एंथ्रोपिक के ‘कोवर्क’ से आईटी उद्योग में भूचाल, साधारण भूमिकाओं के लिए जोखिम
अपनी शुरुआत के चंद रोज बाद ही एंथ्रोपिक के क्लाउड कोवर्क ने सूचना प्रौद्योगिकी सेवा उद्योग में बड़े पैमाने पर उथलपुथल मचा दी है। इस नए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस असिस्टेंट और इसके अनेक प्लगइन लोगों को यह इजाजत देते हैं कि वे एआई के साथ साझा वर्कप्लेस में सहयोग कायम कर सकें। इसके निहितार्थ सामने आने […]
Editorial: व्यापार समझौते के बाद भारत-अमेरिका रिश्तों में नई गर्माहट
भारत और अमेरिका द्वारा जारी किया गया संयुक्त बयान जिसमें एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पेश की गई है, वह दोनों देशों के बीच संबंधों में महत्त्वपूर्ण नरमी का संकेत हो सकता है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इसे कितनी तेजी से लागू किया जाएगा, लेकिन उम्मीद है कि उन निर्यातकों को […]
Editorial: डेटा सेंटर को बिजली देना जरूरी, AI में लीडरशिप ऊर्जा आपूर्ति के नियंत्रण पर टिकी
करीब 4.75 अरब डॉलर में सौर ऊर्जा और भंडारण विकास कंपनी इंटरसेक्ट पावर के अधिग्रहण की गूगल की योजना स्वच्छ ऊर्जा कंपनी से जुड़ा आम सौदा भर नहीं होगा। लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) चलाने के लिए बने डेटा सेंटर अब उतनी ऊर्जा खा रहे हैं, जितनी पूरा शहर खर्च करता है। इसमें चिप्स या पूंजी […]
Editorial: राजकोषीय घाटा घटा, लेकिन ऋण में सुधार चुनौतीपूर्ण
रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट में राजकोषीय प्रदर्शन के आकलन के पैमाने में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव हुआ। सरकार ने पहले घोषणा की थी कि 2026-27 से राजकोषीय घाटे को उस स्तर पर बनाए रखा जाएगा जिससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में केंद्र सरकार का ऋण घटता रहे। उस हिसाब […]
Editorial: ऑपरेशन सिंदूर का असर, रक्षा बजट में बढ़ोतरी
मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर की छाप इस वर्ष के रक्षा बजट पर देखी जा सकती है। 7.85 लाख करोड़ रुपये के साथ रक्षा व्यय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2 फीसदी तक पहुंच सकता है। यह पहले लगातार आ रही गिरावट के उलट है और इसके जरिये स्वीकार किया जा रहा है कि […]
Editorial: भारत–अमेरिका ट्रेड डील से मिली बड़ी राहत, जारी रहें सुधार
धैर्य का फल मीठा होता है। यह कहावत तब सही होती दिखी जब सोमवार को भारतीय समयानुसार देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक घोषणा में कहा कि दोनों पक्ष तत्काल प्रभाव से एक व्यापार समझौते के लिए तैयार हो गए हैं। इसके अंतर्गत अमेरिका अपने […]
Editorial: संघीय संतुलन, राज्यों की हिस्सेदारी और राजकोषीय अनुशासन की कठिन कसौटी
सोलहवें वित्त आयोग को अपना काम उल्लेखनीय निगरानी के बीच करना पड़ा। बीते दशक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच के रिश्तों में गिरावट आई है और इसकी वजह केवल दलगत राजनीति नहीं रही है। इसके लिए व्यापक मुद्दे जिम्मेदार रहे हैं। राज्यपालों की भूमिका से लेकर संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन तक के […]
Editorial: चुनौतीपूर्ण समय का बजट — संतुलित घाटा और सर्विस सेक्टर से विकास की उम्मीद
Union Budget 2026: वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट असाधारण भूराजनीतिक उथल-पुथल के बीच प्रस्तुत किया गया। भारत की वृद्धि दर 7.4 फीसदी के साथ मजबूत बनी रही लेकिन आगे इसे बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। बीते कई सालों से सरकार का रुख सार्वजनिक निवेश को वृद्धि को बढ़ावा देने में प्रयोग करने का रहा है। इस […]
अमेरिका की नई रक्षा रणनीति पर बढ़ी चिंता, सहयोगियों से दूरी के मायने
अमेरिका की संघीय सरकार ने गत सप्ताह राष्ट्रीय रक्षा रणनीति (एनडीएस) जारी की। यह एक ऐसा दस्तावेज है जिसमें बल प्रयोग की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया जाता है और जिसे आमतौर पर हर चार साल या उसके आसपास जारी किया जाता है। यह दस्तावेज काफी हद तक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति या एनएसएस के आसपास ही […]
Editorial: विकास के मजबूत संकेत, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुधारों पर जोर
वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा गुरुवार को संसद में पेश की गई। इस समीक्षा को वित्त मंत्रालय के अर्थशास्त्रियों ने मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार किया है और यह हाल की अन्य समीक्षाओं की तुलना में नए सिरे से व्यवस्थित की गई है। जैसा कि समीक्षा में कहा गया है, […]









