facebookmetapixel
Advertisement
बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी सेंधमारी: 1TB डेटा डार्क वेब पर हुआ लीक, जांच में जुटी एजेंसियांHDFC Bank के बोर्ड ने अपने ही अधिकारियों पर की कार्रवाई, MD-CFO पर लगाया 1-1 लाख रुपये का जुर्मानासुप्रीम कोर्ट की दो टूक: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार मौलिक, आंदोलन के नाम पर पुलिस ज्यादती जायज नहींटाटा पावर का मुनाफा 11% बढ़ा, 2030 तक ट्रांसमिशन में ₹40,000 करोड़ निवेश की तैयारी में कंपनीCoal India Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा लगभग स्थिर, पर आय में 8.4% की बढ़ोतरीआइकिया इंडिया साल 2030 तक चार गुना राजस्व करने की तैयारी में, 30 स्टोर खोलने का भी लक्ष्यविपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुआ एंटी-पेपर लीक बिल, सजा और जुर्माने को बनाया गया और कठोरजल्द आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के नए प्लास्टिक बैंक नोट, सरकार ने RBI को दी मंजूरीलोढ़ा डेवलपर्स डेटा सेंटर की जमीन बेचकर करेगी ₹10,000 करोड़ की कमाई, अगले 3-4 साल में बिक्री का लक्ष्यIndian Hotels Q1 Results: मजबूत घरेलू मांग के दम पर चमकी इंडियन होटल्स, राजस्व-मुनाफे में शानदार उछाल

SIF की तेजी से बढ़ रही लोकप्रियता, AUM 10,000 करोड़ रुपये के करीब

Advertisement

पहला एसआईएफ सितंबर 2025 में क्वांट म्युचुअल फंड ने शुरू किया था। तब से आठ और फंड हाउस इस सेगमेंट में उतर चुके हैं

Last Updated- March 12, 2026 | 10:20 PM IST
SIF

म्युचुअल फंडों की नई योजना श्रेणी स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (एसआईएफ) लोकप्रिय हो रही है। ज्यादा परिसंपत्ति प्रबंधक अब इसकी पेशकश करने लगे हैं। इस सेगमेंट की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 10,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंचने वाली है और इसका आधा हिस्सा पिछले दो महीने में जुड़ा है।

पहला एसआईएफ सितंबर 2025 में क्वांट म्युचुअल फंड ने शुरू किया था। तब से आठ और फंड हाउस इस सेगमेंट में उतर चुके हैं। इस सेगमेंट में योजनाओं की संख्या फरवरी में 11 थी, जो अब करीब 15 हो चुकी है। इस महीने अब तक तीन योजनाएं शुरू की गई हैं।

म्युचुअल फंड अधिकारियों ने कहा कि इन योजना को अपनाने की रफ्तार मोटे तौर पर उम्मीद के मुताबिक है। कारण कि एसआईएफ अपेक्षाकृत जटिल योजना है और इसका वितरण भी सीमित है। फंडों की बिक्री में निजी वितरकों का योगदान ज्यादा है और एसआईएफ वितरण के लिए बहुत ज्यादा पात्र नहीं बन पाए हैं।

एडलवाइस फंड की एमडी और सीईओ राधिका गुप्ता ने कहा, जैसे-जैसे हमारे फंड वितरक साझेदार आवश्यक एनआईएसएम-13 परीक्षा पास करते जाएंगे, योजना का वितरण बढ़ता जाएगा। निश्चित रूप से ऐसा हो रहा है। आधार तैयार हो चुका है, स्वीकार्यता अच्छी है और शुरुआती कुछ ही महीनों में वृद्धि शानदार रही है।

फिलहाल, वेल्थ मैनेजर एसआईएफ के लिए प्राथमिक वितरण चैनल के रूप में उभरे हैं क्योंकि उनकी पहुंच एचएनआई ग्राहकों तक है, जो इस तरह की विशेष रणनीतियों के लिए उपयुक्त हैं।

नुवामा वेल्थ के अध्यक्ष और प्रमुख राहुल जैन के अनुसार एसआईएफ की सिफारिश उन ग्राहकों से की जा रही है। पहले इसकी रणनीतियां मुख्य रूप से श्रेणी-3 के वैकल्पिक निवेश फंडों (एआईएफ) के माध्यम से उपलब्ध थीं। उन्होंने कहा, पूर्ण प्रतिफल रणनीतियों के लिए आवंटन के दृष्टिकोण से एसआईएफ काफी उपयुक्त हैं। पहले ये रणनीतियाँ मुख्य रूप से श्रेणी-3 एआईएफ के माध्यम से पेश की जाती थीं, जो कर के लिहाज से किफायती नहीं थीं।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्युचुअल फंडों और एआईएफ के बीच अंतर पाटने के लिए पिछले वर्ष एसआईएफ की शुरुआत की ताकि फंड हाउस अपने ढांचे के भीतर अधिक परिष्कृत रणनीतियों की पेश कर सकें। इन योजनाओं के लिए न्यूनतम निवेश 10 लाख रुपये है और म्युचुअल फंडों की तरह ही इनमें पास-थ्रू टैक्सेशन लागू होता है, जहां लाभ पर निवेशकों को कर चुकाना होता है। इसके विपरीत, श्रेणी-3 एआईएफ पर फंड स्तर पर कर लगता है।

अब तक इस तरह की पेशकश मुख्य रूप से हाइब्रिड रणनीतियों पर केंद्रित रही हैं। छह सक्रिय हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंडों की कुल परिसंपत्तियां 7,389 करोड़ रुपये है, जबकि बाकी इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंडों और इक्विटी एक्स-टॉप 100 लॉन्ग-शॉर्ट फंडों में लगी हुई है।

Advertisement
First Published - March 12, 2026 | 10:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement