भारत के क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण मुश्किल में हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से आपूर्ति श्रृंखलाएं फंस गई हैं, जिससे एलपीजी सिलिंडरों का स्टॉक तेजी से घट रहा है। इससे रेस्तरां चेन को अपना परिचालन बंद करने या मेनू सीमित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विश्लेषक हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। लेकिन घबराकर बेचने से बचने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, इस घटनाक्रम ने जुबिलेंट फूडवर्क्स, देवयानी इंटरनैशनल और वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड जैसी कंपनियों के अल्पावधि परिदृश्य को धूमिल कर दिया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सरकार के सक्रिय कदमों से नुकसान सीमित हो सकता है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘एलपीजी आपूर्ति बहाल करने में लंबे समय तक देर हुई तो मार्च तिमाही की आय को कुछ हद तक प्रभावित हो सकती है। हालांकि, आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए सरकार के सक्रिय कदमों को देखते हुए एलपीजी की उपलब्धता जल्द बहाल हो सकती है।’उन्होंने कहा कि निवेशकों को घबराकर शेयर नहीं बेचना चाहिए और क्यूएसआर शेयरों में निवेश रखना चाहिए।
बुधवार को सरकार ने घोषणा की कि भारत को जल्द ही कच्चे तेल और एलएनजी के दो-दो कार्गो मिलेंगे, जो अब ब्लॉक होर्मुज स्ट्रेट से बचकर निकल चुके हैं। इसके अलावा, भारतीय तेल कंपनियों ने सरकार के उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा किए जाने के आदेश के बाद अपनी रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन 25 फीसदी बढ़ा दिया है।
सोमवार से मुंबई और बेंगलूरु सहित कई भारतीय शहरों में रेस्तरों ने एलपीजी आपूर्ति में कमी की सूचना दी है, जिससे उन्हें परिचालन बंद करने या काम के घंटे सीमित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। खबरों के अनुसार घरेलू आपूर्ति की सुरक्षा के लिए कुछ क्षेत्रों में वाणिज्यिक सिलिंडरों की आपूर्ति को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
निवेशकों को डर है कि सिलिंडर आपूर्ति में व्यवधान परिचालन घंटे कम कर सकता है, मेन्यू सीमित हो सकता है और अस्थायी रूप से प्रतिष्ठान बंद करने पर मजबूर कर सकता है, क्योंकि क्यूएसआर किचन ओवन, फ्रायर, ग्रिल और हाई-स्पीड कुकिंग के लिए एलपीजी का लगातार और ज्यादा उपयोग करते हैं।
जेएम फाइनैंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि डोमिनोज, मैकडॉनल्ड्स, बर्गर किंग और केएफसी जैसी बड़ी क्यूएसआर चेन पर इसका प्रभाव स्वतंत्र रेस्तरां की तुलना में कम होगा, हालांकि वे भी इस झटके से पूरी तरह बचे हुए नहीं हैं।
जेएम फाइनैंशियल के अनुसार प्रमुख क्यूएसआर का लगभग 60-65 प्रतिशत खाना पकाने का काम एलपीजी से होता है। ब्रोकरेज के अनुमान में उनके पास एक से दो सप्ताह का बफर है। पूरे संगठित उद्योग के लिए 5 लाख कंपनियां, जिनमें गैर-सूचीबद्ध ऑपरेटर भी शामिल हैं, लगभग 90 प्रतिशत वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर पर निर्भर करती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यदि एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला की समस्या आगे भी रही तो उनके परिचालन में बाधा की संभावना है।’
यह स्पष्ट नहीं है कि कमी कब तक रहेगी। विश्लेषकों ने कहा, निवेशक अपनी होल्डिंग्स में बने रह सकते हैं क्योंकि क्यूएसआर शेयरों में थोड़ी गिरावट आ सकती है। इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक जी चोकालिंगम ने कहा कि क्यूएसआर शेयरों में गिरावट से पता चलता है कि बाजार ने कमी के असर को ध्यान में रखा है।