Editorial: भारतीय कंपनियों में लैंगिक विविधता, कानून के बावजूद पुरुष प्रधान बोर्ड की चुनौती
इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक के मध्य तक पहुंच जाने के बाद भी भारतीय कंपनियों में लैंगिक विविधता यानी महिला और पुरुष का समान प्रतिनिधित्व अभी तक नहीं हो पाया है। कॉरपारेट कार्य मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष जनवरी में पंजीकृत निदेशकों में से 68 फीसदी पुरुष थे। मंत्रालय के नवीनतम बुलेटिन में बताया गया […]
Editorial: टाटा संस की सूचीबद्धता पर फिर बढ़ा फोकस
टाटा समूह के हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर टाटा संस की बाजार में सूचीबद्धता की ओर ध्यान आकृष्ट किया है। यह नमक से लेकर, सेमीकंडक्टर तक के क्षेत्र में कारोबार करने वाले समूह की होल्डिंग कंपनी है। टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक टाटा ट्रस्ट की हालिया अंदरूनी भिड़ंत और नेतृत्व तथा कारोबार में […]
Editorial: मार्क कार्नी की भारत यात्रा से बदला कूटनीतिक और आर्थिक परिदृश्य
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा उनके पदभार संभालने के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाती है। दोनों देशों के संबंधों में कभी कटुता आ गई थी लेकिन अब उनमें महत्त्वाकांक्षा का भाव पनप रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई उनकी मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में […]
Editorial: पश्चिम एशिया संघर्ष, भारत के लिए चुनौती
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध से भारत के समक्ष तेल की कीमतें बढ़ने से लेकर प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और विदेशी मुद्रा की आमद में ठहराव जैसी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। इस टकराव का अंतिम परिणाम क्या होगा, इस बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। इसका मतलब यह है […]
Editorial: नई GDP श्रृंखला से बदलेगी भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा पिछले सप्ताह जारी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की बहुप्रतीक्षित श्रृंखला के आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। पुरानी श्रृंखला पर आधारित प्रथम अग्रिम अनुमान में चालू वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.4 फीसदी आंकी गई थी। […]
Editorial: क्या सब्सिडी की राजनीति देश की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही है?
सर्वोच्च न्यायालय ने मुफ्त योजनाओं के बढ़ते चलन पर पिछले हफ्ते नाराजगी जताई। अदालत की चिंता जायज है और इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों की सामूहिक प्रतिक्रिया जरूरी है। तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि अंधाधुंध मुफ्त योजनाओं के […]
Editorial: एग्रीस्टैक बनेगा ‘अगला UPI’? किसानों के लिए डिजिटल क्रांति
इस सप्ताह आयोजित बिज़नेस स्टैंडर्ड मंथन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र के लिए विकसित की जा रही डिजिटल अधोसंरचना ‘एग्रीस्टैक’ को भावनात्मक रूप से ‘अगला यूपीआई’ करार दिया। वह उस यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस का हवाला दे रही थीं जिसने न केवल देश में खुदरा भुगतान प्रणाली को क्रांतिकारी ढंग से बदल दिया […]
Editorial: नीति आयोग का NMP 2.0 जारी, एसेट मोनेटाइजेशन पर फिर जोर
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परिसंपत्ति मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) का दूसरा संस्करण जारी कर दिया है। इसे सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने कई संबंधित मंत्रालयों के साथ मिलकर तैयार किया है। ये वे मंत्रालय हैं जिनके पास ऐसी परिसंपत्तियां हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है। एनएमपी 2.0 के लिए दिए गए आंकड़े अनुमान […]
Editorial: डेटा सेंटर की होड़, अवसरों के साथ संसाधन और स्थिरता की चुनौती
गत सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में निवेश के वादों की बाढ़ आ गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई और डेटा अधोसंरचना विकास) में 110 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज ने कहा कि वह अगले एक दशक में हरित ऊर्जा संचालित डेटा सेंटर्स में 100 अरब […]
Editorial: पैक्स सिलिका में भारत के प्रवेश से रणनीतिक औद्योगिक समन्वय को नई दिशा
भारत पैक्स सिलिका में शामिल हो गया है। यह अमेरिकी नेतृत्व वाला प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला का गठबंधन है। भारत औपचारिक रूप से दिसंबर 2025 में बने इस समूह का हिस्सा बन गया है जो सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस अधोसंरचना और अहम खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित करने और चीन पर निर्भरता कम करने के लिए […]









