L&T Stock: बुधवार को इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। बीएसई पर कंपनी का शेयर दिन के कारोबार में ₹3,900 तक फिसल गया। विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में कंपनी को प्रोजेक्ट पूरे करने में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सुबह करीब 9:20 बजे एलएंडटी का शेयर 3.6 प्रतिशत गिरकर ₹3,910.50 पर कारोबार कर रहा था, जबकि बीएसई सेंसेक्स 0.56 प्रतिशत बढ़त में था।
हालांकि पिछले एक महीने में एलएंडटी ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस दौरान कंपनी का शेयर 5.6 प्रतिशत बढ़ा, जबकि सेंसेक्स में 4.6 प्रतिशत की तेजी रही। लेकिन साल 2026 में अब तक शेयर करीब 5 प्रतिशत गिर चुका है।
एलएंडटी ने मार्च तिमाही (Q4FY26) में ₹5,325.60 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 3 प्रतिशत कम है। कंपनी ने बताया कि मुनाफे में गिरावट की वजह पिछले साल मिले विशेष लाभ थे। वहीं कंपनी की आय 11 प्रतिशत बढ़कर ₹82,762 करोड़ रही। तिमाही के दौरान कंपनी को ₹89,772 करोड़ के नए ऑर्डर मिले। इनमें बिल्डिंग, सड़क, मेट्रो, बिजली वितरण और हाइड्रोकार्बन प्रोजेक्ट शामिल हैं। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक ₹7.4 लाख करोड़ पर पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 28 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें विदेशी ऑर्डर की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत रही।
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आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार एलएंडटी के पास मजबूत ऑर्डर बुक है और कंपनी को लगातार बड़े प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। लेकिन चौथी तिमाही में करीब ₹5,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में देरी हुई। इसकी वजह मिडिल ईस्ट में सप्लाई चेन की दिक्कतें और पानी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में देरी रही। इसी कारण निवेशकों में चिंता बढ़ी।
एलएंडटी ने FY27 के लिए ऑर्डर और रेवेन्यू ग्रोथ 10 से 12 प्रतिशत रहने का अनुमान दिया है। कंपनी ने अपनी नई रणनीति ‘लक्ष्य 2031’ के तहत अगले 5 साल में ऑर्डर और आय में तेज बढ़त का लक्ष्य रखा है। कंपनी नई टेक्नोलॉजी और ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही है। मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, निकट समय में ये नए निवेश कंपनी के रिटर्न पर दबाव डाल सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में इससे फायदा मिलने की उम्मीद है। ब्रोकरेज हाउस ने एलएंडटी के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹4,550 कर दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल कुछ चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन भारत में बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, मिडिल ईस्ट में नए अवसर और ऊर्जा परिवर्तन जैसे बड़े ट्रेंड्स से एलएंडटी को लंबे समय में फायदा मिल सकता है।