Editorial: क्या प्रतिद्वंद्वी बन पाएंगे साझेदार? भारत-चीन संबंधों में ‘सकारात्मक गति’ के संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शांघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन गए हैं। यह सात वर्षों में उनकी पहली चीन यात्रा है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंधों में ‘सकारात्मक गति’ के संकेत मिल रहे हैं। ध्यान रहे कि लद्दाख में सीमा पर गतिरोध के कारण दोनों देशों के बीच […]
Editorial: अर्थव्यवस्था ने पहली तिमाही में दिखाई ताकत, लेकिन जोखिम अभी भी
आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमानों ने अर्थव्यवस्था के जानकारों और पूर्वानुमान लगाने वालों को चौंकाया है। गत सप्ताह जारी आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि जून तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी जो पांच तिमाहियों में उच्चतम है। […]
Editorial: सीखने की प्रक्रिया — सरकारी स्कूलों में अधिक जवाबदेही की आवश्यकता
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के नवीनतम समग्र मॉड्युलर शिक्षा सर्वेक्षण के नतीजों ने एक जाहिर तथ्य को रेखांकित किया है और वह यह कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था विफल हो रही है। यह हमारे जनसांख्यिकीय रुझानों को भी प्रभावित कर रहा है। सर्वेक्षण बताता है कि 2017-18 से शहरी और ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूलों में […]
Editorial: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ के बावजूद उत्पादकता और रोजगार की चुनौती बरकरार
बुधवार को जारी किया गया उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआई) 2023-24 यह संकेत देता है कि देश का विनिर्माण क्षेत्र वृद्धि कर रहा है लेकिन ढांचागत चिंताएं बरकरार हैं। वित्त वर्ष 24 में सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में मौजूदा मूल्य पर 11.9 फीसदी का इजाफा हुआ लेकिन समग्र उत्पादन 5.8 फीसदी की दर से बढ़ा जो […]
Editorial: ट्रंप टैरिफ से निपटने के लिए बातचीत जारी रखनी चाहिए
अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर शुल्क दरों को बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है। इसमें 25 फीसदी का वह अतिरिक्त शुल्क शामिल है जो भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के कारण जुर्माने के तौर पर लगाया गया है। भारत अपने निर्यात का करीब 20 फीसदी अमेरिका को करता है ऐसे में निर्यातकों पर इसका […]
Editorial: बैंकों को कॉरपोरेट विलय और अधिग्रहण के लिए फंडिंग की मिले अनुमति
देश के बैंकिंग क्षेत्र के नियामक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने संवेदनशील और अस्थिर क्षेत्रों में बैंकों की भागीदारी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कई कठोर नियम बनाए हैं। ये नियम उचित कारणों से लागू किए गए और उन्होंने एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य को पूरा किया है। 1992 के प्रतिभूति घोटाले में जब बैंकों के […]
Editorial: गोर की नियुक्ति नई चुनौती — ट्रंप से नजदीकी के चलते बढ़ी कूटनीतिक चिंताएं
सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का राजदूत और दक्षिण एवं पश्चिम एशियाई मामलों का विशेष दूत बनाए जाने की घोषणा के बाद भारत के लिए कुछ नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। फिलहाल भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध नाजुक दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में गोर की नियुक्ति के बाद हालात और […]
Editorial: RBI ने जारी किया मौद्रिक नीति ढांचे पर चर्चा पत्र: 4% महंगाई लक्ष्य कायम रखने पर जोर
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मौद्रिक नीति ढांचे को लेकर एक चर्चा पत्र जारी किया है। मुद्रास्फीति को लक्षित करने की लचीली व्यवस्था की दूसरी समीक्षा मार्च 2026 में होनी है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ने चर्चा के द्वार खोल दिए हैं। यह चर्चा पत्र स्पष्ट करता है कि मौजूदा ढांचा जो मुद्रास्फीति के लिए […]
Editorial: परमाणु ऊर्जा भारत की आर्थिक वृद्धि में हो सकती है सहायक, निजी क्षेत्र का सहयोग स्वागत योग्य कदम
केंद्र सरकार की योजना है कि यूरेनियम खनन, आयात, प्रसंस्करण और परमाणु ऊर्जा उत्पादन पर दशकों से चले आ रहे सरकारी एकाधिकार को समाप्त किया जाए और इसमें निजी क्षेत्र की कंपनियों को भागीदारी देने की पहल की जाए। यह अपने आप में एक महत्त्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाता है। नीतिगत बदलाव का पहला संकेत केंद्रीय […]
Editorial: मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ की राह में भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी बाधा, व्यापक सुधार की जरूरत
देश में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि में भूमि सर्वाधिक अहम और विवादस्पद कारक है। देश में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अक्सर धीमी और महंगी होती है। प्राधिकर की बहुतायत, भू-अभिलेखों का बिखराव, स्टांप शुल्क की असंगत दरें और स्वामित्व में अस्पष्टता आदि ऐसी समस्याएं हैं जो देरी और कानूनी विवादों की वजह बनती हैं। इससे […]









