Editorial: आरबीआई बॉन्ड यील्ड को लेकर सतर्क
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौजूदा बॉन्ड यील्ड को लेकर कुछ हद तक असहज नजर आ रहा है। पिछले सप्ताह 32,000 करोड़ रुपये मूल्य के 10 वर्ष के सरकारी बॉन्ड की नीलामी हुई लेकिन रिजर्व बैंक ने इस माह के आरंभ में सात वर्ष के सरकारी बॉन्ड की नीलामी को रद्द कर दिया था क्योंकि निवेशक […]
Editorial: युक्तिसंगत हों टोल दरें, नीति आयोग करेगा नई प्रणाली का खाका तैयार
केंद्र सरकार ने नीति आयोग से कहा है कि वह राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल दरों के पीछे के बुनियादी सिद्धांत पर नए सिरे से विचार करे। यह पिछले 17 साल में पहली बार ऐसी समीक्षा होगी। इस अध्ययन में कई मानकों पर दोबारा विचार किया जाएगा जिनमें वाहन परिचालन लागत, क्षति कारक और भुगतान करने […]
अमेरिकी शुल्क पर विवाद: न्यायालय के भरोसे न रहे भारत
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने उस मामले में सुनवाई तेज कर दी है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों पर एकतरफा शुल्क लगाने के अधिकार को चुनौती दी गई है। आमतौर पर न्यायालय लंबे समय तक सुनवाई करता है और गर्मियों में अपना निर्णय देता है। परंतु ऐसा लगता है कि इस […]
गुणवत्ता सुधार: नीति आयोग समिति ने क्यूसीओ व्यवस्था पर खींची लगाम
नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने कथित तौर पर सुझाव दिया है कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अधिनियम के अंतर्गत जारी 200 गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ) को खत्म कर दिया जाए या उन्हें स्थगित कर दिया जाए। ये आदेश कम गुणवत्ता वाले आयात को रोकने से संबंधित हैं […]
Editorial: बिलासपुर रेल दुर्घटना ने फिर उठाए सुरक्षा पर सवाल
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के निकट एक स्थानीय मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) सवारी गाड़ी और एक मालगाड़ी की टक्कर ने देश की रेलवे सुरक्षा तैयारी को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला दिया है। शुरुआती जांच बताती है कि यह दुर्घटना तब हुई जब सवारी गाड़ी खतरे का निशान दिखा रहे सिग्नल को […]
महिलाओं को नकदी हस्तांतरण, बढ़ते खर्च राज्यों के लिए बड़ी चुनौती
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च ने राज्य सरकारों की वित्तीय हालत को लेकर एक व्यापक रिपोर्ट पेश की है। सच तो यह है कि राज्य सरकारें कुल सरकारी व्यय के दो-तिहाई हिस्से के लिए जिम्मेदार होती हैं लेकिन उनकी वित्तीय सेहत पर सार्वजनिक बहस में पर्याप्त चर्चा नहीं होती। ऐसे में इस प्रकार की रिपोर्ट राज्य सरकारों […]
Editorial: इन्वेंटरी आधारित ईकॉमर्स में एफडीआई को मिले इजाजत
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कथित तौर पर विभिन्न विभागों के बीच एक प्रस्ताव वितरित किया है। यह प्रस्ताव इन्वेंटरी आधारित ई-कॉमर्स में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से संबंधित है। हालांकि यह अनुमति केवल निर्यात संबंधी कामों के लिए होगी। यह एक तरह से इस बात को भी स्वीकार करना है कि ई-कॉमर्स केवल बाजार नहीं […]
Editorial: मौद्रिक नीति में पारदर्शिता जरूरी, RBI को सार्वजनिक करनी चाहिए रिपोर्ट
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अगस्त में मौद्रिक नीति ढांचे पर एक चर्चा पत्र प्रकाशित किए जाने के बाद इस विषय पर व्यापक बहस शुरू हो गई है। इस समाचार पत्र में भी उस पर चर्चा हुई। गत सप्ताह आयोजित बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट में भी इस पर बातचीत हुई जिसमें मौद्रिक नीति समिति […]
Editorial: भारत-अमेरिका समझौता जरूरी
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग दो घंटे से भी कम समय तक चली अल्पकालिक बैठक के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव से निपटने और शांति कायम करने पर सहमत हो गए। इसमें अमेरिका के लिए और खास तौर पर ट्रंप के लिए शायद ही फायदे की कोई […]
Editorial: भारतीय सेवा क्षेत्र का विरोधाभास
सेवा क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख वाहक है। इस क्षेत्र में करीब 18.8 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है और यह सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में करीब 55 फीसदी का योगदान करता है। इस क्षेत्र के रोजगार के रुझानों और जीवीए से संबंधित नीति आयोग की दो रिपोर्ट बताती हैं कि सेवा क्षेत्र के सुर्खियों वाले […]









