अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने आज भारत सहित 60 देशों के खिलाफ जांच शुरू की है। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि क्या वे बंधुआ मजदूरी के जरिये तैयार सामान का निर्यात रोकने में विफल रहे हैं।
यह जांच 1974 के ट्रेड ऐक्ट की धारा 301(बी) के तहत शुरू की गई है जो अमेरिका के 60 सबसे बड़े व्यापार भागीदारों पर केंद्रित होगी। साल 2024 में इन व्यापार भागीदारों का अमेरिका के कुल आयात में 99 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी थी। जिन देशों के खिलाफ जांच शुरू की जा रही है उनमें भारत के अलावा चीन, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ब्राजील, अर्जेंटीना, चिली, कोलंबिया, मलेशिया, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, इराक, अल्जीरिया आदि शामिल हैं।
यह घोषणा भारत एवं 15 अन्य व्यापारिक भागीदारों के खिलाफ शुल्क संबंधी जांच शुरू किए जाने के ठीक एक दिन बाद की गई है। जांच में इन देशों के विनिर्माण क्षेत्र में मौजूद ढांचागत अतिरिक्त क्षमता एवं उत्पादन के बारे में आरोप लगाया गया है कि उससे अमेरिका के दोबारा औद्योगीकरण के प्रयासों पर बुरा असर पड़ रहा है। धारा 301(बी) के तहत जांच के बाद जवाबी शुल्क या प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।