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PFC और REC के विलय को बोर्ड की मंजूरी: देश में बनेगी बिजली क्षेत्र की सबसे बड़ी NBFC

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यह विलय गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कार्य क्षमता मजबूत करने के लिए सरकार की एक व्यापक योजना का हिस्सा है

Last Updated- February 07, 2026 | 1:22 PM IST
PFC REC Merger
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सरकार नियंत्रित पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) के निदेशक मंडल (बोर्ड) ने सहायक कंपनी आरईसी के साथ उसके विलय के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। पीएफसी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यह विलय गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की कार्य क्षमता मजबूत करने के लिए सरकार की एक व्यापक योजना का हिस्सा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को अपने बजट भाषण में कहा था कि सरकार ने ऋण वितरण और तकनीक अपनाने के स्पष्ट लक्ष्यों के साथ विकसित भारत के लिए एनबीएफसी के लिए दृष्टकोण की रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र के एनबीएफसी की दक्षता में सुधार करने के लिए पहले कदम के रूप में पीएफसी और आरईसी का पुनर्गठन किए जाने का प्रस्ताव है।

पीएफसी ने शुक्रवार को अपने बोर्ड की बैठक के बाद एक स्टॉक एक्सचेंज को भेजी जानकारी में कहा,‘पीएफसी के निदेशक मंडल ने बजट घोषणा पर ध्यान दिया और पीएफसी और आरईसी के विलय के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है कि पीएफसी कंपनी अधिनियम, 2013 और अन्य लागू कानूनों के तहत एक सरकारी कंपनी बनी रहेगी।’

इसमें कहा गया है कि विस्तृत विलय योजना अंतिम रूप दिए जाने और आवश्यक मंजूरी हासिल होने के बाद साझा की जाएगी। विशेषज्ञों ने बजट घोषणा की सराहना करते हुए कहा था कि पीएफसी और आरईसी के पुनर्गठन से स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को ऋण की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।

पीएफसी ने मार्च 2019 में केंद्रीय मंत्रिमंडल से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद आरईसी लिमिटेड में सरकार की 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी 14,500 करोड़ रुपये में खरीद ली थी और दोनों इकाइयां वर्तमान में नियंत्रक और सहायक कंपनियों के रूप में काम कर रही हैं।

पीएफसी एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है जो 1990 से भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के साथ एनबीएफसी के रूप में पंजीकृत है और 2010 में इसे सार्वजनिक वित्तीय संस्थान (पीएफआई) घोषित किया गया था। कंपनी बिजली क्षेत्र  में ग्राहकों के लिए परियोजना अवधारणा चरण से लेकर शुरुआत के बाद के चरण तक वित्तीय उत्पाद और सेवाएं प्रदान करती है।

पीएफसी भारत सरकार की बिजली क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के लिए एक अधिकृत (नोडल) एजेंसी भी है जिसमें अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स (यूएमपीपी), इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) और इंडिपेंडेंट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स (आईटीपी) शामिल हैं।

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First Published - February 7, 2026 | 12:44 PM IST

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