Editorial: ट्रंप की धमकियों से बढ़ी वैश्विक अनिश्चितता, सुरक्षित निवेश बने सोना-चांदी
जनवरी 2026 में अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड से संबंधित मांगों के कारण भू-राजनीतिक तनाव में इजाफा देखने को मिला। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक व्यापार में भी अनिश्चितता बढ़ी। इन धमकियों और अनिश्चितताओं का वैश्विक परिसंपत्तियों पर सीधा प्रभाव देखने को मिला। सोने और चांदी दोनों में बहुत अधिक तेजी देखने को मिली। वर्ष […]
India-EU FTA पर मुहर: वैश्विक व्यापार में नई शुरुआत, अब असली परीक्षा सुधारों की
भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर मंगलवार को हस्ताक्षर हुए। हाल के दिनों का यह दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा समझौता है जो दो अरब लोगों का बाजार तैयार करता है। बहरहाल, 16वीं भारत-यूरोपीय संघ शिखर बैठक और दोनों पक्षों के नेताओं का संवाद केवल व्यापार तक […]
Editorial: बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत का गणराज्य और तेज आर्थिक सुधारों की राह
वर्ष 2025 में भारत ने अपने संविधान को अपनाने के 75 साल का जश्न मनाया। इसने राष्ट्र को एक साथ आने का अवसर प्रदान किया ताकि अब तक की यात्रा का आकलन किया जा सके और आगे आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की जा सके। भारत जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनकी प्रकृति […]
Editorial: बिजली अधिशेष के बावजूद संकट में वितरण क्षेत्र
देश का बिजली क्षेत्र जिसकी पहचान एक समय बिजली की कमी, उसके बार-बार गुल होने और अत्यधिक घाटे से थी, अब उसके पास 500 गीगावॉट से अधिक की स्थापित क्षमता है और बिजली की कमी लगभग बीते कल की बात हो चुकी है। हर घर बिजली पहुंचाने में कामयाबी मिली है, नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य […]
ग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?
वैश्विक बाजारों ने उस समय राहत की सांस ली जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर आक्रमण करने और इसका विरोध करने वाले यूरोपीय सहयोगियों पर दंडात्मक शुल्क लगाने की धमकियों से पीछे हट गए। परंतु दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान उनका 70 मिनट लंबा भाषण जिसमें तनाव कम करने का संकेत था, […]
IMF का अलर्ट: AI बना ग्लोबल ग्रोथ का नया इंजन, लेकिन ‘डॉट-कॉम’ जैसे बुलबुले का खतरा भी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के जनवरी 2026 के विश्व आर्थिक पूर्वानुमान इस सप्ताह जारी किए गए जो बताते हैं कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस वैश्विक वृद्धि के एक अहम इंजन के रूप में उभरा है। 2026 के लिए वैश्विक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 3.3 फीसदी कर दिया गया है और यह मोटे तौर पर तकनीकी विकास और […]
Editorial: इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना नाकाफी, DGCA की भूमिका पर सवाल
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा गठित समिति के जांच रिपोर्ट सौंपने के करीब 20 दिन बाद इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दिसंबर में विमानन कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ानों को रद्द करने के मामले में यह कार्रवाई अपर्याप्त नजर आती है। नियामक को भारतीय हवाई अड्डों पर गत माह […]
Editorial: करीब ढाई साल की सुस्ती के बाद भारतीय आईटी उद्योग में सुधार के शुरुआती संकेत
बाजार की गतिविधियों, तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजों और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से संबद्ध अनुमान से पता चलता है कि यह उद्योग शुरुआती सुधार की दिशा में है। यह अभी शुरुआत है। हालांकि, भू-राजनीतिक अशांति, मुद्रा अस्थिरता, अमेरिका की वीजा प्रक्रियाओं में प्रमुख बदलाव और व्यापक रूप से डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन का अलग-थलग रहना, आदि […]
Editorial: सुप्रीम कोर्ट का फैसला और कर अनिश्चितता — विदेशी निवेश के लिए नया खतरा
सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में भारतीय कर प्राधिकरणों और टाइगर ग्लोब एवं अन्य (निर्धारिती) से संबंधित मामले में जो निर्णय दिया है, उसे देश के कर न्यायशास्त्र में एक ऐतिहासिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है। इस निर्णय का भारत में मौजूदा विदेशी निवेशों और भविष्य के निवेश प्रवाह पर महत्त्वपूर्ण असर […]
शहरी भारत में किफायती आवास संकट: नीति आयोग के सुझाव समाधान हैं या आधा-अधूरा इलाज?
भारत की शहरी आवास संबंधी चुनौती केवल अपर्याप्त ऋण उपलब्धता या गृह-स्वामित्व योजनाओं से ही संबंधित नहीं है। हमारे शहर इस तरह की परिस्थितियां बनाने में विफल हो रहे हैं जहां किफायती घर बनाना आर्थिक रूप से व्यवहार्य हो। इसके परिणामस्वरूप परिवारों को अनौपचारिक बस्तियों में रहना पड़ता है, लंबी दूरी तय करनी पड़ती है […]








