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कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज: EPFO वेतन सीमा और न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर जल्द फैसला लेगी सरकार

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के 21वें अखिल भारतीय त्रैवार्षिक सम्मेलन में मांडविया ने कहा कि बीएमएस ने हाल की बैठकों में इन मुद्दों को उठाया था

Last Updated- February 07, 2026 | 1:00 PM IST
EPFO
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) वेतन सीमा बढ़ाने, न्यूनतम फ्लोर वेज तय करने और कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (ईपीएस) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के मामले पर केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय जल्द ही निर्णय लेगा। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को यह बात कही।

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के 21वें अखिल भारतीय त्रैवार्षिक सम्मेलन में मांडविया ने कहा कि बीएमएस ने हाल की बैठकों में इन मुद्दों को उठाया था। अब केंद्र सरकार इन मामलों की जांच करेगी और श्रमिकों के हित में निर्णय लेगी। वर्तमान में ईपीएफओ की वेतन सीमा 15,000 रुपये, जबकि ईएसआईसी के लिए यह 21,000 रुपये प्रति माह है। इस बीच, ईपीएस के लिए न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये प्रति माह है। श्रम मंत्रालय का इरादा मार्च 2026 तक 100 करोड़ श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है, जो वर्तमान में लगभग 94 करोड़ है। आईएलओस्टेट डेटाबेस के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2025 में भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 64.3 प्रतिशत रहा, जो एक दशक पहले 19 प्रतिशत ही था।

इस मामले से अवगत लोगों के अनुसार ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने हाल की कई बैठकों में ईपीएफओ और ईएसआईसी के लिए न्यूनतम वेतन सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ट्रेड यूनियनों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनती है, इस बारे में उनके सुझाव अलग-अलग हैं।

मांडविया ने शुक्रवार को अपने संबोधन में कहा कि उद्योग और श्रमिकों के बीच खींचतान विकास के लिए हानिकारक है। श्रमिकों के कल्याण के लिए दोनों के बीच आपसी सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रम संहिता उद्योग और यूनियनों के बीच समन्वय को बढ़ावा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि नई संहिता पुरुषों और महिलाओं के बीच समान वेतन सुनिश्चित करेगी त​था मजदूरी में भेदभाव को समाप्त करेगी।

नौ पुराने श्रम कानूनों की जगह लेने वाली सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए नए प्रावधान लागू किए गए हैं। वेतन संहिता, 2019 में कहा गया है कि केंद्र एक राष्ट्रीय स्तर पर वेतन खाका तय करेगा, जो सभी राज्यों में समान रूप से लागू होगा, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई सीमा तय नहीं की गई है।

First Published - February 7, 2026 | 12:59 PM IST

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