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लेखक : बीएस संपादकीय

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने बिजली का एडवांस में इंतजाम करना शुरू किया

इस बार समय से पहले ही और लंबे समय तक पड़ने वाली गर्मी की आशंकाओं के बीच उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने बिजली का अग्रिम इंतजाम करना शुरू कर दिया है। कारपोरेशन ने जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु, राजस्थान और मध्य प्रदेश से बिजली खरीद के लिए विशेष समझौता किया। पावर कारपोरेशन के मुताबिक इन राज्यों से […]

अंतरराष्ट्रीय, आज का अखबार, भारत, लेख

Russia Vs Ukraine : यूक्रेन युद्ध में छिपे सबक G20 के लिए अवसर

यूक्रेन और रूस के बीच छिड़ा युद्ध कूटनीतिक नाकामी दिखाता है लेकिन आगामी जी20 ​शिखर बैठक एक अवसर है जहां कूटनीति अपना बचाव कर सकती है। इस बारे में बता रहे हैं श्याम सरन आगामी 24 फरवरी को यूक्रेन युद्ध की शुरुआत हुए एक वर्ष हो जाएगा। अब सवाल यह नहीं है कि इस युद्ध […]

आज का अखबार, लेख

निर्यात को चाहिए नीतिगत मदद

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को उचित ही कहा कि भारतीय निर्यातकों को वैश्विक घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए और अधिक ग्रहणशील होना होगा। यह महत्त्वपूर्ण है क्योंकि 2021-22 में भारतीय निर्यातकों ने जो तेजी दर्ज की थी वह अब धीमी पड़ रही है। निर्यातकों को वैश्विक मांग में इजाफे से काफी […]

आज का अखबार, लेख

बढ़ता समुद्री जल स्तर, डूब सकते है कई शहर

संयुक्त राष्ट्र की संस्था विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने अपनी उस सालाना चेतावनी पर बल दिया है जिसकी अक्सर भारत में बिजली से चलने वाले वाहनों, सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे उत्सर्जन में कमी करने वाले उपायों की चर्चा के बीच अनदेखी कर दी जाती है। भारत वै​श्विक तापवृद्धि से निपटने के लिए […]

आज का अखबार, लेख

अनिश्चितता बढ़ाती मुद्रास्फीति

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित मुद्रास्फीति जनवरी माह में 6.52 फीसदी के साथ तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसके साथ ही यह दर एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तय दायरे से ऊपर निकल गई और इस बात ने अधिकांश विश्लेषकों को चौंका दिया। इस इजाफे की एक बड़ी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

आईटी में मंदी की आशंका

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में कर्मचारियों की नियु​क्ति में आ रहा धीमापन एक चेतावनी है। इस बात के पर्याप्त प्रमाण और आंकड़े मौजूद हैं कि इस क्षेत्र में मंदी की दस्तक है। ऐसे में यह चिंता बढ़ रही है कि वै​श्विक स्तर पर अर्थव्यवस्थाओं में नजर आ रही मंदी आईटी सेवाओं की मांग को भी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

कोरम का प्रश्न

यह सच है कि विश्व बैंक की कारोबारी सुगमता रैंकिंग को प्रक्रियागत अनियमितताओं के कारण बंद कर दिया गया है लेकिन सरकार ने कहा है कि वह इस दिशा में अपना ध्यान निरंतर केंद्रित रखेगी ताकि देश में निवेश का माहौल तैयार किया जा सके। परंतु हाल ही में एक ऐसा कदम उठाया गया जो […]

आज का अखबार, लेख

‘बाजार की गतिविधियों में सरकार के हस्तक्षेप अक्सर अनचाहे परिणाम’

बाजार की गतिविधियों में सरकार का हस्तक्षेप अक्सर अनचाहे परिणाम लेकर आता है। बाजार प्रतिभागियों का लक्ष्य अपने प्रतिफल को अधिक से अधिक करना होता है और जरूरी नहीं कि यह बात हमेशा सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के साथ तालमेल में हो। इस संदर्भ में ताजा उदाहरण है बिजली से चलने वाले वाहनों (EV) […]

आज का अखबार, लेख

नीतिगत गुंजाइश बरकरार

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की अपनी अंतिम बैठक में नीतिगत रीपो दर में 25 आधार अंक का इजाफा करके इसे 6.5 फीसदी कर दिया। स्टैंडिंग डिपॉजिट सुविधा और मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दरों को भी इसी के अनुरूप समायोजित करके क्रमश: 6.25 फीसदी और 6.75 फीसदी कर दिया गया। यह […]

आज का अखबार, बजट, लेख

Budget 2023 : एग्रीकल्चर सेक्टर को समर्थन

केंद्रीय बजट में 2023-24 के लिए कृ​षि के वास्ते जिस पैकेज का प्रस्ताव किया गया है उसका लक्ष्य प्रमुख तौर पर उन कार्यक्रमों और संस्थानों को आगे बढ़ाने का है जो इस क्षेत्र को वृद्धि प्रदान करने वाले संभावित कारकों की भूमिका निभा सकते हैं। लक्ष्य यह है कि कृ​षि उत्पादन में इजाफा किया जाए […]

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