facebookmetapixel
Advertisement
‘डिजिटल अरेस्ट’ को अलग अपराध बनाने पर विचार करे सरकार: सुप्रीम कोर्टकम वेतन से ISRO छोड़ रहे वैज्ञानिक? इस्तीफों के बाद सरकार ने नियम किए सख्तपेपर लीक बिल पर लोकसभा में घमासान, सत्ता और विपक्ष आमने-सामनेकॉपीराइट के नाम पर उगाही का आरोप, Delhi High Court ने केंद्र और Meta को नोटिस भेजापीएम का पोस्ट हटाने का मामला, मेटा के अधिकारी जोल कैपलन तलबसोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों से निपटने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 2 घंटे में देना होगा जवाबइंडिगो ने परिचालन संकट से ली सीख, सिस्टम मजबूत कर अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर फोकसटाटा कम्युनिकेशंस और टीटीबीएस लाएंगी छोटे उद्यमों के लिए एआई प्लेटफॉर्मभारत के स्पेस-टेक स्टार्टअप में बढ़ा निवेश, पांच साल में जुटाए 87 करोड़ डॉलरटाटा संस का मुनाफा 5 साल के निचले स्तर पर, राजस्व बढ़ने के बावजूद 36% की गिरावट

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: निर्यात को गति देने के लिए ‘मार्केट एक्सेस सपोर्ट’ काफी नहीं, संरचनात्मक सुधार भी उतने ही जरूरी

केंद्र सरकार ने 4,531 करोड़ रुपये की जो बाजार पहुंच सहयोग (मार्केट एक्सेस सपोर्ट) योजना घोषित की है, वह एक स्वागत योग्य कदम है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि यह ऐसे समय पर आई है जब निर्यातकों को धीमी होती वैश्विक मांग के साथ प्रमुख बाजारों मसलन अमेरिका आदि में उथल-पुथल का सामना करना पड़ रहा […]

आज का अखबार, संपादकीय

समान अवसर का मैदान: VI को मिलने वाली मदद सिर्फ उसी तक सीमित नहीं होनी चाहिए

वोडाफोन आइडिया (वीआई) को सरकार को अपने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) का बकाया चुकाने के लिए मिली पांच साल की मोहलत, वित्तीय संकट से जूझ रही इस दूरसंचार सेवा प्रदाता के लिए एक बड़ी राहत है। इस रियायत के बाद वीआई के पास यह अवसर होगा कि वह अपने 87,695 करोड़ रुपये के एजीआर बकाये […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

दिल्ली हवाई अड्डे की घटना से आगे: बढ़ता यात्री असंतोष और भारत की विमानन प्रणाली पर दबाव

दिल्ली हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एक्सप्रेस के ड्यूटी से बाहर पायलट द्वारा एक यात्री पर कथित हमले की घटना को किसी व्यक्ति के खराब आचरण का एक अलग मामला मानकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए। इसे विमानन प्रणाली में बढ़ते परिचालन और मानव पर दबाव के संकेत के रूप में देखना बेहतर होगा। वर्ष […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: गिग कर्मियों की हड़ताल ने क्यों क्विक कॉमर्स के बिजनेस मॉडल पर खड़े किए बड़े सवाल

साल 2025 के अंत में गिग कर्मियों और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के लिए काम करने वाले कामगारों के एक वर्ग द्वारा मेहनताने और काम के हालात को लेकर की गई हड़ताल ने क्विक कॉमर्स और फूड डिलिवरी कंपनियों को अपने कारोबारी मॉडल को नए सिरे से तैयार करने का अवसर प्रदान किया है। गिग कर्मचारियों की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम मोड़

इतिहास शायद वर्ष 2025 को एक ऐसे साल के रूप में याद करेगा जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने दशकों के दौरान बनी विश्व व्यापार व्यवस्था को उलट-पुलट करने का निर्णय लिया। अमेरिका द्वारा कथित जवाबी शुल्क लगाने और अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ व्यापार वार्ता शुरू करने से बड़े पैमाने पर अनिश्चितता और […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

अरावली पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: पर्यावरण संरक्षण के नजरिये पर पुनर्विचार का मौका

सर्वोच्च न्यायालय ने 20 नवंबर के अपने उस निर्णय पर रोक लगा दी है जिसमें सरकार की विशेषज्ञ समिति द्वारा दी गई अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा को बरकरार रखा गया था। यह कदम देश में पर्यावरण संरक्षण को लेकर गहरे दोषपूर्ण नजरिये में सुधार का अवसर प्रदान करता है। सर्वोच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

WTO पर अमेरिका की नई आपत्तियां: सुधार की कोशिश या बहुपक्षवाद को कमजोर करने की रणनीति?

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के अधीन अमेरिका की संघीय सरकार का बहुपक्षीय मामलों के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना मुश्किल है। इस बात की संभावना कहीं अधिक है कि वह समझौतों से बाहर निकल जाए, उन्हें नुकसानदेह घोषित करके रद्द कर दे और वैश्विक शासन को लेकर सब कुछ नष्ट कर देने का नजरिया अपनाए। खुद राष्ट्रपति […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: भारतीय रेलवे का एक वित्त वर्ष में दूसरी बार यात्री किराया बढ़ाकर राजस्व में सुधार का प्रयास

इस वित्त वर्ष में रेल यात्री किराये में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है जो 26 दिसंबर से लागू हुई है। यह बढ़ोतरी भारतीय रेल की परिचालन दक्षता में सुधार की मंशा को दर्शाती है। इस कदम के परिणामस्वरूप रेलवे से जुड़े प्रमुख शेयरों में लगभग 10 फीसदी तक की वृद्धि हुई, क्योंकि बेहतर राजस्व […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी: सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन नहीं, पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर सख्ती भी जरूरी

दिल्ली सरकार ने अगले साल संशोधित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लागू करने का निर्णय लिया है। यह स्वच्छ परिवहन में हुई प्रगति और वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केवल ईवी पर निर्भर रहने की संरचनात्मक सीमा को रेखांकित करता है। शहर की पहली ईवी नीति को वर्ष 2020 में अधिसूचित किया गया था। उसमें […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

प्रतिभूति बाजार संहिता 2025: कानूनों का एकीकरण, सेबी की बढ़ती शक्तियां और जवाबदेही की चुनौती

हाल ही में प्रस्तुत प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक, 2025 (एसएमसी 2025) तीन कानूनों की जगह लेगा। यह एकीकरण और सरलीकरण की दिशा में उठाया गया एक कदम है। विधेयक को जांच के लिए संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के पास भेजा गया है। ये तीन कानून हैं-प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम, 1956, भारतीय प्रतिभूति एवं […]

1 16 17 18 19 20 110
Advertisement
Advertisement