Editorial: अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल होने से बढ़ी दुनिया की टेंशन
ईरान में सन 1979 की क्रांति के बाद उसके और अमेरिका के बीच हो रही पहली सीधी वार्ता की विफलता ने इस बात को रेखांकित किया है कि दोनों के रिश्तों में विश्वास की कितनी कमी है और उनमें कितना अधिक सांस्कृतिक भेद है। एक दिन से भी कम की बातचीत के बाद इस्लामाबाद से […]
Editorial: बांग्लादेश-भारत संबंधों में सुधार की उम्मीद
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने इस सप्ताह नए प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर के साथ भारत का दौरा किया। उम्मीद है कि इस दौरे से ढाका में बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाली नई सरकार और भारत सरकार के बीच संबंधों में सुधार होगा। विदेश मंत्री के रूप में […]
Editorial: अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद भी तनाव बरकरार
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा का व्यापक रूप से स्वागत किया गया लेकिन इस घोषणा के दो दिन बाद भी तनाव बना हुआ है जो स्थायी शांति की संभावनाओं को क्षति पहुंचा सकता है। यहां तक कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस सप्ताहांत बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचने के ऐन पहले […]
Editorial: पश्चिम एशिया संकट के बीच अनिश्चितता पर ‘वेट एंड वॉच’ रुख
रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने बुधवार को नीतिगत रीपो दर को अपरिवर्तित रखने का सही निर्णय लिया। नए वित्त वर्ष में यह समिति की पहली बैठक थी। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद पश्चिम एशिया संकट की गहनता भले ही कम हुई है लेकिन अनिश्चितता बरकरार है और ऐसे […]
Editorial: आयात निर्भरता में कमी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष को उचित ही ‘व्यवस्थागत झटका’ करार दिया और कहा कि यह वैश्विक ऊर्जा के महत्त्वपूर्ण मार्गों को खतरे में डाल रहा है। यह बात भारत की नाजुकता को भी रेखांकित करती है। भारत कच्चे तेल की अपनी खपत आवश्यकता का 85 फीसदी […]
Editorial: सही दिशा में कदम, 784 प्रावधानों में बदलाव से आसान होगा कारोबार
हाल ही में पारित जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 से कारोबारी सुगमता में सुधार की उम्मीद है। विधेयक के जरिये 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया। इनमें से 717 प्रावधानों की आपराधिकता समाप्त की गई है जबकि 67 में संशोधन का लक्ष्य जीवन को सहज बनाना है। ये संशोधन विभिन्न […]
Editorial: ईरान युद्ध में बुरे फंसे ट्रंप, अब बस चेहरा और वैश्विक साख को बचाने की जद्दोजहद
अब यह बात स्पष्ट होती जा रही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ईरान पर एक महीने पहले शुरू किए गए हमले से किसी तरह अपना चेहरा बचाते हुए बच निकलने के लिए जूझ रहे हैं। इस युद्ध के लिए दो लक्ष्य घोषित किए गए थे: सत्ता परिवर्तन और परमाणु क्षमता को नष्ट करना। लेकिन […]
Editorial: AI की आहट से थर्राया जॉब मार्केट, युवाओं के लिए कौशल विकास अब जरूरी
आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में एक अग्रणी कंपनी, एंथ्रोपिक ने हाल ही में दो अध्ययन प्रकाशित किए हैं। एक में लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) के उपयोग के पैटर्न का विश्लेषण किया गया है, और दूसरे में श्रम बाजार पर इसके शुरुआती प्रभावों की जांच की गई है। हालांकि विश्लेषण के लिए केवल क्लाउड से […]
Editorial: ईरान युद्ध से बढ़ी अनिश्चितता, रुपये पर दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र के नाम जो संबोधन दिया वह ईरान युद्ध के अंत को लेकर स्पष्ट मार्ग दिखाने में विफल रहा। वास्तव में ट्रंप ने इस अवसर का इस्तेमाल ऐसी धमकियां देने के लिए किया कि ईरान पर बमबारी करके उसे पाषाणकाल जैसी हालत में पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने […]
Editorial: जनगणना की शुरुआत
देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना की औपचारिक शुरुआत एक अप्रैल को हो गई। हर एक दशक में होने वाली जनगणना 2020 में होनी थी लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण यह उस समय नहीं हो सकी। परंतु आर्थिक गतिविधियां सामान्य होने के बाद भी इसे क्यों अंजाम नहीं दिया गया इस बारे में कोई स्पष्टीकरण मौजूद नहीं […]









