Editorial: ट्रंप का बहुपक्षीय संस्थाओं से हटना, वैश्विक व्यवस्था का विखंडन
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप कुछ मामलों में हमेशा स्पष्ट रहे हैं। उनके दृष्टिकोण में बहुपक्षीय मंच अमेरिका की संप्रभुता को कमजोर करते हैं और सीधे उनके ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के एजेंडे से टकराते हैं। इसी सोच के चलते उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से बाहर निकलने का निर्णय लिया, जिनमें से अनेक संयुक्त राष्ट्र की […]
Editorial: केंद्र प्रायोजित योजनाओं की छंटनी पर जोर
वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी विभागों और मंत्रालयों से कहा है कि वे केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय योजनाओं को तर्कसंगत बनाएं। इसके पीछे इरादा यह है कि एक दूसरे का अतिक्रमण करने वाली योजनाओं का विलय किया जाए और क्रियान्वयन की दक्षता में सुधार किया जाए। सरकार 54 केंद्र प्रायोजित योजनाएं चलाती […]
Editorial: जीडीपी 7.4% बढ़ने का अनुमान, लेकिन 2026 में विकास की राह आसान नहीं
चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का पहला अग्रिम अनुमान राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा बुधवार को जारी किया गया। वह दिखाता है कि 2025-26 में देश की अर्थव्यवस्था रियल यानी वास्तविक संदर्भों में 7.4 फीसदी की दर से वृद्धि हासिल कर सकती है। यह बहुत हद तक बाजार के अनुमानों के अनुरूप […]
Editorial: प्रगति प्लेटफॉर्म से इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार, रुकी परियोजनाओं को मिली गति
प्रो-एक्टिव गवर्नेंस ऐंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफॉर्म ने परियोजना निगरानी, अंतर-मंत्रालयी और केंद्र-राज्य समन्वय, तथा मुद्दों के समाधान को डिजिटल रूप से एकीकृत करके रुकी हुई अधोसंरचना परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद की है। प्रगति की समीक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली एक बैठक में पिछले सप्ताह की गई। वर्ष 2015 […]
Editorial: निर्यात को गति देने के लिए ‘मार्केट एक्सेस सपोर्ट’ काफी नहीं, संरचनात्मक सुधार भी उतने ही जरूरी
केंद्र सरकार ने 4,531 करोड़ रुपये की जो बाजार पहुंच सहयोग (मार्केट एक्सेस सपोर्ट) योजना घोषित की है, वह एक स्वागत योग्य कदम है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि यह ऐसे समय पर आई है जब निर्यातकों को धीमी होती वैश्विक मांग के साथ प्रमुख बाजारों मसलन अमेरिका आदि में उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा […]
समान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए
वोडाफोन आइडिया (वीआई) को सरकार को अपने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का बकाया चुकाने के लिए मिली पांच साल की मोहलत, वित्तीय संकट से जूझ रही इस दूरसंचार सेवा प्रदाता के लिए एक बड़ी राहत है। इस रियायत के बाद वीआई के पास यह अवसर होगा कि वह अपने 87,695 करोड़ रुपये के एजीआर बकाये […]
दिल्ली हवाई अड्डे की घटना से आगे: बढ़ता यात्री असंतोष और भारत की विमानन प्रणाली पर दबाव
दिल्ली हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एक्सप्रेस के ड्यूटी से बाहर पायलट द्वारा एक यात्री पर कथित हमले की घटना को किसी व्यक्ति के खराब आचरण का एक अलग मामला मानकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए। इसे विमानन प्रणाली में बढ़ते परिचालन और मानव पर दबाव के संकेत के रूप में देखना बेहतर होगा। वर्ष […]
Editorial: गिग कर्मियों की हड़ताल ने क्यों क्विक कॉमर्स के बिजनेस मॉडल पर खड़े किए बड़े सवाल
साल 2025 के अंत में गिग कर्मियों और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के लिए काम करने वाले कामगारों के एक वर्ग द्वारा मेहनताने और काम के हालात को लेकर की गई हड़ताल ने क्विक कॉमर्स और फूड डिलिवरी कंपनियों को अपने कारोबारी मॉडल को नए सिरे से तैयार करने का अवसर प्रदान किया है। गिग कर्मचारियों की […]
Editorial: वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम मोड़
इतिहास शायद वर्ष 2025 को एक ऐसे साल के रूप में याद करेगा जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने दशकों के दौरान बनी विश्व व्यापार व्यवस्था को उलट-पुलट करने का निर्णय लिया। अमेरिका द्वारा कथित जवाबी शुल्क लगाने और अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ व्यापार वार्ता शुरू करने से बड़े पैमाने पर अनिश्चितता और […]
अरावली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: पर्यावरण संरक्षण के नजरिये पर पुनर्विचार का मौका
सर्वोच्च न्यायालय ने 20 नवंबर के अपने उस निर्णय पर रोक लगा दी है जिसमें सरकार की विशेषज्ञ समिति द्वारा दी गई अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा को बरकरार रखा गया था। यह कदम देश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर गहरे दोषपूर्ण नजरिये में सुधार का अवसर प्रदान करता है। सर्वोच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों […]









