Stock Market Market, November 11: वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (11 नवंबर) को हरे निशान में बंद हुए। हालांकि, शुरुआती कारोबार में खुलने के कुछ ही देर में बाजार लाल निशान में फिसल गया था। लेकिन दोपहर के कारोबार में एक बार फिर हरे निशान में लौट गया और अंत में बढ़त में बंद होने में कामयाब रहा। यूएस के साथ ट्रेड डील की खबरों से आईटी शेयरों में तेजी ने बाजार को वापसी करने में मदद की। ऑटो और मेटल शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 100 से ज्यादा अंक चढ़कर 83,671 पर खुला। खुलते ही इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान यह 83,124 अंक तक गिर गया था। लेकिन अंत में यह 335.97 अंक या 0.40 फीसदी चढ़कर 83,871.32 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 25,617 अंक पर खुला लेकिन खुलते ही लाल निशान में चला गया। हालांकि, दोपहर के कारोबार में हरे निशान में लौट गया। अंत में यह 120.60 अंक या 0.47 प्रतिशत चढ़कर 25,694 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजार की शुरुआत आज सुस्त रुख के साथ हुई। निवेशकों के बीच दिल्ली में हुए धमाके के संभावित प्रभावों को लेकर चिंता बनी रही। हालांकि, बाजार ने बाद में जोरदार रिकवरी की और दिन के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। इसमें वैश्विक संकेतों का भी सहयोग रहा। अमेरिकी सीनेट ने अब तक के सबसे लंबे संघीय शटडाउन को समाप्त करने वाला विधेयक पारित किया।”
उन्होंने कहा, ”महत्वपूर्ण बात यह है कि दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों का सीजन लगभग समाप्ति की ओर है और इसके सकारात्मक रहने की उम्मीद है। ब्रोडर मार्केट ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है।”
नायर ने कहा, ”आज की तेजी में आईटी, ऑटो, मेटल और एफएमसीजी सेक्टरों के शेयरों ने अहम योगदान दिया। अब निवेशकों की नजर आने वाले घरेलू मुद्रास्फीति (inflation) आंकड़ों पर है। अनुमान है कि खाद्य कीमतों में लगातार गिरावट के कारण मुद्रास्फीति में और कमी आ सकती है। इससे आरबीआई के नीतिगत दरों में और राहत (policy easing) की संभावना बढ़ जाएगी। आगे की बात करें तो, तीसरी तिमाही (Q3) में कंपनियों के नतीजों में मजबूत सुधार की उम्मीद है। यह सुधार कई घरेलू कारकों से समर्थित होगा। हालांकि इसका बहुत कुछ निर्भर करेगा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता सफलतापूर्वक पूरा होता है या नहीं।”
सेंसेक्स की कंपनियों में बीईएल, अदाणी पोर्ट्स और एमएंडएम सबसे अधिक लाभ में रहे। जबकि बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और टाटा मोटर्स पीवी सबसे ज्यादा गिरावट में रहने वाले शेयरों में रहे। इसी तरह, एनएसई पर इंडिगो, बीईएल और एमएंडएम शीर्ष लाभ में रहे। जबकि बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और ओएनजीसी शीर्ष नुकसान में रहे।
ब्रोडर मार्केट में इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.50 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। जबकि स्मॉलकैप 0.21 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी और ऑटो सबसे ज्यादा लाभ में रहे। इनमें क्रमशः 1.20 प्रतिशत और 1.07 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.39 प्रतिशत लुढ़क गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली एक नयी ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के करीब हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर लगाए गए शुल्क (टैरिफ) समय आने पर घटाए जा सकते हैं। ट्रंप ने यह टिप्पणी सेर्जियो गोर, जो भारत में नए अमेरिकी राजदूत नियुक्त हुए हैं, को शपथ दिलाते समय की।
उन्होंने कहा, ”हम भारत के साथ एक समझौते पर काम कर रहे हैं, जो पहले से बिल्कुल अलग होगा। उन्हें अभी मैं पसंद नहीं हूं, लेकिन वे फिर से मुझे पसंद करेंगे। हम एक निष्पक्ष सौदा कर रहे हैं। वे अच्छी तरह बातचीत करते हैं, इसलिए सेर्जियो, तुम्हें इस पर बारीकी से ध्यान देना होगा। मुझे लगता है हम सभी के लिए उपयुक्त कुछ हासिल करने के करीब हैं।”
वैश्विक संकेतों के मुताबिक एशियाई बाजार भी तेजी में रहे। जापान का निक्की 225 0.56% ऊपर, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.24% बढ़ा और हांगकांग का हांगसेंग 0.4% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
वॉल स्ट्रीट में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। खासकर Nvidia और Palantir जैसी एआई-केंद्रित कंपनियों के शेयरों में मजबूत उछाल ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया। अमेरिकी सरकारी शटडाउन के खत्म होने की संभावनाओं ने भी बाजार को सहारा दिया। S&P 500 1.54% और Nasdaq 2.27% बढ़ा, जबकि Dow Jones 0.81% की बढ़त के साथ बंद हुआ।