MSCI EM Index: दुनिया की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी TSMC ने MSCI Emerging Market (EM) इंडेक्स में भारत पर अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। AI और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बढ़ते उत्साह के बीच अब यह कंपनी विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बनती दिख रही है।
MSCI की ताजा फैक्टशीट के मुताबिक, इंडेक्स में TSMC का वेटेज 14.2 फीसदी पहुंच गया है। वहीं भारत का हिस्सा घटकर 11.94 फीसदी रह गया है, जो पिछले छह साल से ज्यादा समय का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।
फरवरी से शुरू हुई थी बढ़त
TSMC ने फरवरी में पहली बार भारत को पीछे छोड़ा था। उस समय भारतीय बाजार में कोविड महामारी के बाद सबसे बड़ी मासिक बिकवाली देखने को मिली थी। दूसरी ओर, AI निवेश को लेकर बढ़ती उम्मीदों ने TSMC के शेयरों को जोरदार सपोर्ट दिया।
TSMC में तेजी की वजह से ताइवान अब MSCI EM इंडेक्स में चीन से भी आगे निकल गया है। इंडेक्स में ताइवान का वेटेज बढ़कर 24.84 फीसदी हो गया है। साल 2023 में यह 15 फीसदी से भी कम था।
MSCI Emerging Market इंडेक्स को उभरते बाजारों में निवेश का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है। दुनियाभर के पैसिव फंड, जिनके पास 750 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति है, इसी इंडेक्स को ट्रैक करते हैं। इसलिए इसमें किसी देश या कंपनी का वेटेज बढ़ना विदेशी निवेश के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
भारत का वेटेज 2024 में बढ़कर 20 फीसदी तक पहुंच गया था। लेकिन उसके बाद भारतीय बाजार का प्रदर्शन MSCI EM इंडेक्स की तुलना में काफी कमजोर रहा। कई विदेशी ब्रोकरेज फिलहाल दक्षिण कोरिया और ताइवान को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसकी वजह AI सप्लाई चेन में उनकी मजबूत स्थिति और भारत के मुकाबले सस्ते वैल्यूएशन बताए जा रहे हैं।
TSMC का बढ़ता दबदबा अब इंडेक्स में बढ़ती एकाग्रता को लेकर चिंता भी पैदा कर रहा है। Acadian Asset Management ने दिसंबर में कहा था कि पिछले 30 साल में MSCI EM इंडेक्स में किसी एक कंपनी का इतना बड़ा वेटेज पहली बार देखने को मिला है। फिलहाल इंडेक्स की टॉप 10 कंपनियों का कुल वेटेज 34.64 फीसदी है। भारत की HDFC Bank और Reliance Industries भी टॉप 10 में शामिल हैं, लेकिन दोनों का वेटेज सिर्फ 0.8 फीसदी है।