Editorial: रेटिंग गिरावट से परे अन्य जोखिम
फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने अमेरिकी डेट की रेटिंग कम करने का जो निर्णय लिया उसका मंगलवार को बाजार पर ज्यादा असर नहीं देखने को मिला। चूंकि वित्तीय बाजारों में संभवत: किसी को अमेरिकी सरकार की डेट से निपटने की क्षमता पर संदेह नहीं है, इसलिए रेटिंग संबंधी कदमों को लेकर तीव्र प्रतिक्रिया हुई। उदाहरण […]
Editorial: ब्रिक्स के विस्तार से जुड़ी चिंताएं
आगामी 22 अगस्त को ब्रिक्स देशों यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शासनाध्यक्षों की मुलाकात होनी निर्धारित है। बहरहाल, इस बैठक से पहले ही कई अहम सवाल उभरने लगे हैं। इन सवालों का ताल्लुक इस समूह के विस्तार से है। जानकारी के मुताबिक चीन इसमें नए सदस्यों को शामिल करने को लेकर […]
Editorial: लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में अत्यंत मुखर ढंग से ‘भारत के जनमानस में गहराई से जड़ें जमाए लोकतांत्रिक मूल्यों’ के बारे में बात की थी। उनके इस बयान के करीब एक महीने के भीतर घटित हुई दो घटनाएं बताती हैं कि भारतीय राजनेताओं में इसके प्रभाव को लेकर कितनी कम समझ है। सात जुलाई […]
Editorial: आर्थिक वृद्धि में धीमापन
वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के कंपनी परिणामों से संकेत मिलता है कि राजस्व और लाभ में वृद्धि कमजोर पड़ी है। पिछले वर्ष की अंतिम तिमाही की तुलना में कारोबारी राजस्व और लाभ में कमी आई है। हालांकि सालाना आधार पर इसमें ठोस वृद्धि देखने को मिली है। लाभ में हुई वृद्धि में बैंकों, […]
Editorial: आसान और कठिन चुनौतियां
लंबी दूरी की प्रतियोगिताओं में साइकल चालक एक ऐसी आकृति बनाते हैं जो पक्षियों के एक समूह जैसी नजर आती है। इस आकृति में सबसे आगे मौजूद साइकल चालक पीछे आने वाले चालकों के सामने उदाहरण रखता जाता है कि उन्हें किस एंगल पर साइकल चलानी है ताकि उन्हें मुश्किल न हो। हर थोड़ी-थोड़ी देर […]
Editorial: चावल पर प्रतिबंध का प्रभाव
सरकार ने बासमती तथा उसना चावल को छोड़कर हर प्रकार के चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार का यह निर्णय राजनीतिक बाध्यताओं से प्रेरित है। ऐसा शायद इसलिए किया गया है ताकि कुछ अहम राज्यों के विधानसभा चुनावों और अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले […]
Editorial: वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल
Global economic environment: वैश्विक आर्थिक माहौल में व्याप्त अनिश्चितता बीते कुछ महीनों में कम हुई है लेकिन निकट भविष्य का परिदृश्य कमजोर ही नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने जुलाई माह का जो वैश्विक आर्थिक परिदृश्य प्रस्तुत किया है उसमें 2023 के लिए वैश्विक वृद्धि के अनुमान को 0.2 फीसदी बढ़ा दिया […]
मणिपुर में संस्थागत विफलता
मई माह में मणिपुर में कुकी जोमी महिलाओं पर भीड़ के हमले का जो परेशान करने वाला वीडियो सामने आया है वह इस बात को रेखांकित करता है कि राज्य के संस्थान कानून व्यवस्था की दिक्कतों से तत्काल और निष्पक्ष तरीके से निपटने में विफल रहे हैं और उनकी यह नाकामी निंदनीय है। 19 जुलाई […]
Editorial: धीमी रहेगी आईटी उद्योग की वृद्धि
सूचना एवं प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग लोकप्रियता के संदर्भ में वापसी कर रहा है। परंतु वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून, 2023 के वित्तीय नतीजे और अनुमान इसे उचित ठहराते नहीं लगते। इस उद्योग की अग्रणी कंपनियों टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, एचसीएल टेक और इन्फोसिस (Infosys) के अनुमानित आंकड़ों को मामूली रूप से […]
Editorial: बढ़ेगा कल्याण योजनाओं पर व्यय
बीते कुछ सप्ताह में राष्ट्रीय बहस व्यापक रूप से इस बात पर केंद्रित रही है कि 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किस तरह राजनीतिक शक्तियां गोलबंदी कर रही हैं। गठबंधनों की व्यवहार्यता और उनके जीतने की संभावनाएं जहां अभी उभर ही रही हैं, वहीं इस बात पर चर्चा करना उचित होगा […]









