म्युचुअल फंडों (एमएफ) द्वारा पेश की जाने वाली पैसिव योजना अब हाइब्रिड क्षेत्र में भी विस्तार करने के लिए तैयार हैं क्योंकि एडलवाइस एमएफ ने निफ्टी लार्ज मिडकैप 250 प्लस 8-13 वर्ष जी-सेक 70:30 इंडेक्स फंड लॉन्च करने की घोषणा की है।
पैसिव फंडों का दायरा अब तक इक्विटी, डेट और कमोडिटीज तक ही सीमित था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सबसे पहले 2024 में पैसिव हाइब्रिड फंड को अनुमति देने की योजना की घोषणा की थी। हालांकि अंतिम दिशानिर्देश दिसंबर 2025 में जारी किए गए, लेकिन हाल तक इनकी शुरुआत नहीं हो पाई थी क्योंकि कोई भी डेट इंडेक्स नियामक की न्यूनतम प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों की जरूरत यानी 5,000 करोड़ रुपये के आंकड़े पूरा नहीं कर पाया था। निफ्टी 8-13 वर्षीय जी-सेक इंडेक्स इस सीमा को पार करने वाला पहला कांस्टेंट ड्यूरेशन इंडेक्स है।
पिछले एक साल में कीमती धातुओं में निवेश के बाद हाइब्रिड म्युचुअल फंड सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट है। फरवरी 2026 तक हाइब्रिड फंड करीब 11 लाख करोड़ रुपये का प्रबंधन कर रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, पैसिव निवेश विकल्प मौजूदा ऐक्टिव फंडों की तुलना में कुछ मामलों में बेहतर साबित होंगे, जैसे कि कम व्यय अनुपात और पारदर्शिता आदि के मामले में।
फंड हाउस इक्विटी और डेट में निवेश के विभिन्न अनुपातों वाले अधिकतम तीन पैसिव हाइब्रिड फंड लॉन्च कर सकते हैं। इनमें बैलेंस्ड फंड (40-60 फीसदी इक्विटी और 40-60 फीसदी डेट), इक्विटी-ओरिएंटेड फंड (65-80 फीसदी इक्विटी और 20-35 फीसदी डेट) और डेट-ओरिएंटेड फंड (65-80 फीसदी डेट और 20-35 फीसदी इक्विटी) शामिल हैं।
एडलवाइस एमएफ एक इक्विटी ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड के साथ इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है। फंड हाउस के अनुसार, निफ्टी लार्ज मिडकैप 250 प्लस 8-13 वर्ष जी-सेक 70:30 इंडेक्स का प्रदर्शन अधिकांश ऐक्टिव आक्रामक हाइब्रिड फंडों और बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों की तुलना में 3 साल और 5 साल की अवधि में बेहतर रहा है। बीएस