facebookmetapixel
Advertisement
जेपी मॉर्गन के बाद मोतीलाल ओसवाल भी इस Infra Stock पर हुआ बुलिश, 39% तक मिल सकता है रिटर्न; जानें टारगेटहमलों से ईरान कमजोर हुआ, लेकिन शासन परिवर्तन की गारंटी नहीं: नेतन्याहूGSP Crop Science IPO: 16 मार्च से खुलेगा ₹400 का आईपीओ, प्राइस बैंड ₹304- ₹320 पर तय; चेक करें लॉट साइज और जरुरी डिटेल्सGold silver price today: सोना ₹1.60 लाख के करीब, चांदी ₹2.66 लाख के पास; दोनों के भाव में गिरावटअब पेमेंट भी करेगा AI! रेजरपे ने लॉन्च किया नया एजेंट स्टूडियोमिडिल ईस्ट युद्ध का असर अब IT सेक्टर पर! HCLTech में WFH शुरूविदेश में संकट, भारत में राहत! प्रवासी भारतीय भेज रहे ज्यादा पैसारिफंड का इंतजार लंबा, करदाता परेशान! 27 लाख मामलों में 90 दिन से ज्यादा देरी, संसद समिति ने उठाए बड़े सवालमिडिल ईस्ट जंग से तेल बाजार दहला! 20 लाख बैरल रिफाइनिंग क्षमता पर खतरापश्चिम एशिया तनाव से टायर इंडस्ट्री पर दबाव, निर्यात और लागत पर असर

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

WTO पर अमेरिका की नई आपत्तियां: सुधार की कोशिश या बहुपक्षवाद को कमजोर करने की रणनीति?

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के अधीन अमेरिका की संघीय सरकार का बहुपक्षीय मामलों के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना मुश्किल है। इस बात की संभावना कहीं अधिक है कि वह समझौतों से बाहर निकल जाए, उन्हें नुकसानदेह घोषित करके रद्द कर दे और वैश्विक शासन को लेकर सब कुछ नष्ट कर देने का नजरिया अपनाए। खुद राष्ट्रपति […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: भारतीय रेलवे का एक वित्त वर्ष में दूसरी बार यात्री किराया बढ़ाकर राजस्व में सुधार का प्रयास

इस वित्त वर्ष में रेल यात्री किराये में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है जो 26 दिसंबर से लागू हुई है। यह बढ़ोतरी भारतीय रेल की परिचालन दक्षता में सुधार की मंशा को दर्शाती है। इस कदम के परिणामस्वरूप रेलवे से जुड़े प्रमुख शेयरों में लगभग 10 फीसदी तक की वृद्धि हुई, क्योंकि बेहतर राजस्व […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी: सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन नहीं, पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर सख्ती भी जरूरी

दिल्ली सरकार ने अगले साल संशोधित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लागू करने का निर्णय लिया है। यह स्वच्छ परिवहन में हुई प्रगति और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केवल ईवी पर निर्भर रहने की संरचनात्मक सीमा को रेखांकित करता है। शहर की पहली ईवी नीति को वर्ष 2020 में अधिसूचित किया गया था। उसमें […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

प्रतिभूति बाजार संहिता 2025: कानूनों का एकीकरण, सेबी की बढ़ती शक्तियां और जवाबदेही की चुनौती

हाल ही में प्रस्तुत प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक, 2025 (एसएमसी 2025) तीन कानूनों की जगह लेगा। यह एकीकरण और सरलीकरण की दिशा में उठाया गया एक कदम है। विधेयक को जांच के लिए संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के पास भेजा गया है। ये तीन कानून हैं-प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम, 1956, भारतीय प्रतिभूति एवं […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

H-1B वीजा नियमों में बड़ा बदलाव: अब लॉटरी नहीं, ज्यादा वेतन और बेहतर स्किल को मिलेगी प्राथमिकता

अमेरिकी सरकार ने वहां काम करने के लिए जरूरी एच-1बी वीजा जारी करने की व्यवस्था में मंगलवार को कुछ अहम बदलावों की घोषणा की। अब तक ये वीजा एक लॉटरी के जरिये आवंटित किए जाते थे जिसमें सभी आवेदकों को चुने जाने वाले 65,000 लोगों में जगह बनाने का समान अवसर मिलता था। परंतु अब […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: एनसीएलटी-एनसीएलएटी की क्षमता संकट से जूझता आईबीसी, त्वरित और संस्थागत सुधार अब अनिवार्य

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने 50 अतिरिक्त राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी) तथा दो और राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील पंचाट (एनसीएलएटी) पीठों के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी लेने की पहल की है। यह बात एक बार फिर उस संरचनात्मक कमजोरी की ओर ध्यान आकर्षित करती है, जिसने लंबे समय से ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: मुक्त व्यापार समझौतों पर बदला भारत का रुख, अब बड़े और अहम बाजारों पर नजर जरूरी

सोमवार को भारत और न्यूजीलैंड ने ऐलान किया कि उन्होंने मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न कर ली है। कुछ दिन पहले यह जानकारी सामने आई थी कि ओमान के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर दस्तखत हुए हैं। यह सही है कि ये दोनों अर्थव्यवस्थाएं न तो बहुत बड़ी हैं न ही […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: जॉर्डन से ओमान तक, संबंधों को मजबूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पश्चिम एशिया और अफ्रीका के साथ भारत के ऐतिहासिक व्यापारिक और सुरक्षा संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में एक छोटा मगर महत्त्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के कदमों से उत्पन्न भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं इस क्षेत्र […]

आज का अखबार, संपादकीय

यात्री भी भुगतान करें: माल भाड़े की कमाई बढ़ेगी, लेकिन किराया बढ़ाना भी जरूरी

रेलवे से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने एक रिपोर्ट तैयार की है जिसका शीर्षक है, ‘भारतीय रेल की बढ़ती माल भाड़े संबंधी आय और समर्पित मालवहन गलियारों का विकास।’ यह रिपोर्ट मंगलवार को संसद के समक्ष पेश की गई। इस रिपोर्ट में रेलवे की माल भाड़े से होने वाली आय में विविधता लाने को […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: बीमा क्षेत्र में 100% FDI से निवेश, प्रतिस्पर्धा और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा

संसद ने इस सप्ताह ‘सबका बीमा सबकी रक्षा’ (बीमा कानून संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी और इसके साथ ही बीमा कंपनियों के विदेशी निवेश की सीमा 74 फीसदी से बढ़कर 100 फीसदी हो गई तथा उनके पूर्ण विदेशी स्वामित्व का मार्ग प्रशस्त हो गया। यह वर्ष 2000 में आरंभ हुई उदारीकरण की प्रक्रिया […]

1 5 6 7 8 9 98
Advertisement
Advertisement