Editoial: भारत–चीन संबंधों का नए सिरे से आकलन जरूरी
सीमा पर अपेक्षाकृत शांति, भू-राजनीतिक माहौल में बदलाव और देश की अपनी आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हाल के महीनों में इस बात पर चर्चा काफी बढ़ी है कि भारत को चीन के साथ अपने रिश्तों का नए सिरे से आकलन करना चाहिए। खासतौर पर व्यापार और निवेश के क्षेत्र में। चीन को […]
Editorial: चार श्रम संहिताएं लागू, श्रम बाजार में बड़े बदलाव की शुरुआत
केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह उन चार श्रम संहिताओं को लागू कर दिया जो देश के श्रम बाजार नियमन को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं। इसी समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार संहिताएं उन विशिष्ट प्रावधानों के लिए लागू हो गई हैं जहां आगे नियम निर्माण की आवश्यकता नहीं है। […]
Editorial: सुप्रीम कोर्ट का पिछला फैसला वापस, पर्यावरण मंजूरियों पर फिर खुली बहस
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मई 2025 के अपने फैसले को इस सप्ताह वापस लेने से पर्यावरणीय स्वीकृतियों के पुनरावलोकन का रास्ता फिर से खुल सकता है। यह भारत के पर्यावरणीय विनियमन में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव को दर्शाता है। इससे पहले के मामलों, मसलन कॉमन कॉज बनाम भारत संघ के मामले में यह स्पष्ट किया गया था […]
सोलहवें वित्त आयोग की रिपोर्ट जमा: आय में अंतर और बढ़ते कर्ज की खाई पाटना जरूरी
सोलहवें वित्त आयोग ने इस सप्ताह अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, हालांकि उम्मीद है कि इसे 2026 के बजट सत्र में संसद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। सोलहवें वित्त आयोग की अनुशंसाएं अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले पांच वर्ष के लिए होंगी। ये अनुशंसाएं […]
एआई और गिग अर्थव्यवस्था के दौर में कैसा होगा रोजगार का भविष्य?
देश की श्रम शक्ति बदलाव के दौर से गुजर रही है। भारतीय उद्योग परिसंघ, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और भारतीय विश्वविद्यालय संघ द्वारा तैयार हालिया भारत कौशल रिपोर्ट 2026 (काम का भविष्य- गिग श्रम शक्ति, फ्रीलांसिंग, एआई समर्थित श्रम शक्ति, दूर से किए जाने वाले काम और उद्यमिता) इस बदलाव को विस्तार से दर्ज […]
2026-27 का सर्वे श्रमिकों की हकीकत और नीतिगत जरूरतें उजागर करेगा
यह सही है कि प्रवासन स्रोत राज्य तथा प्रवासियों के ठिकाना बनाने वाले राज्य, दोनों जगह राजनीतिक मुद्दा रहा है लेकिन इसकी नीतिगत समझ आश्चर्यजनक रूप से पुरानी बुनियादों पर निर्भर है। पिछला समर्पित प्रवासन सर्वेक्षण वर्ष2007-08 में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 64वें दौर में किया गया था। उस समय तक स्मार्ट फोन, गिग वर्क, […]
Editorial: वोडाफोन आइडिया के एजीआर संकट पर समाधान की उम्मीद, समान नीति की मांग तेज
दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया को उम्मीद है कि उसमें 49 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली सरकार, समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से जुड़े लंबित बकाये के दीर्घकालिक समाधान पर विचार करेगी। कंपनी ने यह भरोसा हाल के नतीजों के बाद जताया और यह सर्वोच्च न्यायालय के उस नवीनतम फैसले पर आधारित है, जिसमें केंद्र को इस […]
बिहार चुनाव में NDA की प्रचंड जीत: अब वादों पर अमल की चुनौती
बिहार विधान सभा चुनाव के नतीजों की अलग-अलग ढंग से व्याख्या की जा सकती है लेकिन कुछ बातें निर्विवाद हैं। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को दो तिहाई से ज्यादा बहुमत मिला और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार प्रदेश में सबसे बड़ा दल बनकर उभरी। देश के पूर्वी हिस्से में पार्टी के उभार में […]
Editorial: भारत-भूटान संबंधों में नई ऊर्जा, चीन की बढ़त रोकने की रणनीतिक पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान यात्रा ने दो असमान शक्तियों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों के एक मॉडल को प्रतिबिंबित किया। यह ऐसा मॉडल है जिसे भारत ने लगभग 7,92,000 लोगों के हिमालयी राजतंत्र के साथ लगातार बनाए रखा है। नेपाल के विपरीत, वर्ष 2008 में भूटान के चुनावी लोकतंत्र में परिवर्तन ने भारत के साथ […]
Editorial: निर्यातकों को राहत, निर्यात संवर्धन मिशन से मिलेगा सहारा
केंद्र सरकार ने निर्यातकों को राहत देने तथा प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए बुधवार को दो नई योजनाओं की घोषणा की। अमेरिकी व्यापार नीति में बदलाव इस वर्ष वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता की सबसे बड़ी वजह रहा है और इससे जुड़ी दिक्कतें अब तक हल नहीं हो सकी हैं। भारत 50 फीसदी के दंडात्मक शुल्क से […]









