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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए पर मुहर: 100% शुल्क-मुक्त पहुंच, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का रास्ता खुला26th Business Standard-Seema Nazareth Award: पूर्व विदेश सचिव श्याम सरन ने मीडिया को दी ‘संवाद’ की नसीहतसन फार्मा ने ऑर्गेनान पर लगाया बड़ा दांव, 11.75 अरब डॉलर में खरीदने का ऐलानसंजय कपूर संपत्ति विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कहा— मध्यस्थता अपनाएं, लड़ने की यह उम्र नहीं हैसर्ट-इन की बड़ी चेतावनी: क्लॉड मिथोस जैसे AI मॉडल से बढ़ा साइबर हमलों का खतरा, रहें सावधानबंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में वादे तो बड़े, पर आर्थिक गुंजाइश कमआबकारी नीति मामला: केजरीवाल ने अदालत को लिखा पत्र, सुनवाई में नहीं होंगे शामिलमुख्य आर्थिक सलाहकार का विजन: ऊर्जा संकट और आर्थिक दिक्कतों का समाधान है ‘उत्पादकता में बढ़ोतरी’निजी बैंकों में तकनीक का असर: ऐक्सिस, HDFC और RBL बैंक में घटी कर्मचारियों की संख्याआरबीआई का बड़ा फैसला: अन रेटेड लोन पर 150% जोखिम भार की सीमा अब ₹500 करोड़ हुई

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: नीति आयोग का NMP 2.0 जारी, एसेट मोनेटाइजेशन पर फिर जोर

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) का दूसरा संस्करण जारी कर दिया है। इसे सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने कई संबंधित मंत्रालयों के साथ मिलकर तैयार किया है। ये वे मंत्रालय हैं जिनके पास ऐसी परिसंपत्तियां हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है। एनएमपी 2.0 के लिए दिए गए आंकड़े अनुमान […]

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Editorial: डेटा सेंटर की होड़, अवसरों के साथ संसाधन और स्थिरता की चुनौती

गत सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में निवेश के वादों की बाढ़ आ गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई और डेटा अधोसंरचना विकास) में 110 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज ने कहा कि वह अगले एक दशक में हरित ऊर्जा संचालित डेटा सेंटर्स में 100 अरब […]

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Editorial: पैक्स सिलिका में भारत के प्रवेश से रणनीतिक औद्योगिक समन्वय को नई दिशा

भारत पैक्स सिलिका में शामिल हो गया है। यह अमेरिकी नेतृत्व वाला प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला का गठबंधन है। भारत औपचारिक रूप से दिसंबर 2025 में बने इस समूह का हिस्सा बन गया है जो सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस अधोसंरचना और अहम खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित करने और चीन पर निर्भरता कम करने के लिए […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ‘हथौड़ा’ और आगे की राह

अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्कों को लेकर जो निर्णय दिया है उसे राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल मे अब तक का सबसे बड़ा झटका करार दिया जा सकता है। इससे यह भी पता चलता है कि जरूरी नहीं कि प्रशासन द्वारा लिए गए सभी निर्णयों को न्यायिक मंजूरी […]

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Editorial: शहरी निकायों को रिकॉर्ड फंडिंग, लेकिन संस्थागत सुधार के बिना असर सीमित

सोलहवें वित्त आयोग ने शहरी स्थानीय निकायों या प्रशासनों (यूएलजी) को राजकोषीय आवंटन बढ़ाया है। उसने यूएलजी के समग्र अनुदान में 130 फीसदी इजाफा किया है। पंद्रहवें वित्त आयोग के 1.55 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर यह राशि 2026 से 31 तक की अवधि के लिए 3.56 लाख करोड़ रुपये कर दी गई है। इसके […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: IBC में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल, CoC के कामकाज में सुधार से घटेगी देरी?

आधुनिक और गतिशील बाजार अर्थव्यवस्था में परिणामों को बेहतर बनाने के लिए कानूनों और विनियमों का नियमित रूप से मूल्यांकन किया जाना चाहिए। संभव है कि बाजार संबंधी बदलती परिस्थितियां समायोजन की मांग करें, या कार्यान्वयन का अनुभव स्वयं विनियमन में खामियों को उजागर कर दे। ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी), 2016 का कार्यान्वयन […]

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Editorial: चीनी निवेश पर भारतीय रणनीति की समीक्षा की जरूरत

चीन के साथ दुनिया भर की मझोली शक्तियां अपने आर्थिक रिश्तों का पुनर्परीक्षण कर रही हैं। कनाडा और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री तथा फ्रांस के राष्ट्रपति ने हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की है और वे आपसी रिश्तों को नए सिरे से बहाल करने की उम्मीद कर रहे हैं। यूरोपीय समुदाय […]

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Editorial: उपभोक्ताओं पर ध्यान, मिस-सेलिंग और जबरन वसूली पर नकेल कसेगा रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में ‘विनियमित संस्थाओं द्वारा वित्तीय उत्पादों और सेवाओं के विज्ञापन, मार्केटिंग और बिक्री’ तथा ‘ऋण की वसूली और रिकवरी एजेंटों की नियुक्ति में विनियमित संस्थाओं के आचरण’ को लेकर मसौदा संशोधन निर्देश जारी किए हैं। इनके 1 जुलाई 2026 से लागू होने की उम्मीद है। यह उपभोक्ता केंद्रित बैंकिंग […]

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पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर चेतावनी: जन स्वास्थ्य के लिए सर्वोच्च न्यायालय की सख्त पहल

गत सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से उन पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर फ्रंट ऑफ पैक यानी पैकेट पर सामने की ओर चेतावनी लेबल लगाने पर गंभीरता से विचार करने को कहा, जो चीनी, संतृप्त वसा, ट्रांस वसा और सोडियम की अधिक मात्रा वाले हों। न्यायालय ने यह भी कहा […]

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Editorial: AI इम्पैक्ट समिट के जरिए भविष्य की चुनौतियों और निवेश पर बड़ा दांव

नई दिल्ली में इस सप्ताह होने जा रही एआई इम्पैक्ट समिट एक ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) को दुनिया भर में तेजी से अपनाया जा रहा है। सरकार की महत्त्वाकांक्षा एकदम स्पष्ट है: भारत को वैश्विक एआई परिदृश्य की एक विश्वसनीय आवाज के रूप में स्थापित करना। अभी इस […]

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