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गूगल ने भारत में एआई परियोजना पर शुरू किया काम, विशाखापत्तनम बनेगा ‘एआई-पत्तनम’औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार घटी, मार्च में 5 महीने के निचले स्तर 4.1% परयील्ड योजनाओं की बढ़ गई चमक: IPO की सुस्ती के बीच REITs, InvITs और NCDs बने निवेशकों की पहली पसंदसरकारी बैंकों में बोर्ड संकट गहराया: स्वतंत्र निदेशकों की कमी और नेतृत्व रिक्तियों से बढ़ी चिंताGoogle का बड़ा AI दांव: विशाखापत्तनम में बनेगा $15 अरब का एआई हब, 2 लाख नौकरियों की उम्मीदस्मॉल-मिडकैप शेयरों की जोरदार वापसी: युद्ध के झटके के बाद बाजार से बेहतर प्रदर्शन, आगे भी तेजी के संकेतकच्चे तेल की कीमतों में उछाल से रुपया कमजोर, बॉन्ड यील्ड में तेजी; डॉलर के मुकाबले दबाव बढ़ाNSE IPO में हिस्सा बेचेंगे टेमासेक, एलआईसी और कनाडा पेंशन फंड समेत 20 निवेशक, 2.75 अरब डॉलर का इश्यूSIF बाजार में आने को तैयार फंडों की नई कतार, AUM ₹10,000 करोड़ के पार पहुंचाEditorial: भारत-न्यूजीलैंड FTA के बाद CPTPP सदस्यता पर फिर तेज हुआ मंथन

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की सफल लिस्टिंग ने खोले दरवाजे, भारत में MNCs की लिस्टिंग का नया दौर शुरू

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की गत सप्ताह शानदार सूचीबद्धता हुई। इसने इश्यू कीमत से 50 फीसदी से अधिक लाभ अर्जित किया। जाहिर है इश्यू अवधि के दौरान निवेशकों ने इसमें जबरदस्त रुचि दिखाई। इस इश्यू के साथ ही एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स उन बहुराष्ट्रीय कंपनियों में शुमार हो गई है जो भारत में सूचीबद्ध हैं। ह्युंडै मोटर इंडिया […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: पीएफ के प्रबंधन में सुधार की जरूरत, आरबीआई की सिफारिशों पर विचार करेगा ईपीएफओ

सभी फंड प्रबंधकों का यही लक्ष्य होता है कि वे निवेशकों को बेहतर रिटर्न मुहैया कराएं लेकिन लंबी अवधि के दौरान कुछ ही फंड प्रबंधक लगातार इस लक्ष्य को हासिल कर पाते हैं। निवेश की जाने वाली राशि पर मिलने वाले रिटर्न को कई कारक प्रभावित करते हैं। इनमें फंड प्रबंधकों का कौशल भी शामिल […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

टैरिफ, निवेश और अनिश्चितता: अमेरिका की नीतियों का वैश्विक आर्थिक परिदृश्य

अमेरिका की व्यापार नीति से संबंधित अनिश्चितता अभी भी वैश्विक आर्थिक बहस पर हावी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा जारी वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) के अक्टूबर संस्करण में कहा गया कि वैश्विक वृद्धि में कमी के जोखिम अप्रैल की तुलना में थोड़े कम हुए हैं लेकिन अभी भी वे ऊंचे स्तर पर हैं। अब […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: स्वेरिजेस रिक्सबैंक पुरस्कार — इनोवेशन के लिए नोबेल

नोबेल शांति पुरस्कार के उलट अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाने वाला अर्थशास्त्र का स्वेरिजेस रिक्सबैंक पुरस्कार आमतौर पर राजनीतिक पुरस्कार नहीं माना जाता है। परंतु निश्चित तौर पर यह पुरस्कार ये तो बताता ही है कि मुख्य धारा में आर्थिक नीति को किस तरह देखा जा रहा है। पुरस्कार के शुरुआती वर्षों में […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

कियर स्टार्मर की भारत यात्रा: व्यापार, निवेश और सुरक्षा में बढ़ती साझेदारी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर की हालिया भारत यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों में हुए हाल में आई गर्मजोशी को आगे बढ़ाना था। इससे पहले गत जुलाई में दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर हुए थे। स्टार्मर के साथ यूके के कारोबारियों का अब तक […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: टिकाऊ कर व्यवस्था से ही बढ़ेगा भारत में विदेशी निवेश

यह बात तो सभी मानते हैं कि भारत को अपनी निवेश दर बढ़ाने और अपनी वृद्धि दर में टिकाऊ सुधार के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की आवश्यकता है। हालांकि, कर के मामले में अनिश्चितता अभी भी देश की कुल एफडीआई संभावनाओं के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। इस संदर्भ में नीति […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ में छाया स्वदेशी 4जी स्टैक, डिजिटल क्रांति बनी केंद्रबिंदु

नई दिल्ली में चल रहे दूरसंचार सम्मेलन में स्वदेशी 4 जी स्टैक और भारत में डिजिटल क्रांति प्रमुख विशेषताओं के रूप में उभरकर सामने आए हैं। ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के दूरसंचार क्षेत्र की उपलब्धियों को रेखांकित किया और भारत में निवेश, निर्माण और नवाचार की समयबद्धता […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

बहुपक्षीयता संकट में: अमेरिका और चीन के प्रभाव से वैश्विक व्यवस्था कमजोर

क्या बहुपक्षीय व्यवस्था में अभी दुनिया को देने के लिए कुछ शेष है? अपनी तमाम खामियों और अक्षमताओं के बावजूद यह हाल तक एक ऐसी व्यवस्था बनी रही जिसके तहत वैश्विक महत्त्व के मुद्दों को उठाया जाना चाहिए और उठाया जाता रहा है। इस व्यवस्था में खामियां तब पैदा हुईं जब अमेरिका ने उन दशकों […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: प्रतिस्पर्धा में हो सुधार, नीति आयोग ने दी चीन और आसियान पर ध्यान देने की सलाह

केंद्र सरकार को नीति आयोग के मुख्य कार्याधिकारी बीवीआर सुब्रह्मण्यम की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। सोमवार को सुब्रह्मण्यम ने कई दिलचस्प और महत्त्वपूर्ण बातें कहीं जो बताती हैं कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर भारत के नीतिगत विचार में क्या कमियां हैं और इस मामले में क्या करने की आवश्यकता है। कुछ अन्य बातों के […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: विषाक्त कफ सिरप से बच्चों की मौत ने नियामकीय सतर्कता पर उठाए सवाल

‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को उस समय झटका लगा जब खांसी का एक विषाक्त सिरप पीने से 14 बच्चों की मौत हो गई। इस सिरप में ऐसे औद्योगिक रसायन मिले जिन्हें आमतौर पर पेंट, स्याही और ब्रेक फ्लुइड में इस्तेमाल किया जाता है। इस घटना के बाद केंद्र और राज्य […]

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