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त्योहारों में ऑनलाइन रिटर्न्स में तेजी, रिवर्स लॉजिस्टिक्स कंपनियों ने 25% से ज्यादा वृद्धि दर्ज की

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रिवर्स लॉजिस्टिक्स अंतिम उपयोगकर्ताओं से उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला के जरिये वापस आपूर्ति श्रृंखला में ही लौटाने की प्रक्रिया है

Last Updated- November 10, 2025 | 11:08 PM IST
E-Commerce

इस साल त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी में तेजी के साथ-साथ रिवर्स लॉजिस्टिक्स में भी उतनी ही तेजी देखने को मिली है। शिपरॉकेट, प्रोजो और जिपी जैसी कंपनियों के लिए रिटर्न वैल्यू में 25 फीसदी या उससे अधिक की वृद्धि हुई। रिटर्न में बढ़ोतरी की उम्मीद में इन थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स कंपनियों ने तेज और सुचारू रिवर्स लॉजिस्टिक्स प्रक्रिया सुनिश्चित करने के वास्ते बेहतर प्री सॉर्टिंग और रूटिंग के साथ-साथ बेहतर नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन का भी सहारा लिया।

रिवर्स लॉजिस्टिक्स अंतिम उपयोगकर्ताओं से उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला के जरिये वापस आपूर्ति श्रृंखला में ही लौटाने की प्रक्रिया है। इनमें अस्वीकृत, बिना डिलिवर किए गए सामान, रिटर्न और एक्सचेंज शामिल हैं।

जोमैटो और टेमासेक के निवेश वाली लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्लेटफॉर्म शिप रॉकेट ने कहा कि उसने रिटर्न और एक्सचेंज में तेजी लाने के वास्ते दृश्यता, स्वचालन और नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी के लिए, जहां कुल संसाधित ऑर्डर एक साल पहले के मुकाबले 30 फीसदी बढ़े, वहीं रिवर्स लॉजिस्टिक्स की मात्रा में भी साल भर पहले के मुकाबले 25 फीसदी की वृद्धि हुई।

शिपरॉकेट के मुख्य कार्य अधिकारी (डोमेस्टिक शिपिंग) अतुल मेहता ने कहा, ‘शिपरॉकेट का रिटर्न फीचर तुरंत पिकअप की तैयारी करता है और स्मार्ट रूटिंग एवं कई कूरियर भागीदारों के साथ एकीकरण के जरिये स्वचालित रिवर्स लॉजिस्टिक्स को सक्षम बनाता है। समय और लागत की सबसे बड़ी बचत आरटीओ (रिटर्न टु ओरिजिन) और एक्सचेंज वर्कफ्लो को पूर्वानुमानित विश्लेषण के जरिये स्वचालित करने से हुई, जिससे हमें असफल डिलिवरी रोकने, मैन्युअल हस्तक्षेप कम करने और माल ढुलाई लागत को कम करते हुए रिटर्न की पूरी प्रक्रिया के समय को कम करने में मदद मिली।’

उपभोक्ता ब्रांडों के लिए क्विक कॉमर्स लॉजिस्टिक्स को सशक्त बनाने वाली एक अन्य लॉजिस्टिक्स फर्म जिप्पी ने कहा कि कंपनी त्योहारों के दौरान की तेजी को संभालने के वास्ते छोटे-छोटे केंद्र, स्मार्ट रूटिंग और ड्राइवर पूल तैयार किए हैं।

प्लेटफॉर्म के संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी माधव कस्तूरिया ने कहा, ‘हमने तीन स्तरीय रिटर्न स्टैक, हमारा ट्राय ऐंड बाय फ्लो, डिलिवरी के वक्त प्री इम्पिटल क्यूसी टैगिंग, छोटे-छोटे केंद्र आधारित मजबूती और पार्टनर एपीआई के जरिये लाइव एक्सचेंज ट्रिगर्स पेश किए हैं। सबसे बड़ा असर पिकअप प्वाइंट पर स्मार्ट प्री सॉर्टिंग से देखने को मिला है। ड्राइवर अब जिप्पी ऐप के जरिये रिटर्न श्रेणियों (दोबारा बिक्री योग्य, नवीनीकरण योग्य और छोड़ने योग्य) की मौके पर ही पुष्टि कर लेते हैं।’ प्लेटफॉर्म पर पिछले साल के मुकाबले ऑर्डर वॉल्यूम में 3.8 गुना वृद्धि देखी गई और कुल रिटर्न करीब 5 फीसदी रहा।

