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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर चेतावनी: जन स्वास्थ्य के लिए सर्वोच्च न्यायालय की सख्त पहल

गत सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से उन पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर फ्रंट ऑफ पैक यानी पैकेट पर सामने की ओर चेतावनी लेबल लगाने पर गंभीरता से विचार करने को कहा, जो चीनी, संतृप्त वसा, ट्रांस वसा और सोडियम की अधिक मात्रा वाले हों। न्यायालय ने यह भी कहा […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: AI इम्पैक्ट समिट के जरिए भविष्य की चुनौतियों और निवेश पर बड़ा दांव

नई दिल्ली में इस सप्ताह होने जा रही एआई इम्पैक्ट समिट एक ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) को दुनिया भर में तेजी से अपनाया जा रहा है। सरकार की महत्त्वाकांक्षा एकदम स्पष्ट है: भारत को वैश्विक एआई परिदृश्य की एक विश्वसनीय आवाज के रूप में स्थापित करना। अभी इस […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: भारत साइबर तैयारी में आगे, लेकिन खतरे भी तेजी से बढ़ रहे

साइबर सुरक्षा से जुड़ा जोखिम वर्तमान में देश के उद्योग जगत के समक्ष उत्पन्न सबसे गंभीर खतरा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री (फिक्की) और ईवाई के जोखिम सर्वेक्षण 2026 के मुताबिक सर्वे में शामिल 61 फीसदी कारोबारी नेतृत्व ने साइबर सुरक्षा को संस्थागत प्रदर्शन को आकार देने के मामले में प्राथमिक […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: नए सीपीआई इंडेक्स से महंगाई की ज्यादा सटीक तस्वीर

नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) श्रृंखला दिखाती है कि मुद्रास्फीति की दर जनवरी में बढ़कर 2.75 फीसदी हो गई। यह पुरानी श्रृंखला के मुताबिक दिसंबर में आए 1.33 फीसदी केे आंकड़े से काफी अधिक है। खाद्य मुद्रास्फीति की दर 2.13 फीसदी रही। सीपीआई के घटकों में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन आए हैं। उसके आधार वर्ष को 2012 […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: भारत में निजी निवेश में तेजी, उच्च आर्थिक वृद्धि के लिए राह खुली

चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के स्थिर मूल्यों पर 7.4 फीसदी की दर से वृद्धि हासिल करने का अनुमान है। वर्ष 2024-25 में इसमें 6.5 फीसदी की वृद्धि हुई थी। कोविड-19 महामारी के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था की एक प्रमुख थीम लगातार उच्च सरकारी पूंजीगत व्यय रही है। महामारी के बाद आर्थिक सुधार में […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

एंथ्रोपिक के ‘कोवर्क’ से आईटी उद्योग में भूचाल, साधारण भूमिकाओं के लिए जोखिम

अपनी शुरुआत के चंद रोज बाद ही एंथ्रोपिक के क्लाउड कोवर्क ने सूचना प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग में बड़े पैमाने पर उथलपुथल मचा दी है। इस नए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस असिस्टेंट और इसके अनेक प्लगइन लोगों को यह इजाजत देते हैं कि वे एआई के साथ साझा वर्कप्लेस में सहयोग कायम कर सकें। इसके निहितार्थ सामने आने […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: व्यापार समझौते के बाद भारत-अमेरिका रिश्तों में नई गर्माहट

भारत और अमेरिका द्वारा जारी किया गया संयुक्त बयान जिसमें एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पेश की गई है, वह दोनों देशों के बीच संबंधों में महत्त्वपूर्ण नरमी का संकेत हो सकता है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इसे कितनी तेजी से लागू किया जाएगा, लेकिन उम्मीद है कि उन निर्यातकों को […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: डेटा सेंटर को बिजली देना जरूरी, AI में लीडरशिप ऊर्जा आपूर्ति के नियंत्रण पर टिकी

करीब 4.75 अरब डॉलर में सौर ऊर्जा और भंडारण विकास कंपनी इंटरसेक्ट पावर के अधिग्रहण की गूगल की योजना स्वच्छ ऊर्जा कंपनी से जुड़ा आम सौदा भर नहीं होगा। लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) चलाने के लिए बने डेटा सेंटर अब उतनी ऊर्जा खा रहे हैं, जितनी पूरा शहर खर्च करता है। इसमें चिप्स या पूंजी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: राजकोषीय घाटा घटा, लेकिन ऋण में सुधार चुनौतीपूर्ण

रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट में राजकोषीय प्रदर्शन के आकलन के पैमाने में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव हुआ। सरकार ने पहले घोषणा की थी कि 2026-27 से राजकोषीय घाटे को उस स्तर पर बनाए रखा जाएगा जिससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में केंद्र सरकार का ऋण घटता रहे। उस हिसाब […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: ऑपरेशन सिंदूर का असर, रक्षा बजट में बढ़ोतरी

मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर की छाप इस वर्ष के रक्षा बजट पर देखी जा सकती है। 7.85 लाख करोड़ रुपये के साथ रक्षा व्यय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2 फीसदी तक पहुंच सकता है। यह पहले लगातार आ रही गिरावट के उलट है और इसके जरिये स्वीकार किया जा रहा है कि […]

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