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लेखक : बीएस संपादकीय

लेख, संपादकीय

एक और इजाफा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की इस वित्त वर्ष की अंतिम बैठक सोमवार को आरंभ हो गई। इस बार समिति को अपेक्षाकृत कठिन निर्णय लेना है। चूंकि मुद्रास्फीति की दर तीन तिमाहियों से अ​धिक समय से तय दायरे की ऊपरी सीमा से भी अ​धिक रही है तो इसका अर्थ यही हुआ […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

देरी से लिया गया निर्णय

आ​खिरकार केंद्र सरकार ने वोडाफोन आइडिया में 33 फीसदी हिस्सेदारी लेने का निर्णय ले ही लिया है। इसके साथ ही वह वित्तीय संकट से जूझ रही इस दूरसंचार कंपनी में 33 फीसदी की हिस्सेदार बन जाएगी। प्रथमदृष्टया यह सकारात्मक घटना लगती है। बहरहाल, सरकार ने इस निर्णय को लेने में जो देरी की उसने दूरसंचार […]

आज का अखबार, बजट, संपादकीय

बदलना होगा तरीका

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में वर्ष 2023-24 का बजट पेश किया। इस बजट में पूंजीगत व्यय के लिए रखे गए सार्वजनिक फंड में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। जैसा कि उन्होंने कहा यह लगातार तीसरा बजट है जिसमें सरकार ने पूंजीगत व्यय में इजाफा किया है। इसके लिए 10 लाख करोड़ […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

बचत नहीं निवेश

वित्त मंत्री हर वर्ष केंद्रीय बजट की प्रस्तुति के बाद शुरुआती प्र​तिक्रियाओं के प्रबंधन में सिद्धहस्त हो चुके हैं। इससे शेयर बाजारों और टीवी स्टूडियो में भी हल्काफुल्का उत्साह पैदा होता है और जब तक वह ठंडा होता है, लोग बजट के बारीक अध्ययन से निकले संदेशों की अनदेखी करके आगे बढ़ चुके होते हैं। […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

आशावादी नजरिया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वर्ष 2022-23 की आर्थिक समीक्षा संसद में पेश की। समीक्षा का सबसे अहम निष्कर्ष यह है कि महामारी के कारण मची उथलपुथल से निजात मिल चुकी है और भारतीय अर्थव्यवस्था मध्यम अवधि में उच्च वृद्धि हासिल करने को तैयार है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने भी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

यात्रा से परे

राहुल गांधी ने 134 दिनों में 12 राज्यों की यात्रा और करीब 4,000 किलोमीटर का सफर करते हुए हजारों भारतीयों से अलग-अलग तरह से संवाद (चलते हुए, बैठकर, संवाददाता सम्मेलन के जरिये) करने के बाद सोमवार को श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा समाप्त कर दी। समापन के अवसर पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

ग्रीन बॉन्ड से मिलेगी मदद

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गत सप्ताह पहली बार भारत सरकार की ओर से 8,000 करोड़ रुपये मूल्य के सॉवरिन ग्रीन बॉन्ड जारी किए। इस विषय में आरंभिक घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 के बजट भाषण में की थी। बाद में सरकार ने कहा था कि वह कुल बाजार उधारी कार्यक्रम के […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

संतुलित रुख जरूरी

वर्ष 2021-22 का चीनी का मौसम (अक्टूबर से सितंबर) और उसके बाद अब तक की अवधि भारतीय चीनी क्षेत्र के लिए घटना प्रधान साबित हुए हैं। यह प्रमुख कृषि आधारित उद्योग जहां अपना अस्तित्व बचाने के लिए सरकारी सहायता और राहत पैकेज की मांग करता रहता था, वहीं अब यह एक जीवंत, आत्मनिर्भर क्षेत्र बन […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

पहल का अवसर

अमेरिका और नाटो के खुफिया सूत्रों का कहना है कि रूस यूक्रेन पर नए सिरे से हमले कर सकता है। इस बीच बहस का बड़ा हिस्सा इस बात पर कें​द्रित रहा है कि जर्मन चांसलर ओलाफ शुल्ज ने यूक्रेन को लेपर्ड 2 मुख्य युद्धक टैंक देने में हिचकिचाहट दिखाई है। इस बहस में यह बात […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

IBC में बदलाव की पहल

वर्ष 2016 में जब ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (IBC) की शुरुआत हुई थी तो यह अपेक्षा की गई थी कि इस नई व्यवस्था से भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्त्वपूर्ण अंतर पाटना आसान हो जाएगा। आईबीसी को हाल के वर्षों में हुए महत्त्वपूर्ण सुधारों में एक समझा गया। इसका मकसद कंपनी जगत में दिवालिया […]

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