अब डाकघर में बचत खाता खुलवाना हो या फिर अपनी जमा पूंजी निवेश करनी हो, आपके पास कार्ड होना जरूरी हो गया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लेनदेन में पारदर्शिता लाने और टैक्स चोरी रोकने के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। सरकार के इस कदम का सीधा मकसद पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं को बैंकिंग सिस्टम के बराबर लाना है, ताकि हर पैसे का हिसाब-किताब और उसकी ट्रेल (निशान) मौजूद रहे। आइए विस्तार से समझते हैं कि इन नए नियमों का आपकी बचत और निवेश पर क्या असर पड़ेगा।
नए नियमों के लागू होने के बाद, अब डाकघर में लगभग हर जरूरी काम के लिए पैन कार्ड देना होगा। पहले की तरह अब केवल पहचान पत्र दिखाकर काम नहीं चलेगा। मुख्य रूप से इन कामों के लिए पैन कार्ड जरूरी है:
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का मानना है कि इस सख्ती से ट्रांजैक्शन का एक स्पष्ट ऑडिट ट्रेल बनेगा, जिससे यह पता लगाना आसान होगा कि पैसा कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है।
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या बिना पैन कार्ड के डाकघर में काम नहीं होगा? जवाब है कि काम तो होगा, लेकिन कागजी कार्रवाई बढ़ जाएगी।
जिन ग्राहकों के पास पैन कार्ड नहीं है, उन्हें अब फॉर्म 97 भरकर एक डिक्लेरेशन (घोषणा) देनी होगी। यह पुराने ‘फॉर्म 60’ की जगह लेगा। फॉर्म 97 पुराने फॉर्म के मुकाबले ज्यादा मुश्किल है। इसमें आपको निम्नलिखित जानकारियां देनी होंगी:
ध्यान रहे कि बिना पैन कार्ड वाले लेनदेन की जांच-परख ज्यादा बारीकी से होगी, इसलिए इसमें सामान्य से अधिक समय लग सकता है।
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टैक्स कटौती (TDS) को लेकर भी एक बड़ा बदलाव किया गया है। पहले 60 साल से कम उम्र के लोग ‘फॉर्म 15G’ भरते थे और सीनियर सिटीजन ‘फॉर्म 15H’ का इस्तेमाल करते थे। अब इन दोनों की जगह एक ही फॉर्म 121 ने ले ली है।
यह बदलाव चीजों को आसान बनाने के लिए किया गया है। अब आपकी उम्र चाहे कुछ भी हो, अगर आपकी सालभर की कमाई टैक्स के दायरे में नहीं आती और आप चाहते हैं कि आपके ब्याज पर टैक्स न कटे, तो बस आपको फॉर्म 121 भरकर जमा करना होगा।
डाकघर की बचत योजनाएं हमेशा से सुरक्षित और भरोसेमंद मानी जाती हैं, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद आपको कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे:
अभी के लिए डाकघर पुराने और नए दोनों सिस्टम साथ-साथ चला रहा है। जब तक पूरा सिस्टम अपडेट नहीं हो जाता, तब तक पुराने फॉर्म (15G/15H) भी कुछ समय तक चलते रहेंगे, लेकिन आगे चलकर सब कुछ नए फॉर्म और पैन-आधारित सिस्टम पर ही शिफ्ट हो जाएगा।