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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: भूजल के लिए सुसंगत नीति जरूरी, प्रदूषक पदार्थों से बढ़ी चिंता

पिछले कुछ वर्षों में भूजल पर भारत की निर्भरता और बढ़ गई है। देश में लगभग 85 प्रतिशत ग्रामीण परिवार अभी भी पेय जल के स्रोत के रूप में इसी पर निर्भर हैं और सिंचाई से जुड़े लगभग दो-तिहाई कार्य जलभृतों (एक्विफर) से पूरे होते हैं। भूजल का इस्तेमाल लगातार बढ़ने के साथ ही उसकी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: इंडिगो संकट के सबक, पायलटों की कमी से मानव संसाधन प्रबंधन पर उठे सवाल

देश की सबसे अधिक बाजार हिस्सेदारी वाली विमानन कंपनी इंडिगो को नई पायलट रोस्टर नीतियों के कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं, जिसने मानव संसाधन प्रबंधन पर अवांछित रोशनी डाली है। मानव संसाधन प्रबंधन इस उद्योग में कुशल और सुरक्षित संचालन के केंद्र में है। हालांकि विमानन कंपनी ने देशव्यापी अव्यवस्था के […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: कमजोर रुपया निर्यात में मददगार, लेकिन भुगतान संतुलन पर बढ़ रहा दबाव

रुपये ने बुधवार के कारोबार में 90 प्रति डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर लांघ दिया है। वर्ष की शुरुआत से अब तक वह 5 फीसदी से अधिक गिर चुका है। बहरहाल जरूरी है कि रुपये के अवमूल्यन को व्यापक वृहद आर्थिक घटनाओं के साथ जोड़कर देखा जाए और नीति निर्माता तथा दूसरे भागीदार रुपये के किसी […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

अहितकर वस्तुओं पर नए उपकर: राजस्व सुरक्षा की कोशिश या राज्यों की चिंता बढ़ाने वाला कदम?

केंद्र सरकार ने इस सप्ताह संसद में दो विधेयक पेश किए। इनसे उसे चुनिंदा अहितकर वस्तुओं पर कर लगाने का अधिकार मिलेगा। एक तरह से देखा जाए तो यह माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को दुरुस्त करने के बाद तार्किक कदम है। सितंबर में जीएसटी परिषद ने निर्णय लिया था कि वह मोटे तौर […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: अरावली पर संकट गहराया, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ेगा खनन

धूल से होने वाला भीषण प्रदूषण और तेजी से कम होता हुआ भूजल स्तर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के समक्ष मौजूद सबसे प्रमुख चुनौती है। सर्वोच्च न्यायालय का विगत 21 नवंबर का निर्णय इन समस्याओं को और बढ़ा सकता है तथा इस क्षेत्र के पर्यावास को गंभीर चुनौती पेश कर सकता है। […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, संपादकीय

Editorial: पहली छमाही में GDP के मजबूत प्रदर्शन से अर्थव्यवस्था को मिली ताकत

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर ने सभी अनुमानों का धता बता दिया। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आकंड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में स्थिर कीमतों पर 8.2 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। इस दमदार प्रदर्शन की बदौलत पहली छमाही […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

संदेसरा बंधुओं पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उठे बड़े सवाल

सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में एक निर्णय में कहा है कि अहमदाबाद की कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक के भगोड़े प्रवर्तक नितिन और चेतन संदेसरा अगर 17 दिसंबर तक 5,100 करोड़ रुपये की राशि जमा करते हैं तो उनके खिलाफ सभी आपराधिक मामले बंद कर दिए जाएं। यह आदेश उन कारोबारियों के साथ व्यवहार को लेकर […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: IMF की रिपोर्ट में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की विभिन्न देशों की रिपोर्ट, जो बुधवार को जारी की गई, भारत की वृहद आर्थिक स्थिरता को दर्शाती है और नीतिगत चर्चा के लिए कुछ उपयोगी संकेत प्रदान करती है। आईएमएफ का अनुमान है कि चालू वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.6 फीसदी की दर से बढ़ेगी। वर्ष 2026-27 में वृद्धि दर […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: दिसंबर में ब्याज दर कटौती की उम्मीदें बढ़ीं

नीतिगत ब्याज दर में कटौती को लेकर बाजार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जानकारी के मुताबिक कई संस्थाओं ने इस उम्मीद में अपनी धन जुटाने की योजनाओं को स्थगित कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस सप्ताह एक साक्षात्कार में कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अक्टूबर की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

कैफे-3 मानकों पर नई बहस: क्या छोटी कारों को मिलेगी छूट?

वित्त वर्ष 28 से 32 के बीच लागू होने जा रहे कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इफीशिएंसी के तीसरे संस्करण (कैफे 3) को लेकर सरकार के मसौदा मानकों ने देश के वाहन उद्योग में बड़ी कारों की तुलना में छोटी कारों को प्रोत्साहन देने की नई बहस छेड़ दी है। मौजूदा विवाद की रूपरेखा ऐसे निहितार्थों से […]

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