इंटरनेट बंद

भारत लगातार पांचवें वर्ष इंटरनेट बंद करने के मामले में वैश्विक सूची में शीर्ष पर बना हुआ है। डिजिटल अधिकार संस्थान एक्सेस नाउ ने कीप इट ऑन के साथ गठजोड़ में जो सालाना रिपोर्ट जारी की है उसके मुताबिक वर्ष 2022 में भारत में आधिकारिक तौर पर 84 बार इंटरनेट बंद किया गया। सन 2016 […]

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नियामकीय स्वतंत्रता

सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को मुश्किल हालात में डाल दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने गत सप्ताह एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे को सौंपी गई है। इस समिति को ‘हालात का समग्र आकलन करना है जिसमें वे प्रासंगिक कारक शामिल […]

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