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Closing Bell: आखिरी 30 मिनट में आई एक खबर ने मचाई खलबली, सेंसेक्स 829 अंक टूटा; निफ्टी 23639 पर बंद

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Closing Bell: आईईए ने कहा है कि ईरान युद्ध के कारण तेल बाजार में अब तक की सबसे बड़ी उथल-पुथल मची है। इस खबर का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

Last Updated- March 12, 2026 | 3:56 PM IST
Stock Market Crash

Stock Market Closing Bell, Thursday, March 12, 2026: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (12 मार्च) को भी बड़ी गिरावट में बंद हुए। तेल की कीमतों में अस्थिरता से निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति पर लगातार नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 8 प्रतिशत से जायदा बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इससे निवेशकों की बैचनी और बढ़ गई। वहीं, आईईए ने कहा है कि ईरान युद्ध के कारण तेल बाजार में अब तक की सबसे बड़ी उथल-पुथल मची है। इस खबर का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

अंतरराष्ट्रीय एनर्जी एजेंसी (IEA) ने कहा कि ईरान युद्ध के कारण तेल बाजारों में अभूतपूर्व उथल-पुथल मच गई है और इससे वैश्विक तेल सप्लाई का लगभग 7.5% हिस्सा प्रभावित हुआ है, जबकि निर्यात पर इसका असर और भी ज्यादा पड़ा है। आईईए ने गुरुवार को जारी अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा, ”मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा पैदा कर रहा है।”

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 76,369 अंक पर खुला। खुलते ही इंडेक्स में गिरावट बढ़ गई। कारोबार के दौरान यह 75,871 अंक तक फिसल गया था। अंत में 829.29 अंक या 1.08 प्रतिशत की गिरावट लेकर 76,034.42 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 23,674.85 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 23,556 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में 227.70 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,639 पर बंद हुआ।

Index Open Day’s Low Close
Sensex 76,369 75,871 76,034
Nifty 50 23,674.85 23,556 23,639

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स

सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, अल्ट्रा सीमेंट, ट्रेंट लिमिटेड, इंडिगो, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, एनटीपीसी, टेक एम, एचसीएलटेक और पावर ग्रिड हरे निशान में रहे।

बड़े इंडेक्स की तरह मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप करीब 0.37 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.69 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। सेक्टर की बात करें तो निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा गिरने वाला सेक्टर रहा। गैस की सप्लाई पर लगी रोक और कमी की वजह से ऑटो सेक्टर के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी रियल्टी सूचकांक भी कमजोर प्रदर्शन करते हुए गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं दूसरी ओर निफ्टी ऑयल एंड गैस गुरुवार के कारोबार में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।

Top Gainers Top Losers
NTPC Mahindra & Mahindra
Power Grid Maruti Suzuki
Tech Mahindra Bajaj Finance
HCL Tech Larsen & Toubro (L&T)
Power Grid UltraTech Cement

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हो रही है। तेल ले जाने वाले जहाजों पर नए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई और गैस आपूर्ति में कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।”

उन्होंने कहा, ”बाजार में फिलहाल व्यापक स्तर पर कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। हालांकि रिन्यूएबल एनर्जी और यूटिलिटी शेयरों में चुनिंदा खरीदारी दिखाई दी है। शॉर्ट टर्म में लगातार जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निकासी के कारण शेयर बाजार और रुपये दोनों पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि इस साल भारत के बाजार का प्रीमियम वैल्यूएशन कुछ कम हुआ है। इससे यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन गया है और गिरावट का जोखिम भी कुछ कम हो सकता है।”

क्रूड आयल 100 डॉलर के पार

ईरान और अमेरिका के बीच ताजा घटनाक्रम का कच्चे तेल की कीमतों पर असर देखने को मिल रहा है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत एशिया के कारोबार के समय लगभग 8 प्रतिशत बढ़कर 100.18 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या कई देशों की तरफ से आपातकाल में तेल भंडार से तेल निकालकर बाजार में देने से अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण हुई सप्लाई की कमी को पूरा किया जा सकता है या नहीं। ब्रेंट कच्चे तेल का मई महीने का फ्यूचर्स सौदा भी तेज रहा। यह लगभग 7.47 प्रतिशत बढ़कर 99.94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

Global Markets

एशिया के ज्यादातर शेयर बाजार गुरुवार की सुबह शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुले। इसकी वजह यह रही कि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई। कारोबारियों को डर है कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता युद्ध तेल की सप्लाई में रुकावट पैदा कर सकता है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स लगभग स्थिर रहा, जबकि जापान का निक्केई 225 एक प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स 0.09 प्रतिशत नीचे रहा।

इससे पहले अमेरिका में भी ज्यादातर शेयर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि आंकड़ों से पता चला कि फरवरी में महंगाई की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। इसके बावजूद निवेशकों को चिंता है कि अगर अमेरिका-ईरान संघर्ष जारी रहा तो आने वाले समय में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.61 प्रतिशत और एस एंड पी 500 इंडेक्स 0.08 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक कंपोजिट 0.08 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ।

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First Published - March 12, 2026 | 8:14 AM IST

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