दोनों प्लेटफॉर्म ने बताया कि उन्होंने इंटेलिजेंट वेयरहाउस मैपिंग की शुरुआत की है, जिससे रिटर्न को लंबे रास्तों के बजाय तेजी से जांच करने और दोबारा भंडार में रखने के लिए नजदीकी प्रसंस्करण केंद्र अथवा स्थानीय केंद्र तक पहुंचाया जा सकता है।

वेयरहाउस और फुलफिलमेंट सॉल्यूशंस प्लेटफॉर्म प्रोजो ने कहा कि कंपनी ने ‘फर्स्ट रिसीव, फर्स्ट क्लोज’ आधार पर रिटर्न संसाधित किए, जिससे रिटर्न की बढ़ती कतार को रोकने में मदद मिली। प्लेटफॉर्म के संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी अश्विनी जाखड़ ने बताया, ‘ऑर्डर की मात्रा में 20 से 25 फीसदी की वृद्धि और रिवर्स फ्लो भी अधिक रहने के बावजूद प्रोजो ने रिटर्न एवं एक्सचेंज में 95 फीसदी से अधिक एसएलए (सेवा स्तर समझौता) का पालन बरकरार रखा।’

लॉजिस्टिक्स फर्म द्वारा रिवर्स लॉजिस्टिक्स को कम करने के प्रयासों के बावजूद जिप्पी और प्रोजो ने रिटर्न की सुविधा देते हुए लागत में 5 से 8 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की। जिप्पी के कस्तूरिया ने कहा, ‘हमारी रिवर्स फुलफिलमेंट लागत में एक साल पहले के मुकाबले करीब 5 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो त्योहारी मांग में तेजी के अनुरूप है। मुख्य बात है कि मात्रा करीब 4 फीसदी बढ़ी है, लेकिन उस लिहाज से लागत में इजाफा नहीं हुआ। यह परिचालन क्षमता का असर दिखाता है।’

प्रोजो के जाखड़ ने कहा कि फुलफिलमेंट और रिवर्स लॉजिस्टिक्स में इकाई लागत एक साल पहले के मुकाबले करीब 5 से 8 फीसदी बढ़ी है, जो ईंधन, परिवहन मुद्रास्फीति, सर्ज सीजन मैनपावर और अतिरिक्त पैकेजिंग एवं सुरक्षा उपायों के कारण हुई है। उन्होंने कहा, ‘मगर नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन, रूट रेशनलाइजेशन और एआई आधारित प्रक्रिया दक्षता के जरिये हम इन दबावों को कुछ हद तक कम करने और त्योहारी भीड़ के दौरान बेहतर सेवा स्तर बरकरार रखने में सक्षम रहे।’

सबसे अधिक रिटर्न वाली श्रेणियों में फैशन एवं परिधान शीर्ष पर है। उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स का स्थान है। शिपरॉकेट के मेहता ने कहा, ‘इस बार त्योहारों के दौरान फैशन ऐंड लाइफस्टाइल श्रेणी में सबसे ज्यादा रिटर्न देखने को मिला। उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सौंदर्य उत्पाद का स्थान रहा। साइज अथवा फिटिंग की समस्या, ग्राहकों द्वारा कई तरह के ऑर्डर करने (तुलना करने के वास्ते) और मार्केटप्लेस द्वारा रिटर्न की समयसीमा कम रहने जैसी इसकी प्रमुख वजह रही।’ जिप्पी ने भी इसी प्रवृत्ति पर जोर दिया।

प्रोजो ने यह भी बताया कि त्योहारों के दौरान परिधान और जूते को रिटर्न करने की दर सबसे अधिक रही। इसका मुख्य कारण रहा कि लोगों ने ट्रायल करने के लिए या उपहार में देने के लिए खरीदारी की। इसके अलावा, फिटिंग, आकार और रंग का बेमेल होना भी रिटर्न का प्रमुख कारण रहा।

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First Published - November 10, 2025 | 11:00 PM IST

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