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IIT मद्रास का बड़ा कदम: ₹600 करोड़ के डीप टेक फंड से स्टार्टअप्स को मिलेगी नई उड़ान

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आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क और यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स द्वारा डीप टेक स्टार्टअप्स की सहायता हेतु 600 करोड़ रुपये का फंड लॉन्च किया गया है

Last Updated- February 07, 2026 | 12:58 PM IST
IIT Madras
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के पहले विश्वविद्यालय-आधारित रिसर्च पार्क और आधुनिक प्रौद्योगिकी के विस्तार में अग्रणी भूमिका निभाने वाले आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क ने देश की अग्रणी डीप-टेक वेंचर कैपिटल फर्म यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स के साथ मिलकर 600 करोड़ रुपये का डीप टेक फंड शुरू किया है। इस फंड में 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ग्रीनशू विकल्प भी शामिल होगा।

यह फंड बौद्धिक संपदा आधारित और इंजीनियरिंग-प्रधान स्टार्टअप में निवेश करेगा और ऐसी 25 से अ​धिक कंपनियों का पोर्टफोलिया बनाएगा, जो रोबोटिक्स, स्पेस टेक्नॉलजी, रक्षा तकनीक, सेमीकंडक्टर और चिकित्सा प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय रणनीतिक हितों के अनुरूप काम कर रही हों।

आईआईटी मद्रास देश का प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान है। इसने शिक्षा और नवाचार में उत्कृष्टता के लिए नैशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में लगातार दस वर्षों तक नंबर 1 स्थान हासिल किया है। यह बौद्धिक संपदा निर्माण में देश का अग्रणी संस्थान है, जिसके नाम प्रति दिन औसत एक से अ​धिक पेटेंट कराने का रिकॉर्ड है।

आईआईटी मद्रास के निदेशक और शक्ति माइक्रोप्रोसेसर विकसित करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले कामकोटि वीझिनाथन ने कहा, ‘विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसमें प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रभुत्व, एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा तकनीक और क्वांटम टेक्नॉलजी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके लिए तकनीक आयात पर निर्भरता कम करने एवं स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। आईआईटी मद्रास एक दशक से अधिक समय से इस मामले में सबसे आगे रहा है। यह फंड हमारे लिए एक और महत्त्वपूर्ण कदम है।’ 

आईआईटी मद्रास की नवाचार और व्यावसायीकरण क्षमता को बढ़ाने में आईआईटीएम रिसर्च पार्क प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यहां कई वैश्विक शोध और विकास की प्रयोगशालाएं, उत्कृष्टता केंद्र और सहायक तकनीकी ढांचा मौजूद हैं। आईआईटीएम रिसर्च पार्क और आईआईटीएम इनक्यूबेशन सेल ने ट्रांसलेशनल रिसर्च, व्यावसायीकरण और स्पेसटेक, कम्युनिकेशंस, क्लाइमेटेक, ईवी, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और डिफेंसटेक में अत्याधुनिक डीप टेक स्टार्टअप को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

स्टार्टअप के लिए नवाचार तंत्र को और मजबूत करने तथा विकास यात्रा को गति देने के लिए इस पार्क ने यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स को डीपटेक फंड के लिए फंड मैनेजर के रूप में चुना है। औसतन 8 से 10 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश के साथ निवेश रणनीति को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। फंड का उपयोग शुरुआती चरण के आधुनिक प्रौद्योगिकी से जुड़े स्टार्टअप में किया जाएगा, जो टेक्नॉलजी रेडीनेस लेवल 3-4 तक पहुंच चुके हैं, जिसका उद्देश्य उच्च-संभावित नवाचारों की पहचान करना है।

इसके माध्यम से यह भी सुनि​श्चित किया जाएगा कि पोर्टफोलियो कंपनियों को पूंजी की कमी न हो। क्योंकि डीप टेक में दीर्घकालिक निवेश करना पड़ता है। ऐसे में यह फंड टेक्नॉलजी रेडीनेस लेवल 7-9 तक पहुंच चुके उन स्टार्टअप का भी समर्थन करेगा, जिन्हें जल्द बाजार में उतरने की जरूरत होती है।

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First Published - February 7, 2026 | 12:58 PM IST

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